
रूद्र ना० यादव/१९ नवंबर २०११
रेखा देवी को अब जिसने भी देखा दांतों तले अंगुली दबा ली.शंकरपुर प्रखंड के कवियाही ग्रामीण बाजार पर चाय बेचती रेखा वर्तमान में मौरा झरकाहा पंचायत की पंचायत समिति सदस्य हैं.चन्देश्वरी मुखिया की पत्नी रेखा का परिवार अभी भी गरीबी की मार झेल रहा है.परिवार निहायत गरीब है और इस चाय की दुकान ने परिवार को एक मजबूत सहारा दे रखा है.अब जहाँ लोग
पंचायत चुनाव जीतते ही लग्जरी गाड़ियों पर चढ़ना शुरू कर देते हैं,वहीं रेखा देवी अब भी चाय बेचकर ही परिवार का गुजर बसर करना बेहतर समझती है.ईमानदारी का ऐसा उदाहरण शायद ही जिले में किसी और जनप्रतिनिधि ने दिखाई हो.रेखा देवी का कार्यालय भी मानो उसकी चाय की ही दुकान है.जनता के आवेदनों को लेना तथा समस्याओं को सुनना भी वे वहीं काम करते हुए ही करना पसंद करती हैं.मधेपुरा टाइम्स को रेखा
देवी बताती हैं कि लोगों ने मुझे काम करने के साथ ईमानदारी बरकरार रखने के लिए ही चुना है.ऐसे में लूट की योजनाओं कमीशन लेकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना जनता के साथ बड़ा विश्वासघात होगा.रेखा देवी ने इस चुनाव में पूर्व पंचायत समिति सदस्य तेतरी देवी को ४०० से अधिक मतों से पराजित किया था.रेखा देवी के ईमानदारी का आलम ये है कि ये क्षेत्र में मनरेगा जैसी योजनाओं की भी अनुशंसा करती हैं,जहाँ लूट ही लूट मचे हैं.पर ऐसे कामों में भी अपने को भ्रष्टाचार से बचाए रखना सचमुच एक बड़ी बात है.पति चन्देश्वरी मुखिया भी रेखा की ईमानदारी से खुश नजर आते हैं,कहते हैं जनता का पैसा खाना महापाप है.रेखा देवी का मानना है कि लोग उसकी ईमानदारी देखेंगे तो कल मुखिया और परसों विधायक भी बना सकते हैं,पर हर स्थिति में जनता की सेवा करना उनका धर्म होगा.
पंचायत चुनाव जीतते ही लग्जरी गाड़ियों पर चढ़ना शुरू कर देते हैं,वहीं रेखा देवी अब भी चाय बेचकर ही परिवार का गुजर बसर करना बेहतर समझती है.ईमानदारी का ऐसा उदाहरण शायद ही जिले में किसी और जनप्रतिनिधि ने दिखाई हो.रेखा देवी का कार्यालय भी मानो उसकी चाय की ही दुकान है.जनता के आवेदनों को लेना तथा समस्याओं को सुनना भी वे वहीं काम करते हुए ही करना पसंद करती हैं.मधेपुरा टाइम्स को रेखा
देवी बताती हैं कि लोगों ने मुझे काम करने के साथ ईमानदारी बरकरार रखने के लिए ही चुना है.ऐसे में लूट की योजनाओं कमीशन लेकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना जनता के साथ बड़ा विश्वासघात होगा.रेखा देवी ने इस चुनाव में पूर्व पंचायत समिति सदस्य तेतरी देवी को ४०० से अधिक मतों से पराजित किया था.रेखा देवी के ईमानदारी का आलम ये है कि ये क्षेत्र में मनरेगा जैसी योजनाओं की भी अनुशंसा करती हैं,जहाँ लूट ही लूट मचे हैं.पर ऐसे कामों में भी अपने को भ्रष्टाचार से बचाए रखना सचमुच एक बड़ी बात है.पति चन्देश्वरी मुखिया भी रेखा की ईमानदारी से खुश नजर आते हैं,कहते हैं जनता का पैसा खाना महापाप है.रेखा देवी का मानना है कि लोग उसकी ईमानदारी देखेंगे तो कल मुखिया और परसों विधायक भी बना सकते हैं,पर हर स्थिति में जनता की सेवा करना उनका धर्म होगा. देखने वाली बात ये भी है कि विधायक और सांसद को भी जनता ही चुनती है पर उन्हें सरकार कई प्रकार के भत्ते भी जीवन यापन के नाम पर मुहैया कराती है,पर रेखा देवी जैसे ईमानदार जनप्रतिनिधि भले ही जनता के द्वारा चुने गए हों,पर सरकारी उपेक्षा का शिकार हैं.जो भी हो, चाय बेचकर भी रेखा संतुष्ट नजर आती है जो आज के दौर के भ्रष्ट जनप्रतिनिधियों के मुंह पर एक तमाचा है.
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Aaj Bihar aur sach me kaha jaye tho pure bharat ko aise hi Jan Pratinidhi ki Jaroorat hai….asha karte hai bhavishya me hame au bhi is tarah ke example milte rahe hai…Aur jo aaj ke bhrast aur currupt Neta log hai, wo inse kuch seekh le….