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Thursday, March 25, 2021

मधेपुरा/कार्रवाई:सरकारी भवन में 1100 लीटर शराब रखने के मामले में मुखिया को खोज रही पुलिस


शंकरपुर थानाक्षेत्र के सोनवर्षा के सामुदायिक विकास भवन से 124 कार्टन शराब बरामदगी मामले में पुलिस ने मुखिया समेत पुत्र और पतोहू पर मामला दर्ज की है। थानाध्यक्ष राजकिशोर मंडल ने कहा है कि जब ताला लगे सामुदायिक भवन की चाबी की खोजबीन की जा रही थी तो ग्रामीणों से पता चला कि उक्त सामुदायिक भवन का इस्तेमाल काफी दिनों से पंचायत की मुखिया रंजू देवी व उनके परिवार के सदस्य करते आ रहे हैं। लेकिन जब उक्त भवन के ताला की चाबी की मांग की गई, तो नहीं दिया गया। थानाध्यक्ष का कहना है छापेमारी के क्रम में पुलिस रात को लगभग 11 बजे बजे गई थी। लेकिन मुखिया की पतोहू ने कहा कि मुखिया घर पर नहीं हैं, वे पंचायत गईं हैं। दोबारा उनके घर जाने पर भी पुलिस को मुखिया नहीं मिलीं। पुलिस की माने तो उक्त सामुदायिक भवन का इस्तेमाल और शराब का भंडारण मुखिया रंजू देवी, उनके बेटे अमित कुमार यादव, अमर कुमार, पतोहू मीनू देवी, प्रवीण कुमार, त्रिवेणीगंज का गोविंद कुमार मिलकर करते हैं। 15 मार्च की रात सामुदायिक विकास भवन से शंकरपुर पुलिस ने भारी पैमाने पर 124 कार्टन विदेशी शराब जब्त किया। जलावन और मकई का जलावन रखा हुआ था। कमरे में ताला भी लगा हुआ था। पिछले पंचायत चुनाव 2016 में इस भवन में मतदान केंद्र संख्या-84 बनाया गया था। अब मामले में पदाधिकारियों के भी हाथ-पांव फूल गए थे।

ताला तोड़कर बाहर निकाली गई थी शराब

पुलिस ने 15 मार्च की रात भवन के अंदर से भवन का ताला तोड़कर 124 कार्टन कुल 1108.8 लीटर शराब जब की थी। पुलिस को सूचना मिली कि सोनवर्षा पंचायत के वार्ड-4 सोनवर्षा स्थित सामुदायिक भवन में शराब रखा हुआ है। इसके बाद थानाध्यक्ष राजकिशोर मंडल ने अन्य पुलिस बल के साथ रात को ही सामुदायिक भवन पर छापेमारी की। सामुदायिक भवन के कमरा में ताला लगा हुआ था। लोगों से कमरे में लगे हुए ताला के चाबी के बारे में पूछताछ की गई, लेकिन जानकारी नहीं दी। इसके बाद पुलिस ने कमरा का ताला तोड़ शराब बरामद किया।

मुखिया का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है
जिस जगह शराब को बरामद हुई, उसके थोड़ी दूर में ही मुखिया का भी घर है। भवन के देखरेख की जिम्मेवारी मुखिया और पंचायत सचिव की होती है। पंचायत सचिव लालचंद हांसदा कहते हैं कि उन्हें उक्त सामुदायिक भवन का पूर्व के पंचायत सचिव के द्वारा चार्ज नहीं दिया गया था। जबकि पूर्व के पंचायत सचिव का कहना है कि उन्हें भी चाबी नहीं मिली थी। ऐसे में मुखिया और उनके परिवार के सदस्यों पर ही कार्रवाई की गाज गिरी है। जबकि मुखिया का कहना है कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। भवन की चाबी उनके पास नहीं थी।

घर से शराब की खाली बोतल मिली थी, हो रही कार्रवाई
दारोगा रामप्रबोध पासवान ने मुखिया के घर में छापेमारी किए थे। शराब की खाली बोतल और एपल कंपनी का मोबाइल बरामद किया गया। मामले में मुखिया रंजू देवी, उनके बीमार पति भूमि यादव समेत दोनों बेटे और पतोहू को नामजद किया गया है।
-राजकिशोर, थानाध्यक्ष, शंकरपुर

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