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Monday, March 8, 2021

बिहार में बेटी हो तो उत्सव मनाएं:जन्म से ही धन लाभ, PG तक पढ़ाई फ्री, इंटर-ग्रेजुएशन में स्कॉलरशिप भी; उद्यमी बनें तो 10 लाख, बाल विवाह न करें तो भी पैसा

बिहार में बेटी हो तो उत्सव मनाएं:जन्म से ही धन लाभ, PG तक पढ़ाई फ्री, इंटर-ग्रेजुएशन में स्कॉलरशिप भी; उद्यमी बनें तो 10 लाख, बाल विवाह न करें तो भी पैसा

बिहार को लोग लाख पिछड़ा कहें, लेकिन लड़कियों के लिए इस राज्य में सुविधाएं जानकर आप चौंक जाएंगे। बेटियां शुभ होती हैं, इसलिए इनके जन्म, पढ़ाई, स्वास्थ्य…हर नजरिए से सरकार सुविधा दे रही है। बेटियां पढ़ें, आगे बढ़ें और उनकी शादी में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए राज्य सरकार उन्हें कई तरह की रियायतें दे रही हैं। आर्थिक मदद के लिए कई तरह की योजनाएं चला रही हैं। कुछ सुविधाएं हर वर्ग के लिए हैं और कुछ खास वर्गों के लिए। आइए जानते हैं उन योजनाओं के बारे में, जिनसे बिहार की बेटियों को नई उड़ान मिल रही है-

बेटी हो तो मिलते हैं ₹ 5000

बिहार में मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत बेटी पैदा होने पर अभिभावकों को सरकार 5000 रुपए देती है। कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए यह योजना चलाई जा रही है। एक परिवार में अधिकतम 2 लड़कियों के लिए है। इसके तहत लड़की के 18 साल हो जाने पर सरकार कुल 25 हजार रुपए बैंक खाते में भेजती है।

कैसे उठाएं लाभः

  • माता-पिता अपना आधार कार्ड, बैंक अकाउंट डिटेल्स और जच्चा-बच्चा की तस्वीर लेकर पास के आंगनबाड़ी केंद्र में जमा कराएं। बच्ची का फॉर्म अगर 0-1 साल के अंदर भरा जाएगा तो बर्थ सर्टिफिकेट नहीं लगेगा, लेकिन इसके बाद जन्म प्रमाणपत्र अनिवार्य है। इस योजना का लाभ सामान्य, पिछड़ा और अति पिछड़ा सभी को मिलता है।
  • बच्ची सरकारी अस्पताल में होती है तो वहीं उसका फॉर्म भरवा दिया जाता है। घर या प्राइवेट अस्पताल में हो तो आंगनबाड़ी केंद्र में सेविकाएं ICDS का फॉर्म भरवाएंगी, जिसके बाद सीधे अकाउंट में पैसा जाएगा।
  • बच्ची अगर 1 साल से कम की है तो उसका आधार नहीं लगेगा, लेकिन डेढ़ साल में सम्पूर्ण टीकाकरण के बाद बच्चे का आधार कार्ड बनवाना होगा।
  • ICDS के पोर्टल से भी इस फॉर्म को भर सकते हैं। योजना के अंतर्गत दी जाने वाली राशि सीधे अकाउंट में पहुंचेगी।

कैसे मिलेगी राशि:

  • जन्म के समय अभिभावक को 2000 रुपए की पहली किस्त प्रदान करेगी।
  • 1 साल की उम्र में 1000 रुपए की दूसरी किस्त प्रदान करेगी। इसके लिए बच्ची को आधार संख्या से जोड़ा जाना चाहिए।
  • टीकाकरण पूरा होने के बाद 2,000 रुपए की अंतिम किस्त भी दे दी जाएगी।

पढ़ाई फ्री, आने के लिए साइकिल भी

बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को सरकार कई सुविधाएं देती हैं। छात्राओं को पोशाक, किताबों के अलावा साइकिल और सैनिटरी पैड के लिए पैसे दिए जाते हैं। इसी तरह पहली से 10वीं क्लास तक सरकार छात्रवृत्ति भी देती है। छात्राओं में आयरन की कमी ना हो, इसके लिए सप्ताह में एक दिन फॉलिक एसिड की गोली भी स्कूल में दी जाती है। इसके अलावा कीड़े से बचने के लिए 8वीं तक की छात्राओं को एल्बेंडाजोल दवा भी दी जाती है। छठी कक्षा से 12वीं तक की लड़कियों को स्कूल से सैनिटरी नैपकिन की राशि मिलती है। साइकिल 9-10वीं तक की छात्राओं को मिलती है।

