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Friday, January 15, 2021

बिहार पंचायत चुनाव: 19 जनवरी को होगा मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन, 1 फरवरी के बाद नहीं लिया जाएगा आवेदन


पटना. बिहार पंचायत चुनाव 2021(Bhar Panchyat chunav 2021) को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. उम्मीद की जा रही है कि यह चुनाव 9 चरणों में करवाए जाएंगे और यह मार्च के अंतिम सप्ताह से शुरू होकर मई तक चलेगा. इस चुनाव के लिए मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन 19 जनवरी को किया जाना है. प्रारूप प्रकाशन के दौरान मतदाता सूची में संशोधन की कार्रवाई की जाएगी. राज्य निर्वाचन आयोग (Bhar Election Commssion) के अनुसार मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर किया जाएगा.

बता दें कि इसके लिए 19 जनवरी 2021 से 1 फरवरी 2021 तक पंचायत मतदाता सूची में संशोधन संबंधी दावा एवं आपत्तियां प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से या आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन दी जा सकेगी. 1 फरवरी 2021 के बाद दावा एवं आपत्तियां किसी भी स्तर पर प्राप्त नहीं की जाएंगी.

त्रिस्तरीय पंचायतों के साथ ग्राम कचहरियों में शामिल होने के लिए 10 लाख प्रतिनिधियों में उत्सुकता का माहौल है. प्रतिनिधियों के बीच गांवों में अभी से तैयारियां शुरू हो गई हैं. गौरतलब है कि त्रिस्तरीय पंचायत और ग्राम कचहरी के कुल पदों की संख्या राज्यभर में कुल दो लाख 58 हजार 124 है.

इनमें वार्ड सदस्यों के एक लाख 14 हजार 733 पद, ग्राम कचहरी पंच के एक लाख 14 हजार 733 पद, पंचायत समिति के 11497 पद, ग्राम पंचायत के मुखिया के 8386 पद, ग्राम कचहरी सरपंच के 8386 पद और जिला पर्षद सदस्यों के 1161 पद शामिल हैं.

राज्य सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों के हर पद की जिम्मेदारी और भागीदारी बढ़ाने के बाद वार्ड सदस्य और पंच के पदों पर भी दावेदारों की संख्या बढ़ गयी है. पंचायती राज संस्थाओं द्वारा किये जा रहे कार्यों का क्रियान्वयन वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के माध्यम से किया जा रहा है. इस समिति के अध्यक्ष वार्ड से निर्वाचित सदस्य होते हैं, जबकि उपाध्यक्ष उस वार्ड के ग्राम कचहरी के पंच को बनाया गया है.

इसी तरह 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के बाद ग्राम पंचायतों के अलावा पंचायत समिति सदस्यों और जिला पर्षद सदस्यों को भी वित्तीय शक्तियां मिल गयी हैं. ऐसे में पांच वर्षों तक वित्तीय अधिकार से वंचित रहनेवाले पंचायत समिति और जिला पर्षद सदस्यों के पदों पर भी दावेदारों की संख्या बढ़ गयी है.

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