Koshi Live-कोशी लाइव MADHEPURA NEWS/10 वर्ष के बच्चे को फांसी लगा आंगन में लटकाया:शिक्षक माता-पिता स्कूल गए, बड़ा भाई कमरे में था; इधर मासूम के गले में रस्सी डाल लटका गया कोई - Koshi Live-कोशी लाइव

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Tuesday, March 2, 2021

MADHEPURA NEWS/10 वर्ष के बच्चे को फांसी लगा आंगन में लटकाया:शिक्षक माता-पिता स्कूल गए, बड़ा भाई कमरे में था; इधर मासूम के गले में रस्सी डाल लटका गया कोई

कोशी लाइव/10 वर्ष के बच्चे को फांसी लगा आंगन में लटकाया:शिक्षक माता-पिता स्कूल गए, बड़ा भाई कमरे में था; इधर मासूम के गले में रस्सी डाल लटका गया कोई

मधेपुरा में एक 10 वर्षीय मासूम की घर के आंगन में ही फांसी लगकर मौत होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना के वक्त मासूम 13 साल के अपने बड़े भाई मानस के साथ घर में अकेला था। उसके माता-पिता दोनों ही शिक्षक हैं और अपनी-अपनी ड्यूटी पर गए थे। बच्चे को घर के आंगन में फांसी लगे सबसे पहले उसके बड़े भाई ने देखा। वह अपने कमरे में टीवी देख रहा था। उसके शोर मचाने पर आस-पास के लोग जुटे। नजदीक ही रहने वाले रिश्तेदार भी आए। रस्सी काटकर बच्चे को उतारा गया। फिर सब उसे लेकर आनन फानन में नजदीकी अस्पताल गए जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

घटना मधेपुरा के ही सदर थाने के वार्ड संख्या 2 की है। मृतक का नाम माधव आनन्द उर्फ माही है। उसके पिता निरंजन यादव कुमारखंड प्रखंड के मध्य विद्यालय में जबकि मां पिंकी कुमारी सिंघेश्वर प्रखंड के मध्य विद्यालय में नियोजित शिक्षक-शिक्षिका हैं। घटना की जानकारी मिलते ही दोनों अपने-अपने विद्यालयों से दौड़े-दौड़े आए। घर में चीख-पुकार मच गई। मोहल्ले में भी गम का माहौल बन गया। आसपास के लोगों का कहना है कि परिवार के अज्ञात दुश्मनों ने इस घटना को अंजाम दिया है। इधर सदर थाने की पुलिस ने बच्चे को शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया और आगे की जांच में जुटी है। पुलिस समेत परिजनों में से कोई भी घटना के कारणों पर कुछ कहने को तैयार नहीं है।

रिश्तेदार बोले - किसी को कुछ पता नहीं

मृतक बच्चे के रिश्ते में मामा लगने वाले पिंकू यादव ने कहा कि वो उसके घर से आधे किमी की दूरी पर रहते हैं। घटना की जानकारी मिलते ही दौड़कर बच्चे के अपने मामा के साथ यहां पहुंचे। तब तक वह आंगन में ही बांस के सहारे गर्दन में लगी रस्सी से लटका था। सबने रस्सी को काटकर उसे नीचे उतारा और अस्पताल की ओर भागे लेकिन तबतक देर हो चुकी थी। उसे सबसे पहले बड़े भाई मानस ने देखा था। उसने ही शोर मचाया तो सबलोग जुटे। घटना कब हुई-कैसे हुई, किसी को कुछ नहीं पता।

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