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Wednesday, March 24, 2021

BIHAR NEWS DESK:फर्जी परीक्षा दिलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, गिरफ्तारी के बाद उगले कई महत्‍वपूर्ण राज


भागलपुर। कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) द्वारा जूनियर इंजीनियर परीक्षा-2020 (सिविल) में फर्जी परीक्षार्थियों को परीक्षा दिलाने वाले गिरोह का बुधवार को भंडाफोड़ हुआ है। बियाडा स्थित आइओन डिजिटल सेंटर में दो छात्रों समेत वहां ड्यूटी में तैनात दो कर्मियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। परीक्षा केंद्र प्रशासन ने चारों को जीरोमाइल पुलिस के हवाले कर दिया। थानेदार राजरतन ने बताया कि केंद्राधीक्षक मनीष कुमार सिन्हा के बयान पर केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पूछताछ कर रही है पुलिस

गिरफ्तार लोगों में लखीसराय जिले के पुरानी बाजार निवासी नंदन कुमार और उसके बदले परीक्षा में बैठे गए वहीं के दिनकर कुमार समेत वहां ड्यूटी में तैनात आइटी मैनेजर मुंगेर के पुरानी बाजार निवासी सागर कुमार, बांका जिले के बौंसी का दीपक कुमार साह, विपिन कुमार चौधरी, निलेश कुमार शामिल हैं। इसके अलावा और किन कर्मियों की संलिप्तता है, इसके बारे में पुलिस पूछताछ कर रही है।

स्कैन कर एडमिट कार्ड और आधार पर बदल दिया था फोटो

पकड़े गए नंदन ने पुलिस की पूछताछ में बताया है कि उसके बदले दिनकर परीक्षा देने के लिए पहुंचा था। एडमिट कार्ड और आधार कार्ड में स्कैन कर फोटो बदल दी गई थी। परीक्षा दूसरी पाली में 2.00 बजे से 4.00 बजे तक थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नंदन और दिनकर दोनों परीक्षा केंद्र पर पहुंचे थे। जहां शारीरिक रूप से जांच होनी थी, वहां नंदन खुद मौजूद रहा। दिनकर ने सफेद शर्ट और बाएं हाथ पर ब्लू पट्टी वहां के कर्मियों की तरह लगा लिया था, ताकि उसे कोई पहचान न सके।

शारीरिक जांच तक मौजूद रहा नंदन

इसके बाद जब अंतिम में केंद्र में प्रवेश की बारी आई तो सागर और दीपक की मदद से दिनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर गया। वह परीक्षा दे रहा था, किंतु वहां निरीक्षण कर रहे लोगों ने शक के आधार पर जब उससे पूछताछ शुरू की तो उसने डर से सारी बाते कबूल कर ली। इसके बाद केंद्र पर हड़कंप मच गया। वहां तैनात मजिस्ट्रेट और पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। पुलिस ने पहले दिनकर को पकड़ा। इसके बाद पूछताछ और सत्यापन के बाद अन्य तीनों को भी गिरफ्तार कर लिया।

50 हजार में हुई थी डील

पुलिस की पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी को बैठाने के लिए 50 हजार में डील हुई थी। पुलिस उनसे पता कर रही है कि उनके गिरोह में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं। उन चारों के बीच के कनेक्शन की भी तलाश पुलिस कर रही है। सभी के मोबाइल पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। जिसका कॉल डिटेल भी खंगाला जाएगा।

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