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Sunday, December 27, 2020

SAHARSA CRIME:धबौली ड्रेनेज के बहियार में मिले शव की हुई पहचान, मधेपुरा के इस गांव का था रहने वाला

कोशी लाइव सहरसा डेस्क:

सहरसा क्राइम : धबौली ड्रेनेज के बहियार में मिले शव की हुई पहचान, मधेपुरा के इस गांव का था रहने वाला

सहरसा। धबौली पश्चिमी पंचायत स्थित ड्रेनेज टेमा टोला के बीच गढ्ढे में मिले अज्ञात शव की पहचान हो गयी है। शव की पहचान ङ्क्षसहेश्वर थाना क्षेत्र के पटोरी निवासी मनीष कुमार (25)के रूप में की गई है। शनिवार की रात परिजनों ने ओपी पर पहुंच कर मनीष के रूप में शव की पहचान की। स्वजनों ने मनीष के हत्या की आशंका जतायी है।

ओपी अध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि अज्ञात शव का पोस्टमार्टम कराते हुए चौकीदार विशेश्वर पासवान के बयान पर अज्ञात के खिलाफ सौरबाजार थाना में मामला दर्ज कराया गया है। मृतक के स्वजनों ने शव का पहचान करते हुए हत्या की आशंका जताई है। शव उसके स्वजनों को सौंप दिया गया है।

अपने बहनोई के घर पर रहता था मनीष

मृतक के भाई मिथिलेश चौरसिया, चाचा देवशंकर चौधरी, चचेरा भाई मुकेश कुमार, बहन पूनम कुमारी ने बताया कि मनीष अपने बहन बहनोई के घर पूर्णिया के दिवरा में रहता था। बीते बुधवार को दिवरा से लापता हुआ था। 23 दिसंबर को बी.कोठी थाना के दिवरा से मनीष के गायब होने को लेकर स्थानीय थाने में लिखित शिकायत की गयी

दिवरा से कैसे पहुंचा

गायब मनीष का शव 24 दिसंबर को धबौली पश्चिमी के बहियार में मिला। शव एक गड्ढ में दबा हुआ था। परिजन सहित पतरघट पुलिस प्रथम ²ष्टया में हत्या कर शव छिपाने की आशंका जता रहे हैं। पुलिस इस बात की तफ्तीश कर रही है कि आखिर किस स्थिति में और किसके साथ मनीष बहियार तक आया था।

शव को छुपाने का सुरक्षित इलाका बना है धबौली ड्रेनेज

धबौली ड्रैनेज असुआ बांध के तरफ पूर्व में भी कई शव मिल चुके हैं। बीते वर्ष 2018 में यहां मुरलीगंज की एक महिला का शव बरामद हुआ था। जबकि वर्ष 2019 में यहां बिहारीगंज के एक ड्राइवर की लाश बरामद हुई थी। यह तीसरी घटना है जबकि दूसरे जिले के निवासी का शव बरामद किया गया है। दूसरी जगह हत्या कर शव छिपाने का यह सुरक्षित ठिकाना साबित हो रहा है। ओपी अध्यक्ष ने कहा है कि परिजनों द्वारा आवेदन दिये जाने पर दर्ज रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह पता चल पाएगी। मामले का अनुसंधान किया जा रहा है।

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