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Saturday, March 13, 2021

बिहारः सुपौल ने दिलाई बुराड़ी कांड की याद, इसबार नए कपड़े पहन फांसी पर झूला पूरा परिवार


ऑनलाइन डेस्क पटना, बिहार। दिल्ली का बुराड़ी कांड किसे नहीं याद होगा। आज भी एक साथ परिवार के 11 लोगों की आत्महत्या की याद रोंगटे खड़े कर देती है। बुराड़ी इलाके के संत नगर में एक जुलाई 2018 को भाटिया परिवार में हुई घटना की यादें बिहार के सुपौल ने एकबार फिर ताजा कर दी हैं। शनिवार की सुबह सुपौल में मिश्रीलाल साह सहित उनके परिवार के पांच सदस्य फांसी के फंदे से झूलते मिले। बड़ी बात ये रही कि मौत को गले लगाने से पहले परिवार के सभी सदस्यों ने अच्छा खाना खाया था और नए कपड़े पहने थे। 

एक ही कमरे में पांच थे लटके

सुपौल जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र के गद्दी गांव के वार्ड चार में एक घर के अंदर से एक ही परिवार के पांच सदस्‍यों के शव मिले। सभी शव घर के अंदर एक ही कमरे में फंदे से लटके मिले हैं। इनमें गांव के मिश्रीलाल साह (52) उनकी पत्नी रेणु देवी उम्र (44), बेटी रोशन कुमारी (15) बेटा ललन कुमार (14) बेटी फुल कुमारी (8) शामिल हैं।

सन्न कर देने वाला था नजारा

पड़ोसियों ने बताया कि घर पिछले कुछ दिनों से बंद था। घर के सदस्‍य किसी को बाहर नहीं दिखे थे, जब आसपास के लोगों को बदबू महसूस हुई तो दरवाजा तोड़ा गया। अंदर देखा तो एक साथ पांच लोग फांसी पर लटके थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि फांसी पर लटके सभी ने नए कपड़े पहन रखे थे। 

समाज से कटा रहता था परिवार

सुपौल के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ने कहा कि मिश्रीलाल साह के पड़ोसियों से मिली जानकारी के अनुसार सामाजिक रूप से शाह का परिवार अपने भाइयों एवं समस्त ग्रामीणों से संपर्क नहीं रखता था। साह का परिवार आर्थिक रूप से भी संपन्न नहीं था। कुछ दिन पहले ही मिश्रीलाल साह की एक बेटी ने भागकर शादी कर ली थी, जिसके बाद परिवार अंतर्मुखी हो गया था।

मुंह पर कपड़ा लगाए घर के अंदर झांकते रहे लोग

एक घर के अंदर से कई दिनों से परिवार का कोई सदस्य नहीं निकल रहा था पर किसी ने उनकी सुध लेने की नहीं सोची। मरने वालों में 15, 14 और आठ साल के बच्चे भी थे, ऐसे में उनका घर से बाहर न निकलना कई शंकाओं को जन्म देता है। स्थानीय लोगों से संबंध न रखने के कारण किसी ने भी इतने दिनों तक साह परिवार के हाल-खबर लेने की नहीं सोची। गंध इतनी आई की घर के अंदर जाना ही पड़ा। बड़ी संख्या में लोग जुटे पर बदबू से परेशान होकर मुंह पर कपड़ा लगाना पड़ा। हालांकि पड़ोसियों का ये भी कहना है कि साह का परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, ऐसे में मौत का कारण ये भी हो सकता है। 

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