कैसे मिलेगी राशि:

  • साइकिल योजना के लिए छात्राओं को अपना आधार कार्ड, बैंक अकाउंट डिटेल्स और जाति प्रमाणपत्र अपने स्कूल में जमा करवाना होगा। स्कूल में नामांकन के समय ही ये डॉक्यूमेंट्स लिए जाते हैं। इस योजना की सुविधा SC/ST और आर्थिक रूप से पिछड़ी छात्राओं को मिलती है।
  • पोशाक और किताबों के लिए नाम लिखवाने के समय ही आधार कार्ड और बैंक अकाउंट नंबर लिया जाता है। लाभ उठाने के लिए 75 प्रतिशत अटेंडेंस की अनिवार्यता है। हालांकि, कोरोनाकाल में यह अनिवार्यता खत्म कर दी गई थी।
  • 1-5वीं क्लास के लिए गार्जियन का अकाउंट नंबर देना होता है जबकि छठी क्लास की छात्राओं के लिए अपना अकाउंट नंबर अनिवार्य है।

सैनिटरी नैपकिन के लिए 300 रुपए

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना में ही सरकार छात्राओं को माहवारी के दौरान स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए सैनिटरी पैड के पैसे भी देती है। इसके लिए छात्रा को 300 रुपए दिए जाते हैं। पहले 150 रुपए ही दिए जाते थे, लेकिन अब राशि दोगुनी कर दी गई है। यह भी खाते में ही जाता है।

स्कूल की पोशाक के लिए भी मिलते हैं पैसे

स्कूल यूनिफॉर्म खरीदने के लिए भी सरकार पैसे देती है। पहले 1-2 वर्ष की आयु में 400 रुपए, 3-5 वर्ष की आयु में 500 रुपए, 6-8 वर्ष की आयु के लिए 700 रुपए और 9 -12 वर्ष की आयु के लिए 1000 रुपए दिए जाते थे। अब इसमें भी बढ़ोतरी की गई है। अब सरकार द्वारा 1-2 साल की आयु के लिए 600 रुपए, 3-5 साल की आयु के लिए 700 रुपए, 6-8 साल की आयु के लिए 1000 रुपए तथा 9-12 साल की आयु के लिए 1500 रुपए दिए जा रहे हैं। इसकी भी राशि खाते में आती है।

BPL को शादी के लिए ₹ 50,000

बाल विवाह को रोकते हुए उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार योजना चला रही है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत गरीब परिवारों को बेटी की शादी के समय 50 हजार रुपए दिए जाते हैं। लाभ पाने के लिए बेटियों के बालिग होने पर विवाह कराना होगा, विवाह का निबंधन कराना भी जरूरी है। यह सुविधा वैसे परिवारों को मिलती है, जो गरीबी रेखा से नीचे (BPL) आते हैं। अन्य जानकारी इस लिंक पर जाकर ले सकती हैं।

लाभ पाने की शर्तें:

  • उम्र 18 साल या इससे ज्यादा होनी चाहिए
  • माता-पिता BPL के दायरे में आते हों
  • निवास प्रमाणपत्र बिहार का होना चाहिए
  • दूल्हे की उम्र 21 साल से कम नहीं हो
  • शादी के रजिस्ट्रेशन पर भुगतान होता है

कैसे उठाएं लाभः

कन्या विवाह योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन फॉर्म भरना जरूरी है। यह फॉर्म ब्लॉक या पंचायत ऑफिस में मुफ्त में उपलब्ध है। आवेदन ऑनलाइन भी किया जा सकता है। इसके लिए आपको ऑनलाइन फॉर्म डाउनलोड करना होगा। इस लिंक पर क्लिक कर आप फॉर्म डाउनलोड कर सकती हैं।

इंटर पर ₹ 25,000, ग्रेजुएशन पर दोगुना

लड़कियों में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार अविवाहित लड़कियों को छात्रवृत्ति देती है। इंटर पास करने पर सरकार की ओर से 25 हजार रुपए तो ग्रेजुएशन पूरा करने पर 50 हजार रुपए मिलते हैं। पहले इंटर और ग्रेजुएशन की छात्रवृत्ति की राशि क्रमशः 10 हजार और 25 हजार थी। अब इसे दोगुना कर दिया गया है। बढ़ी हुई स्कॉलरशिप की रकम वित्तीय वर्ष 2021-22 से लागू की जाएगी। सरकार की यह कवायद बाल विवाह को रोकने के लिए है। अविवाहित छात्राओं को ही इसका लाभ मिलता है। सरकारी स्कूल में छात्राओं को शुल्क नहीं लगता।

