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Saturday, February 6, 2021

MADHEPURA NEWS:बाबा नगरी सिंहेश्वर में अब तक नहीं हो बन सका मंदिर, लालू, नीतीश समेत ये लोग पूजा करने आ चुके हैं यहां


मधेपुरा। बाबा सिंहेश्वर मंदिर में मंत्री से लेकर सीएम तक मत्था टेकने आते रहे हैं। कई वीवीआइपी बाबा के भक्त हैं। कई अधिकारी व मंत्री तो कोई भी शुभ कार्य बाबा के पूजा के बाद ही करते हैं। लेकिन बाबा मंदिर व बाबा नगरी की अब तक ढंग से सुध नहीं ली गई। अब तक किसी भी स्थानीय जनप्रतिनिधि द्वारा मंदिर के विकास के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया। अब तक मात्र तत्कालीन एमएलसी ललन सर्राफ ने ही बाबा मंदिर में धर्मशाला की कमी देखते हुए कम्युनिटी हॉल सह धर्मशाला के लिए अपने स्थानीय विकास क्षेत्र से दो करोड़ सात लाख रुपये दिए हैं। लेकिन इनके अलावा आज तक किसी भी विधायक, सांसद ने बाबा मंदिर की सुध नहीं ली। इस वजह से बाबा मंदिर अपेक्षित ढंग से विकसित नहीं सका है। बाबा मंदिर व उन्नयन को लेकर अब तक किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

अब तक नहीं आ पाया पर्यटन के मानचित्र पर


जनप्रतिनिधियों की उदासीनता भी एक कारण रही कि बाबा नगरी राज्य पर्यटन मानचित्र पर नहीं आ पाई है। बाबा नगरी की जो प्रसिद्धि व व्यवस्था होनी चाहिए वह भी नहीं है। श्रद्धालुओं के सुविधा विस्तार में भी न्यास समिति ने कभी दिलचस्पी नहीं ली। हालात यह हो गई है कि करोड़ों लोगों के आस्था का प्रतीक बाबा सिंहेश्वर नाथ मंदिर ही अब जर्जर हो क्षतिग्रस्त होने के कगार पर पहुंच चुकी है। दैनिक जागरण मंदिर की स्थिति व व्यवस्था को देखकर मंदिर पुनर्निर्माण के लिए लगातार मुहिम चला रखी है।

सीएम आए थे तो दिया था शिवगंगा सौंदर्यीकरण का उपहार

सीएम नीतीश कुमार कई बार यहां बाबा के दर्शन को आ चुके हैं। क्षेत्र में जब जब इनका कार्यक्रम होता है तो अमूनन बाबा के दर्शन को आ ही जाते हैं। कई बार तो कार्यक्रम तय नहीं रहने के बावजूद अचानक से बाबा के दर्शन के लिए सीएम मंदिर पहुंचे हैं। इसी तरह एक बार किसी कार्यक्रम के दौरान सीएम जब बाबा मंदिर पहुंचे तो उन्होंने शिव गंगा के जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण का कार्य पर्यटन विभाग को करने को कहा। वहीं उन्ही के निर्देश पर महाशिवरात्रि के मौके पर सिंहेश्वर महोत्सव का आयोजन भी हर वर्ष हो रहा है।

सीएम की रही है नजर, स्थानीय जनप्रतिनिधि रहे उदासीन

सीएम की बाबा मंदिर पर नजर रही है। लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधि उदासीन रहे हैं। दो सीएम ने बाबा मंदिर को कुछ न कुछ तोहफा दिया है। सीएम नीतीश कुमार कुछ वर्ष पहले जब किसी कार्यक्रम के सिलसिले में बाबा के दर्शन को आए तो शिव गंगा भी गए। उन्होंने तत्काल ही पर्यटन विभाग को शिव गंगा के जीर्णोद्धार सह सौंदर्यीकरण कार्य का निर्देश दिया। उनके निर्देश के बाद शिव गंगा को करोड़ों की लागत से चकाचक कर दिया गया। वहीं इससे पहले 1998 में जब तत्कालीन सीएम राबड़ी देवी तत्कालीन स्थानीय सांसद लालू प्रसाद के साथ आई तो पर्यटन विभाग को श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए होटल बनाने का निर्देश दिया। उन्हीं के निर्देश के बाद मवेशी हाट के पास पर्यटन विभाग द्वारा होटल सिंहेश्वर विहार बनाया गया। लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कभी न तो अपनी स्थानीय निधि का इस्तेमाल किया और न ही किसी भी प्रकार की कोई कोशिश की।

बाबा सिंहेश्वर स्थान की ख्याति के अनुरूप तो मंदिर बिल्कुल हो नहीं है। बाबा मंदिर की ख्याति पूरे उत्तर बिहार में है। लेकिन बाबा मंदिर भव्य नहीं है। मंदिर बिल्कुल सामान्य श्रेणी का है। लगता है किसी गांव का मंदिर हो। ऐसे में मंदिर का पुनर्निर्माण काफी आवश्यक है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के ध्यान आकृष्ट कराया जाएगा। मधेपुरा आए उप मुख्यमंत्री के समक्ष भी मामले को उठाया गया था। बाबा मंदिर के पुनर्निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की आवाजाही और बढ़ेगी। इससे स्थानीय लोगों में रोजगार का सृजन होगा। इसके लिए हर तरह से कोशिश की जाएगी।

स्वदेश कुमार, जिलाध्यक्ष, भाजपा।

बाबा सिंहेश्वर नाथ का मंदिर काफी प्राचीन है। इसकी महत्ता भी काफी है। आज अयोध्या में रामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए अरबों की राशि खर्च की जानी है। जबकि सिंहेश्वर स्थान भी भगवान राम से हो जुड़ा हुआ है। श्रृंगी ऋषि द्वारा कराए गए पुत्रेष्टि यज्ञ से भगवान राम का जन्म हुआ। यहां राज्यस्तर का भव्य मंदिर बनाना चाहिए। डीएम सह न्यास समिति के अध्यक्ष ने न्यास कोष में 12 करोड़ रुपया रहने की जानकारी दी है। इसीलिए यहां मंदिर का पुनर्निर्माण कर भव्य मंदिर बनाई जाए। आवश्यक हो तो इसके लिए जनसहयोग से भी राशि जमा की जा सकती है। इसके अलावा सौंदर्यीकरण भी किया जाय। चंद्रहास चौपाल, विधायक।

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