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Saturday, January 30, 2021

सहरसा/ठगी:नौकरी का झांसा देकर 21 युवकों से 6.78 लाख की ठगी, कंपनी के प्रबंधक को बनाया बंधक


बेरोजगार 21 युवकों से ग्लेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नामक फर्जी कंपनी का प्रबंधक कुल 6. 78 लाख रुपए की ठगी कर फरार हो गया। मामला शुक्रवार को तब सामने आया जब कंपनी के शिकार युवक हंगामा करने लगे। ठगी के इस नेटवर्क का सरगना मधेपुरा निवासी बिट्टू कुमार बताया जाता है। शुक्रवार सुबह कंपनी के प्रबंधक बिट्‌टू कुमार को बेरोजगारों और मोहल्ले के लोगों ने बंधक बनाया लेकिन दो घंटे में रकम लाकर लौटने की बात कह गायब हो गया। ग्लेज इंडिया के नाम पर विज्ञापन प्रकाशित हुआ था। इसमें सेमी व सरकारी विभाग में नौकरी के नाम पर युवकों को ऑनलाइन अप्लाई करवाया गया। इसके बाद उनकी काउंसलिंग की। 45 दिनों की ट्रेनिंग भी दी गई। इस दौरान युवकों से 25 हजार रुपए से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक की ठगी की गई। फिर फर्जी कंपनी के दवा को बाजार में बेचवाने का काम दिया गया।
यूपी के बेरोजगार भी हुए शिकार
ग्लेज इंडिया के चंगुल में बिहार के ही नहीं बल्कि यूपी के भी बेरोजगार फंसे हैं। बनारस के रहने वाले योगेंद्र उपाध्याय को सेमी गवर्नमेंट के हेल्थ डिपार्टमेंट में डाटा ऑपरेटर की नौकरी का झांसा देकर 25 हजार रुपए की ठगी की। वहीं उनके मित्र से भी 25 हजार रुपए से लेकर 35 हजार रुपए तक की ठगी की। जबकि गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत धीवर गांव निवासी कुलदीप कुमार से 20 हजार, शेखपुरा के बरबीघा गांव निवासी अंकित से 69 हजार 500 रुपए, नवादा के बड़बीघा गांव निवासी पंकज से 30 हजार, यही के अब्दालपुर गांव निवासी पंकज से 30 हजार, नवादा के ही गोंडापुर गांव निवासी ऋषि से 18 हजार, गौरव एवं विक्की से डेढ़ लाख जबकि नालंदा के सिलाव गांव निवासी संदीप कुमार से 55 हजार रुपए की ठगी कर ली गई है।

ट्रेनिंग के बाद नौकरी नहीं दी | 21 युवकों ने बताया कि कंपनी ने बिहार और यूपी के लगभग 200 युवकों को 45 दिन की ट्रेनिंग दी। उनसे 25 हजार रुपए से डेढ़ लाख रुपए स्थाई नौकरी के नाम पर वसूला । लेकिन ट्रेनिंग के 45 दिन बीतने के बाद उन्हें कोई नौकरी नहीं दी गई। साथ ही न तो उन्हें ट्रेनिंग में कंपनी द्वारा कहे गए 15 हजार रुपए मिले।

विज्ञापन के झांसे में आकर अप्लाई किया: पीड़ित योगेंद्र
पीड़ित योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कई अखबारों में ग्लेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी का विज्ञापन प्रकाशित हुआ था। जिसमें सेमी गवर्नमेंट में ट्रेनिंग के दौरान 15 हजार रुपए वेतन दिए जाने और ट्रेनिंग के बाद 22 हजार रुपए की सैलरी दिए जाने की बात कह कर विज्ञापन प्रकाशित की गई थी। उक्त विज्ञापन के झांसे में आकर उन्होंने ऑनलाइन अप्लाई किया। जिसके बाद प्रबंधक बिट्टू कुमार लगातार उनके संपर्क में रहा। पहले उन्हें काउंसलिंग के लिए सहरसा बुलवाया गया। काउंसिलिंग के बाद उनसे पैसे लिए गए। फिर उन्हें 45 दिन की ट्रेनिंग के लिए सहरसा में ही रखा गया। दो महीने से अधिक का समय गुजर गया है। उन्हें ना तो ट्रेनिंग के दौरान किसी तरह का वेतन ही दिया गया और न ही ट्रेनिंग खत्म होने के बाद नौकरी।

बिजनेस के लिए पैसे लिए गए हैं : बिट्टू
ग्लेज इंडिया के प्रबंधक बिट्टू कुमार ने बताया कि बिजनेस के नाम पर रुपए लिए गए हैं नौकरी के नाम पर नहीं। अगर इनलोगों को बिजनेस करना पसंद नहीं है तो सभी से लिए गए रुपए वापस कर दिए जाएंगे। कोई धोखाधड़ी नहीं हुई है।

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