ऐसे करें आवेदन

  • लाभ के लिए छात्राओं को रजिस्ट्रेशन कराना होगा
  • इसके लिए ई-कल्याण की वेबसाइट पर जाएं
  • इसके बाद ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराएं
  • स्टूडेंट एंड यूजर लॉग इन से फॉर्म डाउनलोड करें

ग्रेजुएशन और PG में सिर्फ परीक्षा शुल्क

बिहार के सरकारी कॉलेजों में छात्राओं के लिए ग्रेजुएशन और PG तक की पढ़ाई फ्री है। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्राओं को नामांकन शुल्क के साथ अन्य मदों में कोई भी शुल्क नहीं देना पड़ रहा है। सरकार ने उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 2014 में यह घोषणा की थी। 2016 से सरकारी कॉलेजों में छात्राएं मुफ्त में पढ़ रही हैं। उन्हें नामांकन के समय एडमिशन फी, ट्यूशन फी, डेवलपमेंट फी, पुअर स्टूडेंट फंड, स्टूडेंट यूनियन, एथलेटिक्स, रजिस्ट्रेशन फी, मेंटेनेंस, लैब, इलैक्ट्रिसिटी एंड वाटर, मेडिकल, NSS, कल्चरल एक्टिविटी, कॉमन रूम, खेल, लाइब्रेरी समेत अन्य मदों में लगने वाली राशि नहीं देनी पड़ रही है। केवल परीक्षा शुल्क छात्राएं भर रहीं हैं। शिक्षा विभाग द्वारा कॉलेजों को इस मद की राशि भुगतान की जा रही है। पहले PG में नामांकन के साथ सभी प्रकार के शुल्क के रूप में 5000-6000 रुपए जबकि ग्रेजुएशन में करीब 7500-8000 रुपए लग जाते थे। राज्य के दूरस्थ शिक्षण संस्थानों में भी महिलाओं को रियायत दी गई है। आपको बस फॉर्म भरना है, बाकी शुल्क आपसे नहीं लिए जाएंगे।

कांट्रैक्ट कर्मियों को भी 180 दिनों की छुट्टी

बिहार सरकार में स्थायी और संविदा पर कार्यरत सभी महिला कर्मियों को 180 दिन की मैटरनिटी लीव दी जाती है। पहले नियोजित शिक्षिकाओं को यह लीव नहीं मिलती थी, लेकिन अब उन्हें भी 6 महीने की लीव मिलती है। मातृत्व लाभ (संशोधन) अधिनियम, 2017 के अनुसार गर्भवती महिला 26 सप्ताह के मातृत्व अवकाश की पात्र होती है। गर्भवती महिलाओं के लिए प्राइवेट कंपनी के लिए मैटरनिटी लीव की व्यवस्था अलग-अलग है। यह प्रसव की अनुमानित तिथि से 12 सप्ताह पहले से शुरू हो सकती है।

इस अवकाश के साथ कुछ शर्तें जुड़ी हैं:

  • महिलाएं पहली दो गर्भावस्था के लिए ही यह अवकाश ले सकती हैं। तीसरा बच्चा होना है तो अवकाश लाभ नहीं मिलेगा।
  • 10 या इससे ज्यादा कर्मचारियों वाली कंपनी में काम करने वाली महिलाएं इस अवकाश की पात्र हैं।
  • संशोधित अधिनियम में उन माताओं को भी 12 सप्ताह का वैतनिक अवकाश देने का प्रावधान है, जिन्होंने 3 माह या उससे छोटे शिशु को गोद लिया है या सरोगेसी से बच्चा हुआ है।
  • केंद्र सरकार में कार्यरत महिलाओं को बच्चों की देखभाल के लिए 730 दिन का चाइल्ड केयर लीव मिलता है। 18 साल से कम उम्र के नाबालिग बच्चों के लिए मां छुट्टी ले सकती है।

नौकरी में 35%, निकाय में 50%

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए 2016 में सभी सेवा और वर्गों में भी उन्हें 35% का आरक्षण दिया गया था। सरकारी नियुक्ति में उन्हें राज्य सरकार की ओर से रियायत मिल रही है। महिला आरक्षी (सिपाही) भर्ती में भी महिलाओं को 35% आरक्षण मिल रहा है। बिहार देश का पहला राज्य है, जिसने पंचायतों व नगर निकायों में महिलाओं को 2006 से 50% आरक्षण दिया है। देश के एक दर्जन से अधिक राज्यों ने इसका अनुसरण किया। हजारों महिलाएं जनप्रतिनिधि के तौर पर निर्वाचित होकर आ रही हैं। पंचायती राज के अलावा नगरपालिका निकायों के चुनाव में महिलाओं को 50% आरक्षण दिया जा रहा है।

