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Wednesday, December 8, 2021

Purnia: मनीषा और शिव ने किया था प्रेम विवाह, बीच में आ गया शम्‍स, पुलिस को बेटी ने सुनाई पूरी दास्‍तां, सिहर जाएंगे आप


पूर्णिया। पूर्णिया के सौरा में मिला शव पहचान के मनीषा स‍िंह के रूप में हुई। मनीषा हत्या पति, पत्नी और वो की चक्कर में होने का मामला सामने आया है। मनीषा सिंह अपने आठ साल की बेटी के साथ किराए के मकान में रहती थी। उसके पिता शिव कुमार मिश्रा पटना में जाब करते हैं। मनीषा पूर्णिया के बाइपास रोड स्थित महेन्द्रा शो रूम में कंप्यूटर आपरेटर का काम करती थी। उसकी हत्या मो. शम्स नामक युवक द्वारा किए जाने की बात जांच में सामने आई है। इसके पहले मनीषा की बेटी ने भी इस बात का खुलासा किया था की उसकी मां को शम्स ने फोन कर बुलाया था और उसके बाद उसकी मां नहीं लौटी। जांच में खुलासा हुआ है की मनीषा को आखिरी बार शम्स ने ही फोन कर घर से बुलाया तथा उसके बाद उसकी हत्या कर शव को फेंक दिया। शम्स मरंगा थाना क्षेत्र के लालगंज का रहने वाला है तथा मिल्की चौक पर पुराने वाहनों की खरीद बिक्री का काम करता था।



मनीषा की हत्या के बाद से शम्स का मोबाइल फोन स्वीच आफ हो गया है। शम्स के इस मामले में पुलिस लगातार ढूंढ रही है। जांच में यह बात भी सामने आई है की शम्स और मनीषा में अक्सर एक दिन में की कई बार घंटों तक बात होती थी। मोबाइल काल डिटेल से यह भी खुलासा हुआ कि बातचीत का यह दौर काफी देर तक और देर रात तक चलता था। मनीषा को जब शम्स ने आखिरी बार फोन कर बुलाया उसके डेढ़ घंटे बाद से ही उसका मोबाइल फोन स्वीच आफ हो गया। मनीषा जिस छोटे वाले फोन को लेकर घर से गयी थी वह मोबाइल फोन भी गायब है।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है की मनीषा की अपने पति से अनबन चल रही थी और वह शम्स के साथ जुड़ी हुई थी। शम्स अक्सर मनीषा के घर भी आया जाया करता था और मनीषा भी उसके साथ बाहर जाया करती थी। कई बार दोनों के बीच विवाद होने की बात भी जांच में सामने आई है। मनीषा की बेटी खुशी ने पुलिस को बताया की जब शम्स ने उसकी मां को आखिरी बार फोन कर बुलाया तो उसे छोटा वाला फोन लेकर ही आने को कहा। पुलिस का दावा है की शम्स की गिरफ्तारी के बाद इस मामले पर से पर्दा उठ जाएगा।


मनीषा और उसके पति शिव कुमार मिश्रा एक साथ बेगूसराय में कालेज में पढ़ते थे बाद में दोनों ने 2013 में प्रेम विवाह कर लिया। लेकिन यह रिश्ता कुछ दिनों में ही टूट गया। मनीषा की मौत की सूचना के बाद उसके पति शिव कुमार मिश्रा तो नहीं आए लेकिन उनका भाई अमित कुमार घटना के बाद जरूर पहुंचे। उन्होंने बताया की वे लोग बेगूसराय के चकिया गांव के रहने वाले हैं।

मनीषा को मुखाग्नि देने ना तो पति आया और ना ही प्रेमी, आठ साल की मासूम बेटी का अब क्‍या होगा?

पूर्णिया। आखिर बिना मुखाग्नि की ही मनीषा की चिता पूर्णिया शहर के बायपास श्मशान घाट पर धू-धूकर जल गई। सात फेरों की डोर भी इस चिता को किनारा नहीं दे पाया। पुलिस भी पूरी स्थिति पर भौचक्क थी। श्मशान से सभी लौटे मगर उतरी किसी ने नहीं ली। इस चिता के साथ मनीषा की आठ वर्षीय पुत्री भी बेसहारा हो गई। फिलहाल चाचा के घर उसको पनाह मिली है, लेकिन यह स्थाई पनाह है या नहीं, इसको लेकर पुलिस भी संशय में है।
दरअसल, मनीषा के दर्दनाक अंत की यह कहानी में कई धाराएं हैं। बेगुसराय की मूल निवासी मनीषा स‍िंह ने 2013 में साथ पढऩे वाले बेगुसराय के ही शिव कुमार मिश्रा से प्रेम विवाह किया था। दोनों की जिंदगी मजे में कट रही थी। इस दौरान मनीषा ने एक बच्ची को भी जन्म दिया, जो अब आठ वर्ष की हो चुकी है। इधर चार वर्ष पूर्व निजी मामलों को लेकर दोनों में दरार पैदा हो गया। समझा यह जा रहा है कि इस विवाद का जड़ उक्त शम्स नामक व्यक्ति ही है, जो अनायास ही मनीषा की जिंदगी में टपक पड़ा था और आखिरकार उसकी हत्या का सूत्रधार भी बन गया। इससे विलग मनीषा व शिव के संबंध इस कदर बिगड़ चुके थे कि गत चार साल से दोनों ने मिलना-जुलना भी पूरी तरह बंद कर दिया था।
शिव पटना में रह रहा है और मनीषा पूर्णिया में बेटी के साथ रह रही थी। स्थिति यह हुई कि मनीषा की हत्या की सूचना के बाद भी शिव ने पूर्णिया आना भी उचित नहीं समझा। यहां तक जब शव की शिनाख्त हुई और उसके अंतिम संस्कार की बात आई तो श्मशान घाट पर अजीब स्थिति पैदा हो गई। शव की शिनाख्त को पहुंचे देवर ने भी मनीषा को मुखाग्नि देने से साफ इंकार कर दिया। पुलिस ने मनीषा के इकलौते भाई से जब संपर्क किया तो वह गजियाबाद में था। वह गजियाबाद में ही मजदूरी करता है। उसने तत्काल पहुंचने में असमर्थता जताई।

 

इधर पति शिव कुमार मिश्रा ने भी यहां आने से साफ मना कर दिया। ऐसे में बिना मुखाग्नि के ही चिता में आग लगा दी गई। मनीषा की इस दुखद अंतिम यात्रा की कहानी हर किसी को हैरत में डाल दिया। इधर मनीषा की आठ वर्षीय बेटी का भविष्य भी अंधेरे में डूब गई है। उसकी खोज खबर भी अब तक पिता ने नहीं ली है। सदर एसडीपीओ ने बताया कि फिलहाल बच्ची को मनीषा के देवर को सुपुर्द किया गया है।

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