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Tuesday, January 12, 2021

मधेपुरा: द्वारकाधीश छात्रावास में स्वामी विवेकानंद की जयंती पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया

कोशी लाइव/पप्पू मेहता की रिपोर्ट:
प्रेस - विज्ञप्ति
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मधेपुरा: मंगलवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती वार्ड नंबर 13 मधेपुरा के द्वारकाधीश छात्रावास में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । आतंरिक परिवाद समिति सदस्य सह कौसिंल मेंबर, स्नातकोत्तर विज्ञान संकाय, भूo नाo मंo विo विo मधेपूरा के बिट्टू कुमार के अध्यक्षता में मनाया गया। इस मौके पर आतंरिक परिवाद समिति सदस्य सह कौंसिल मेंबर स्नातकोत्तर विज्ञान संकाय, बिट्टू कुमार ने कहा- उठो जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए। कहते हैं, हर मनुष्य के भीतर ऊर्जा मौजूद होती है, ऐसे में उस उर्जा को सही दिशा में लगाना बहुत जरूरी है। खासतौर पर युवाओं को अपनी उर्जा को सही दिशा में लगाना बहुत जरूरी है। हम में से कई लोग स्वामी विवेकानंद, जो भारत में पैदा हुए, महान आध्यात्मिक किंवदंती हैं, के बारे में बहुत कुछ जानते हैं, के बारे में बहुत कुछ नहीं जानते । यद्यपि वे जन्म से भारतीय थे फिर भी उनके जीवन का मिशन केवल राष्ट्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं था बल्कि इससे कहीं अधिक था। उन्होंने मानव जाति की सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित किया जो निश्चित रूप से राष्ट्रीय सीमाओं से आगे बढ़ा। उन्होंने अस्तित्व के वेदांत संघ के आध्यात्मिक आधार पर मानव भाईचारे और शांति फैलाने के लिए अपने पूरे जीवन में प्रयास किया। सच्चाई के लिए कुछ भी छोड़ देना चाहिए, पर किसी के लिए भी सच्चाई नहीं छोड़नी चाहिए। San 1897 मैं मद्रास में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा था " जगत में बड़ी-बड़ी बिजाई जातियां हो चुकी है । "
वही स्नातकोत्तर वाणिज्य विभाग के विभागीय परिषद सदस्य प्रभु कुमार ने कहा एक विचार लो, उस विचार को अपना जीवन बना लो, उसके बारे में सोचो, उसके सपने देखो, उस विचार को जियो । अपने मस्तिष्क, मांस पेशियों, नासा ने उस विचार के अलावा अन्य कोई विचार मत रखो । इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि - आप किसी को दोष मत दीजिए अगर आप अपने हाथ आगे बढ़ाकर किसी की मदद कर सकते हैं तो कीजिए, अगर नहीं कर सकते हैं तो अपने हाथ बांधकर खड़े हो जाइए। स्वामी विवेकानंद हमेशा वेद उपनिषदों को उद्धृत किया और उन लोगों को आध्यात्मिक प्रशिक्षण दिया जो भारत में संकट या और आज जगता की स्थिति पनपने से रोकते थे । स्वामी जी ने कहा मेरी आशाएं युवा वर्ग पर टिकी हुई हैं। स्वामी जी को युवाओं से बड़ी उम्मीदें थी ।उन्होंने युवाओं से बड़ी उम्मीदें के साथ 'अह‌ं' की को खत्म करने के उद्देश्य से कहा यदि तुम स्वयं ही नेता के रूप में खड़े हो जाओगे तो तुम्हें सहायता देने के लिए कोई भी आगे न बढ़ेगा । यदि सफल होना चाहते हो तो पहले अपने अह‌ं ही नाश्ता डालो ।
वही टी पी कॉलेज के युवा छात्र नेता अभिषेक कुमार उर्फ मंटू यादव ने कहा - तुम्हें अंदर से बाहर की तरफ विकसित होना है। कोई तुम्हें पैदा नहीं कर सकता, कोई तुम्हें अध्यात्मिक नहीं बना सकता । तुम्हारी आत्मा के अलावा कोई और गुरु नहीं है ।
इस मौके पर उपस्थित छात्र नेता - प्रभु कुमार (विभागीय परिषद सदस्य, वाणिज्य विभाग) , जवाहर पासमान जी, प्रसन्न मुकीम, अमित आनंद, माधव कुमार, अभिषेक उर्फ मंटू यादव, राहुल कुमार गुप्ता, मिथिलेश कुमार, सिकंदर, विपिन, नीतीश, अमित, बृजेश कुमार, शशिकांत, नवीन, विकास, मोहम्मद अब्दुल रहमान, मनोरंजन, भूषण मेहता, लक्ष्मण कुमार यादव जंतु विज्ञान के शोधार्थी छात्र आदि मौजूद थे !!!

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