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Thursday, March 4, 2021

Big Alert: पीएम किसान स्कीम में बड़ा बदलाव, अब हर गांव में डिस्प्ले की जाएगी लाभार्थियों की लिस्ट

कोशी लाइव डेस्क:
असली किसानों को लाभ देने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (PM Kisan Samman Nidhi scheme) में बड़ा बदलाव किया गया है. मोदी सरकार ने सभी ग्राम पंचायतों में इस योजना के लाभार्थियों की लिस्ट डिस्प्ले करने के निर्देश दिए हैं. राज्य सरकारों को यह काम करना ही होगा. ताकि नकली किसान इसका फायदा न ले पाएं. अभी लोगों को यह नहीं मालूम होता कि उनके गांव में किन-किन लोगों को खेती के लिए सरकारी मदद मिल रही है. अब सरकार के नए फैसले से हर ग्रामीण को यह जानकारी होगी कि कौन-कौन लाभ ले रहा है. इससे फर्जी लाभार्थियों की पहचान आसान हो जाएगी.

सरकार को उम्मीद है कि ऐसा होने से ग्रामीण ही एक दूसरे की पोल खोलने लग जाएंगे.

यही नहीं इस योजना का सोशल ऑडिट (Social Audit) करवाने के भी निर्देश दिए गए हैं. ताकि उन तमाम किसानों को इस सूची से बाहर किया जा सके जो अपात्र हैं फिर भी सालाना 6000 रुपये ले रहे हैं. यह ऑडिट हल्का पटवारी और तहसीलदार के निर्देश पर गांव पंचायत (Gram panchayat) स्तर पर किया जाएगा.

कितना बड़ा फर्जीवाड़ा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ड्रीम स्कीम में फर्जीवाड़े की वजह से सरकार काफी सख्त है. पीएम किसान स्कीम अब तक की सबसे बड़ी किसान योजना है. जिस पर हर साल 75 हजार करोड़ रुपये तक खर्च करने का लक्ष्य है. केंद्र सरकार के तमाम प्रावधानों के बावजूद इस योजना में 33 लाख फर्जी लाभार्थी हो गए हैं. इन लोगों ने सरकार को 2326 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया है. उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक कोई ऐसा सूबा नहीं है जहां इस स्कीम का पैसा अपात्रों को न मिला हो.

इन राज्यों में हैं पीएम किसान स्कीम के सर्वाधिक अपात्र लाभार्थी

कितनी हुई रिकवरी

केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक 231 करोड़ रुपये वसूले गए हैं. लेकिन अब भी 17 राज्यों से एक भी रुपये की रिकवरी नहीं हो पाई है. बिहार सरकार ने तो अपने यहां के फर्जी किसानों की सुविधा के लिए बाकायदा रिकवरी लिस्ट जारी कर दी है. जिसमें हर ग्रामसभा के ऐसे किसानों (Farmers) के नाम और फोन नंबर दिए गए हैं जिन्होंने अवैध रूप से पीएम किसान स्कीम का लाभ लिया है. लेकिन यहां 34 करोड़ की जगह मात्र 70,000 रुपये की वसूली ही हो सकी है.

यूपी से एक रुपये की भी वसूली नहीं

उत्तर प्रदेश में 1,78,398 किसानों ने गलत तरीके से लाभ लिया है. लेकिन बीजेपी शासित सरकार होने के बावजूद अब तक किसी से वसूली नहीं की गई है. जबकि 171 करोड़ रुपये की रिकवरी की जानी है. ओडिशा में 4.68 करोड़ की जगह एक भी रुपये की रिकवरी नहीं हुई. असम में 5,81,652 किसानों ने फर्जी तरीके से पैसा लिया है. इनसे 377 करोड़ रुपये की जगह राज्य सरकार महज 4000 रुपये ही वसूल पाई है.

पीएम किसान स्कीम का सबसे अधिक लाभ लेने वाले सूबे.

हर हाल में वापस लिया जाएगा पैसा

फर्जीवाड़ा रोकने के लिए गुजरात, कर्नाटक में कई एफआईआर की गई हैं. तमिलनाडु में 100 से अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं. ऐसे में यह तय मानिए कि सरकारी पैसा है तो वसूली तो होगी ही. वरना एफआईआर दर्ज होगी और जेल की हवा खानी पड़ेगी. इसलिए अच्छा यही होगा कि अगर आपने गलत तरीके से पैसा लिया है तो उसे वापस सरकारी खजाने में जमा करवा दें. सरकार का संदेश साफ है कि जो इसके हकदार नहीं हैं, उन्हें पैसा नहीं मिलेगा. लापरवाही करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों पर भी एक्शन होगा.

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