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Wednesday, January 27, 2021

BIHAR/पोर्टल में फंसी सहायता राशि:कोरोना से मरने वालों के आश्रितों को नहीं मिल रही CM राहत कोष से 4 लाख की राशि, पोर्टल नहीं हो रहा अपडेट


कोरोना से मरने वालों के परिजनों की राहत पोर्टल में फंस गई है। परिवार मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता के लिए भटक रहा है। बिहार में 50 प्रतिशत मामलों में अब तक परिजनों को CM राहत कोष से सहायता राशि नहीं मिल पाई है। दैनिक भास्कर ने जब पड़ताल की तो पता चला कि सारा पेंच पोर्टल में ही फंसा है। जिस पोर्टल से सिविल सर्जन कार्यालय राज्य स्वास्थ्य समिति को जानकारी देता है वह पोर्टल ही काम नहीं कर रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की थी कि राज्य में कोरोना से मौत होने पर मृतक के नजदीकी आश्रित को CM राहत कोष से 4 लाख की सहायता राशि दी जाएगी।

बिहार में अब तक 1486 लोगों की मौत

बिहार में कोरोना से मंगलवार तक 1486 लोगों की मौत हो चुकी है। पटना में 409 लोगों की जान खतरनाक कोरोना वायरस ने ली है। पटना में कोरोना से हुई 409 मौतों के मामले में 134 के आश्रितों को ही सहायता राशि मिल पाई है। यह 50 प्रतिशत से भी कम है। यह स्थिति पूरे बिहार में है, 50 प्रतिशत परिवार सहायता के लिए भटक रहे हैं।

पोर्टल में यह आ रही है समस्या

कोरोना से मरने वालों का वैरीफिकेशन संबंधित जिले के सिविल सर्जन कार्यालय को करना होता है। वेरीफिकेशन के बाद सिविल सर्जन कार्यालय से जानकारी पोर्टल के माध्यम से राज्य स्वास्थ्य समिति को भेजी जाती है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पोर्टल में जानकारी अपडेट करने में समस्या आ रही है। पटना की सिविल सर्जन डॉ. विभा कुमारी सिंह का कहना है कि पोर्टल दो दिनों में ही अपडेट नहीं ले रहा है जिससे समस्या आ रही है। अगर पोर्टल में समस्या नहीं आती तो जानकारी समय से राज्य स्वास्थ्य समिति को मिल जाती। इससे समस्या नहीं होती और मृतकों के परिजनों को समय से सहायता राशि मिल जाती।

कोरोना से मौत हुई तो भी नहीं मिलेगी राशि

अगर कोरोना से मौत भी हुई है और जहां इलाज कराया है वह बिहार सरकार से रजिस्टर्ड नहीं है तो सहायता राशि नहीं मिलेगी। जांच में भी ऐसे ही नियम बनाए गए हैं। अगर जांच केंद्र को बिहार में स्वास्थ्य विभाग ने रजिस्टर्ड नहीं किया है तो उसकी जांच को भी सहायता राशि के मामले में नहीं माना जाएगा। सिविल सर्जन का कहना है कि ऐसे मामलों में राज्य स्वास्थ्य समिति से निर्देश है। अब पोर्टल में समस्या के कारण इससे संबंधित जानकारी नहीं अपलोड हो पा रही है। इस कारण से और दिक्कत है।

अस्पताल बंद, अब मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए दौड़ रहे परिजन

बिहटा के PM केयर कोविड हॉस्पिटल को लगभग एक माह पूर्व बंद कर दिया गया है। अब वहां मरने वालों की जानकारी जुटाना परिजनों के लिए बड़ी चुनौती हो गई है। रमेश कुमार का परिवार भी इन्हीं में से एक है। कोरोना संक्रमण के बाद उन्हें बिहटा में भर्ती कराया गया था जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अस्पताल ने ही शव का अंतिम संस्कार करा दिया, घर वालों के पास कोई कागजात नहीं है। वे मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए सिविल सर्जन कार्यालय से लेकर अस्पताल तक दौड़ लगा रहे हैं। बुधवार को सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचे परिजनों का कहना था कि वह पटना जिले के रहने वाले नहीं हैं। दौड़-दौड़ कर आ रहे हैं। कहीं से कोई मदद नहीं मिल पा रही है।

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