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Sunday, February 14, 2021

BIHAR:जन्मी अजीब बच्ची:सिर देख नॉर्मल डिलिवरी नहीं करा सके डॉक्टर, जन्म से ICU में बच्ची, जीन म्यूटेशन बता रहे एक्सपर्ट

Koshi Live DESK:
आरा सदर अस्पताल में बड़े सिर वाली एक अजीब-सी बच्ची का जन्म हुआ है। दोपहर डेढ़ बजे के करीब जन्मी बच्ची का सिर सामान्य आकार से कई गुणा बड़ा है। बच्ची के जन्म के बाद उसे देखने के लिए अस्पताल में भीड़ उमड़ पड़ी। डॉक्टर भी उसे देखकर अचंभित हैं। हालांकि जन्म के बाद से ही बच्ची की हालत नाजुक बनी हुई थी। इस कारण उसे सदर अस्पताल के SNCU के ICU वार्ड में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसा जीन की गड़बड़ी की वजह से होता है। अगर गर्भवती महिला रेगुलर चेकअप न कराए तो इस तरह के मामले सामने आ सकते हैं।


महिला को पहले से 4 बेटी और एक बेटा

बच्ची को जन्म देने वाली 28 वर्षीया पूनम देवी आरा के शाहपुर इलाके के निवासी सुशील कुमार की पत्नी हैं। उन्हें पहले से 4 बेटियां और एक बेटा है। शनिवार को प्रसव पीड़ा के बाद उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद ऑपरेशन कर प्रसव की सलाह दी थी। बच्ची के जन्म के बाद परिवार वाले आश्चर्य में हैं। ऊपरवाले से कह रहे हैं - कइसन दे देलअ रे बाबा।

पानी भरने से बड़ा हो जाता है सिर

सदर अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ। अनिल कुमार ने बताया कि ऐसा तब होता है जब गर्भधारण के वक्त भ्रूण में कोई जेनेटिक म्यूटेशन हो जाए। इस स्थिति में विकसित होने के बाद बच्चे का सिर बड़ा हो जाता है। इस प्रोसेस को और आसानी से समझाते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में जब पेट में बच्चे का सिर डेवलप होता है तो उसमें पानी भर जाता है। पानी भरने के कारण सर बड़ा हो जाता है। इसमें सावधानी यह बरतना होता है कि गर्भ के समय महिला समय-समय पर चेकअप कराते रहे। जब हम अल्ट्रासाउंड कराते हैं तो देखते हैं कि विकसित हो रहा बच्चा सामान्य है या नहीं।

गर्भवती महिला सावधान रहें तो नहीं होगी दिक्कत

बच्ची के इलाज में लगे डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी स्थिति लापरवाही की वजह से आ सकती है। गर्भवती महिला अगर रेगुलर चेकअप नहीं कराए तो इसका पता नहीं चलता। गर्भवतियों को सरकार की तरफ से 9 महीने में कई टीके दिए जाते हैं। इसके साथ ही रेगुलर चेकअप भी होता है। राज्य की वरीय स्त्री रोग विशेषज्ञ और PMCH में स्त्री-प्रसूति रोग की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. मंजू गीता मिश्रा कहती हैं कि समय-समय पर जांच, दवाई और सूई लेने से ऐसी समस्या नहीं आती। अगर इस दौरान कोई समस्या दिखती भी है तो उसका समाधान किया जा सकता है। लेकिन, जन्म का समय आ जाए तो कुछ नहीं हो पाता है।

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