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Saturday, April 16, 2022

मधेपुरा: पुलिस का अमानवीय चेहरा आया सामने,पूछताछ के लिए थाना लाए गए चश्मदीद और एक अन्य को बेरहमी से की पिटाई




पप्पू मेहता/उदाकिशुनगंज/ बिहारीगंज(मधेपुरा) : मधेपुरा पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया है। पूछताछ के लिए थाना लाए गए चश्मदीद और एक अन्य को बेरहमी से पिटाई की है। इसमें चश्मदीद श्यामल मेहता के दिमाग पर शार्ट लगाकर टार्चर किया गया। उनकी दिमागी हालत खराब हो गया है। चश्मदीद अपने स्वजन को भी नहीं पहचान पा रहे हैं। उन्हें मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। वहां भी वह पागलों की तरह इधर-उधर भाग रहा है। किसी तरह स्वजन उसे शांत कराने की कोशिश में जुटे हैं। यद्यपि दिमागी हालत सही नहीं होने की वजह से मेडिकल कालेज के चिकित्सक ने स्वजन को अन्यत्र बेहतर ईलाज की सलाह दी है। मामला जिले के उदाकिशुनगंज अनुमंडल के बिहारीगंज थाना पुलिस से जुड़ा हुआ है। मामले में एसपी राजेश कुमार ने आरोपित बिहारीगंज थानाध्यक्ष रणवीर कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं गम्हरिया थाना में पदस्थापित अमित कुमार को बिहारीगंज का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है। उदाकिशुनगंज एसडीपीओ सतीश कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच जारी है। मालूम हो कि 31 मार्च की अल सुबह बिहारीगंज थाना क्षेत्र के जौतेली पंचायत अंतर्गत रामपुर डेहरू गांव में डेयरी संचालक मनोहर मेहता (35) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में मनोहर के भाई पिटू कुमार ने थाना में केस दर्ज कराया। इसमें पंचायत के मुखिया अफसाना बेगम और उनके पति सिकंदर अंसारी सहित पांच लोगों को आरोपित किया गया। घटना के सिलसिले में पूछताछ के लिए 14 अप्रैल को पुलिस ने गांव के संतोष कुमार जो कि मृतक के मसौरे भाई हैं को थाना बुलाया। वहां पुलिस ने रात भर उसे रखा। स्वजन के मुताबिक पुलिस संतोष पर श्यामल को हत्याकांड में होने का बयान देने का दवाब बनाया जा रहा था। बयान नहीं देने पर उसकी पिटाई की गई। इसके बाद स्वजन के पहुंचने पर पुलिस ने संतोष को छोड़ दिया। संतोष की दशा को देखकर स्वजन ने पहले बिहारीगंज और अब मधेपुरा मेडिकल कालेज में इलाज के लिए भर्ती कराया है। उसके बाद 15 अप्रैल को पुलिस ने घटना के चश्मदीद श्यामल मेहता व बाबूलाल को थाना बुलाया। बाबूलाल को तो पुलिस ने पूछताछ के बाद ही छोड़ दिया। जबकि श्यामल को पुलिस थाना पर ही रख लिया। स्वजन के मुताबिक पुलिस ने श्यामल को भी बेरहमी से पीटा। जब पुलिस के मनमाफिक बयान देने को श्यामल तैयार नहीं हुए तो उसके दिमाग को शार्ट लगाकर टार्चर किया गया। हालत बिगड़ता देख पुलिस ने उसे मधेपुरा मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। स्वजन का आरोप है कि पुलिस मेडिकल कालेज में भर्ती करा कर फरार हो गई। स्वजन ने पिटाई का आरोप उदाकिशुनगंज के एसडीपीओ व बिहारीगंज थानाध्यक्ष पर लगाया है। इस घटना से गांव वाले आक्रोशित हैं।

पूरे मामले की जांच जारी है। फिलहाल मामले में बिहारीगंज थानाध्यक्ष रणवीर कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है।

सतीश कुमार

एसडीपीओ

उदाकिशुनगंज (मधेपुरा)


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