कॉमर्शियल वाहन लेने पर 50% शुल्क माफ

महिलाएं अगर कॉमर्शियल वाहन खरीदती हैं तो गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन में 50 प्रतिशत की छूट मिलती है। ट्रक, ऑटो, हाइवा जैसे कॉर्मशियल वाहन अगर महिलाएं खरीदतीं हैं तो उन्हें DTO में एक एप्लीकेशन देना होगा, जिसके बाद उन्हें 50 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। DTO में जाकर आप इसके लिए आवेदन कर सकती हैं या फिर ट्रांसपोर्ट ऑफिस की वेबसाइट पर जाकर भी ऑनलाइन फॉर्म भर सकती हैं।

जमीन रजिस्ट्री पर स्टांप ड्यूटी महज 0.4%

जमीन रजिस्ट्री में महिलाओं को 0.40% स्टाम्प ड्यूटी लगती है, जबकि पुरुषों को 6% स्टांप ड्यूटी लगती है। यानि प्रति 1 लाख रुपए में महिलाओं को 400 रुपए लगेंगे। महिलाएं अगर संपत्ति खरीदती हैं तो उन्हें टैक्स में भी छूट मिलती है। महिला जॉब कर रही हो तो पति के होम लोन में को-अप्‍लीकेंट बनकर भी राहत ले सकती हैं।

5 लाख अनुदान, बिना ब्याज 5 लाख कर्ज

महिला उद्यमियों को अब बिहार में नया उद्यम शुरू करने के लिए कुल 10 लाख रुपए तक की मदद मिलेगी। इसमें परियोजना लागत का 50% या अधिकतम 5 लाख रुपए तक अनुदान मिलेगा। वहीं, 5 लाख रुपए बिना ब्याज के दिए जाएंगे। यह धनराशि लाभुकों को 84 किस्तों में लौटानी होगी। उद्योग विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। स्वीकृति के लिए इसे लोक वित्त समिति को भेज दिया गया है। इसकी पूरी प्रक्रिया अप्रैल में जारी की जाएगी, क्योंकि यह नए वित्तीय वर्ष से शुरू होगा।

बिना कुछ गिरवी रखे केंद्र दे रहा मुद्रा लोन

महिलाओं के लिए मुद्रा लोन स्कीम योजना (PMMY) खास है क्योंकि इस योजना में महिला आवेदकों को प्रमुखता के आधार पर मुद्रा लोन प्रदान किया जाता है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना एक बिजनेस लोन योजना है। इस सरकारी लोन योजना में MSME कारोबारियों को तीन कैटेगरी में 10 लाख रुपए तक का बिजनेस लोन, बिना कुछ गिरवी रखे मिलता है। इसके लिए आपको बैंक में जाकर मुद्रा योजना का फॉर्म लेना होगा।

लाभ की जरूरी शर्तेंः

  • कारोबारी की नागरिकता भारतीय हो।
  • गैर-कृषि कारोबार के लिए ही लोन।
  • कॉरपोरेट संस्था नहीं हो।
  • मुद्रा लोन के लिए प्रोजेक्ट तैयार हो।

इन डॉक्यूमेंट्स की पड़ेगी जरूरत-

  • 2 फोटो, 3 महीने का बैंक स्टेटमेंट। आरक्षण लाभ के लिए जाति प्रमाणपत्र की कॉपी।
  • आधार, पैन, वोटर कार्ड, पासपोर्ट, बैंक पासबुक, ड्राइविंग लाइसेंस में से 1 की सेल्फ अटेस्टेड कॉपी।
  • पता प्रमाण के लिए निवास प्रमाणपत्र, बिजली बिल, पानी बिल की सेल्फ अटेस्टेड फोटो कॉपी।
  • प्रोपराइटरशिप सत्यापित करने के लिए लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट या अन्य कोई दस्तावेज जमा करना होगा।

सुप्रीम कोर्ट नालसा जजमेंट 2014 के अनुसार ट्रांसजेंडर खुद को पुरुष, महिला या फिर थर्ड जेंडर के रूप में मान सकते हैं। इस आधार पर अगर वे खुद को महिला मानते हैं तो उन्हें राज्य और केंद्र की ओर से महिलाओं को मिलने वाली सभी सुविधाएं मिलेंगी। बिहार सरकार ने पिछले दिनों पुलिस सेवा में इनके लिए सुविधाएं जोड़ी हैं। इनके लिए आरक्षण की व्यवस्था लागू करने में बिहार देश ही नहीं, दुनिया में पहला है।

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