Koshi Live-कोशी लाइव मधेपुरा:पानी की तरह बहा पैसा, शुद्ध पेयजल बना सपना - Koshi Live-कोशी लाइव

BREAKING

ADS

Translate

Saturday, January 23, 2021

मधेपुरा:पानी की तरह बहा पैसा, शुद्ध पेयजल बना सपना


मधेपुरा। सरकार हर घर नल का जल पहुंचाने का दावा कर रही है। योजना के तहत सभी को स्वच्छ पीने का पानी मिलने की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ और ही नजर आ रहा है।

सरकारी योजनाओं की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में साल 2010 में 19 लाख की लागत से 25 मिनी सौर ऊर्जा चलित पेयजल आपूर्ति पंप निर्माण करवाया गया था। ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सके, लेकिन दो वर्ष तक किसी तरह यह योजना चली उसके बाद इस पर ग्रहण लग गया। हालत यह है कि संयत्र यूं ही बेकार हो रहा है। लोगों को शुद्ध पेयजल का सपना ही बना हुआ है।

दो साल बात हो गया बेकार साल 2010-11 में लोक स्वास्थ्य प्रमंडल मुरलीगंज द्वारा प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में 25 मिनी जलापूर्ति योजना का निर्माण 19.82 लाख रुपये से कराया गया है। इसके तहत गांव के वार्ड एक और दो को पोषक क्षेत्र माना गया।

इसके लिए पंप हाउस से वार्ड एक और दो में भूमिगत लोहे का पाइप भी लगाया गया। ताकि लोगों के घरों तक शुद्ध पानी पहुंचे। जगह-जगह नल भी निकाले गए, लेकिन अफसोस इस बात का कि इस योजना का लाभ केवल एक दो साल तक ही मिला। यानी करीब बीस लाख रुपये पेयजल के लिए खर्च हुए। इसकी उपयोगिता दो साल बाद समाप्त हो गई।

चालू हो जलापूर्ति तो दूर होगी पेयजल की समस्या

अगर संयत्र को सुचारू रूप से आरंभ कराने की प्रशासनिक पहल हो तो लोगों को स्वच्छ पानी मिलने लगेगा। इस बाबत

गांव के तसरीफ अंसारी, विजय यादव, बच्चन यादव और दाउद अंसारी ने बताया कि जब गांव में मिनी जलापूर्ति योजना चालू हुआ तो एक बार ऐसा लगा कि अब पानी की समस्या समाप्त हो जाएगी, लेकिन दो साल बाद यह जलापूर्ति बंद हो गई और आज लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। वैसे अभी सरकार अपने सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल से पानी देने जा रही है। सालों पुरानी योजना बंद है। यदि बंद योजना को पुन: चालू किया जाए तो लागत खर्च भी कम होगा।

प्रशासनिक उदासीनता का शिकार हो रहा यंत्र इस योजना को पुन: सुचारू रूप से चालू कराने के लिए लोगों ने कई स्थानीय जनप्रतनिधि व आला अफसरों तक गुहार लगाई। बंद मिनी जलापूर्ति योजना को चालू कराने के लिए गांव के लोगों ने पीएचईडी विभाग से कई बार शिकायत की गई, लेकिन आज तक चालू नहीं किया जा सका। इससे यहां के लोग काफी आक्रोशित हैं। राजद अध्यक्ष अरूण कुमार ने बताया पानी के नाम पर सरकार और विभाग द्वारा बंदरबांट किया जा रहा है। एक पंप के लागत से काफी संख्या में चापाकल उपलब्ध कराया जा सकता है और उसपर किसी प्रकार का अतिरिक्त खर्च भी नहीं आएगा। यह सिर्फ योजना के नाम पर जनता के सरकारी धन की बर्बादी है।

Followers

MGID

Koshi Live News