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Sunday, February 14, 2021

बिहार में एक मिनट में होगा किसानों की समस्याओं का समाधान, बस इस नंबर को मोबाइल में करें सेव

Koshi Live DESK:

नीरज कुमार, पटना। राज्य के किसानों को नई तकनीक की जानकारी देने एवं पौधे की बीमारी का समाधान बताने के लिए बिहार कृषि विश्वविद्यालय की ओर से वाट्सऐप, हेल्पलाइन एवं मेल से जवाब देने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा किसान रेडियो स्टेशन से 24 घंटे प्रसारण की व्यवस्था की गई है। विश्वविद्यालयों ने किसानों को घर बैठे सूचना मुहैया कराने के लिए मोबाइल ऐप भी लांच किया है, जिसके माध्यम से किसान अपनी सुविधा के अनुसार कार्यक्रम सुन और देख सकते हैं। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर कृषि विज्ञान केंद्रों को निर्देश दिया गया है कि किसानों की समस्याओं का अविलंब समाधान करें। 

विश्वविद्यालय द्वारा किसानों को  सूचना मुहैया कराने के माध्यम

वाट्सऐप : एग्रो डाक्टर : 7004528893

रेडियो प्रसारण के लिए : ग्रीन- एफएम

टॉल फ्री नंबर : 1800345645

बेहद कारगर हो रहा वाट्सऐप का माध्यम

बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आरके सोहाने का कहना है कि बिहार कृषि प्रधान राज्य है। ऐसे में किसानों एवं पशुपालकों की समस्याओं का अविलंब समाधान करने के लिए विश्वविद्यालयों की ओर से कई नई तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसमें सबसे बेहद कारगर हो रहा है वाट्सऐप के माध्यम से समाधान करना। किसान अपनी समस्याओं को वाट्सऐप के माध्यम से विश्वविद्यालय तक पहुंचा रहे हैं। किसानों की समस्या विश्वविद्यालय तक पहुंचते ही कृषि विज्ञानी तत्काल उसका समाधान कर देते हैं। इसमें एक मिनट का समय भी नहीं लगता। समस्या ज्यादा गंभीर होने पर कृषि विज्ञानियों की टीम के पास भेज दी जाती है। टीम में कृषि, पशुपालन एवं बागवानी के सभी वरिष्ठ विज्ञानी शामिल हैं। यहां पर एग्रो डॉक्टर नाम से वाट्सऐप लांच किया गया है, जिसमें प्रगतिशील किसानों को शामिल किया गया है। 

मीठापुर में इसी माह खुलेगा प्लांट क्लीनिक  

मीठापुर कृषि अनुसंधान संस्थान के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. एमडी ओझा का कहना है कि मीठापुर में इस माह प्लांट क्लीनिक स्थापित किया जा रहा है। प्लांट क्लीनिक काम करना शुरू कर देगा। इस क्लीनिक में सुबह दस से शाम पांच बजे तक कोई भी किसान अपने पौधे या उसके नमूने लाकर अपनी बीमारी की जांच करा सकता है। यहां के कृषि विज्ञानी पौधे की जांच कर किसान को बीमारी के बारे में जानकारी दे देंगे। इसके अलावा बीमारी के उपचार भी किसान को बता दिया जाएगा। इस क्लीनिक का लाभ राजधानी के अलावा राज्यभर के किसान भी उठा सकते हैं। 

कृषि विज्ञान केंद्रों पर दी जा रही सूचनाएं 

विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रत्येक जिले के कृषि विज्ञान केंद्रों को भी निर्देश दिया कि किसानों की समस्याओं का अविलंब समाधान करें। कोई भी किसान विज्ञान केंद्र से नहीं लौटेगा। 

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