सहरसा । जल जीवन हरियाली योजना के तहत जिला प्रशासन द्वारा तालाबों को अतिक्रमण कराने और इसके जीर्णोद्धार की कार्रवाई चल रही है, परंतु लगभग दस महीने बीत जाने के बाद भी जिले के सभी तालाबों को खोजे जाने और अतिक्रमित कराने का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। हवाई सर्वेक्षण में किए गए तालाब के मुताबिक अबतक जिन तालाबों की खोज हुई उसमें 228 तालाब अभी भी प्रशासन की नजरो से दूर है। जिलाधिकारी व अपर समाहर्ता द्वारा लगातार दिए जा रहे निर्देश के बावजूद अंचलों के अधिकारी अबतक इसका सत्यापन नहीं कर पाए। हालांकि अतिक्रमित तालाबों की जो सूची अंचलाधिकारियों द्वारा समर्पित की गई है, उसके मुताबिक 90 फीसद तालाब अतिक्रमणमुक्त कराए जा चुके हैं। परंतु तालाबों की खोज अबतक पूरा नहीं हो पाया है।
राज्य से लगातार मांगा जा रहा है प्रतिवेदन
जल- जीवन हरियाली अभियान के तहत कराए गए एरियल सर्वे के अनुसार अन्य जिलों में जहां स्थलीय सर्वेक्षण में तालाबों की संख्या में बढ़ोतरी हो गई, वहीं सहरसा जिले में एरियल सर्वे में मिले 1681 तालाबों के विरूद्ध् स्थलीय सर्वेक्षण में मात्र 1453 तालाबों को ही चिह्नित किया जा सका है। तालाबों को खोज पाने में विगत दस महीने से अंचल स्तर के कर्मी और अधिकारी परेशान है। तालाबों की खोज नहीं हो पाने इन तालाबों का जीर्णोद्धार कार्य पर भी रोड़ा अटका हुआ है।
889 में 105 तालाबों को कराया गया अतिक्रमणमुक्त
हवाई सर्वेेक्षण के बाद 889 तालाबों के अतिक्रमित हाेने की बात सामने आई थी। डीएम द्वारा इसे अतिक्रमणमुक्त कराने के दिए जा रहे निर्देश के बाद अंचलाधिकारियों ने 773 तालाबों को अतिक्रमित नहीं होने का प्रतिवेदन दिया, जबकि अतक्रमित पाए गए 116 तालाबों में 105 को अतिक्रमणमुक्त कराए जाने का प्रतिवेदन जिला को समर्पित हुआ। जिला स्तर से इस दिशा में पुन: स्थलीय सर्वेक्षण का निर्देश दिया है।
क्या कहते हैं अपर समाहर्ता
जिले के अपर समाहर्ता विनय कुमार मंडल ने कहा कि तालाबों की खोज पूरा करने और अतिक्रमित तालाबों को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए पुन: अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही इस कार्य को पूरा कर लिया जाएगा।