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Friday, December 25, 2020

SAHARSA NEWS:बिना परमिट के अब नहीं चलेंगे ईंट भट्ठे, रॉयल्‍टी जमा करने में विलंब पर लगेगा दंड शुल्‍क

koshilive news desk:

सहरसा। ईंट भट्ठों के संचालन के बहाने सरकारी राजस्व का भट्ठा बैठानेवाले चिमनी मालिकों पर विभाग ने नकेल कसने की योजना बनाई है। खनन विभाग ने ईंट भट्ठा संचालन के लिए नया निर्देश जारी कर दिया है। अब जहां कोई भट्ठा मालिक बिना परमीट चिमनी का संचालन नहीं कर पाएंगे, वहीं ज्यों- ज्यों रॉयल्‍टी जमा करने में देरी होगी, उनका शुल्क बढ़ता चला जाएगा। नए प्रावधान के अनुसार खनन की गहराई भी निर्धारित कर दी गई है। अब यदि कोई ईंट निर्माता विहित रीति में रॉयल्टी राशि का भुगतान करने में असफल रहते हैं, तो उन्हें व्यवसाय चालू रखने की सहमति नहीं दी जाएगी।

30 जून के बाद दोगुना चुकानी होगी रॉयल्‍टी।

खनन विभाग ने ईंट भट्टा संचालन के लिए शहरी क्षेत्र में एक लाख 57 हजार 500 रॉयल्‍टी तय किया है, जबकि ग्रामीण क्षेत्र के चिमनी के लिए एक लाख 12 हजार 500 रुपये निर्धारित किया है। भट्ठा चालू करने के पूर्व यह राशि 30 नवंबर तक जमा करनेवाले भट्ठा मालिकों को निर्धारित शुल्क में पांच फीसद की छूट दी जाएगी। 31 दिसंबर तक बिना दंड के निर्धारित शुल्क जमा किया जा सकेगा। 31 जनवरी तक 105 फीसद, 28/29 फरवरी तक 110 फीसद, 31 मार्च तक 115 फीसद, 30 जून तक 150 फीसद और 30 जून के बाद रॉयल्टी शुल्क दो सौ प्रतिशत निर्धारित किया है। अगली पथाई सीजन के पूर्व इस राशि के जमा नहीं करने पर उन्हें दोबारा भट्ठा चलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

जिले में संचालित है 98 ईंट भट्ठा

कोसी प्रभावित सहरसा जिला में कुल 98 ईंट भट्ठा संचालित है। इस क्षेत्र में ग्रेड वन का कोई चिमनी नहीं है। जिले के शहरी क्षेत्र में ग्रेड टू के नौ और ग्रामीण क्षेत्र में गे्रड टू के 89 चिमनी संचालित है। विभाग द्वारा इन सभी चिमनी मालिकों के लिए नया आदेश जारी कर दिया है। यदि खनन की गहराई समीपवर्ती जमीन स्तर से डेढ़ मीटर से अधिक होगा, तो भट्ठा मालिकों को पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए पर्यावरणीय सहमति की अनिवार्यता तय कर दी गई है।

क्‍या कहते हैं खान निरीक्षक

खान निरीक्षक सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि भट्ठा के संचालन के लिए विभाग ने रॉयल्टी का समय तय कर दिया है, ताकि समय पर सरकारी राजस्व जमा हो सके। इसमें लापरवाही करनेवाले चिमनी मालिको को जहां चरणबद्ध दंड का प्रावधान किया गया है, वहीं अत्यधिक देरी से उनके व्यवसाय को भी निरूद्ध किया जा सकता है। इसके लिए विभागीय निर्देश जारी हो चुका है।

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Shivesh Mishra

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