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Friday, December 25, 2020

बड़ी खबर/सावधान! गूगल Play Store से हटे तुरंत लोन देने वाले कैश मामा, धनाधन एप,और कई एप्प, हर दिन 30 से 40 लोग कर रहे शिकायत


दीपक विश्वकर्मा, भोपाल। अगर आपने ऑनलाइन एप के जरिये लोन लिया है और उसके रिकवरी एजेंट आपको बार-बार कॉल कर रहे हैं या आपके स्वजनों को फोन कर परेशान कर रहे हैं तो इसकी शिकायत साइबर क्राइम ब्रांच में कर सकते हैं। तत्काल ऑनलाइन लोन के नाम पर भोपाल सहित देश के कई शहरों में चल रहे गिरोह का शिकार हुए करीब 30 से 40 लोग हर दिन भोपाल में शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इधर, हैदराबाद साइबर सेल की कार्रवाई के बाद मोबाइल ई-लोन एप- कैश मामा, लोन जोन, धनाधन लोन, कैश अप, कैश बस, मेरा लोन और कैश जोन एप गूगल प्ले स्टोर से हट गए हैं।

इन्हें दिल्ली और बेंगलुर की विभिन्न कंपनियों से संबद्ध होना बताया जा रहा है। इन एप के रिकवरी एजेंट्स का फोन उपभोक्ताओं को आना बंद हो गया है। वहीं, जिनके मोबाइल पर यह एप इंस्टॉल है, उनसे एप अपडेट मांग रहा है लेकिन अपडेट करने के लिए गूगल प्ले स्टोर पर कोई लिंक नहीं मिल रही है। दरअसल, साइबर पुलिस की कार्रवाई के बाद गूगल को पत्र लिखकर इन एप को बंद करने के लिए कहा गया था।

भोपाल में दो हजार से अधिक लोगों ने लिया है ऐसे एप के माध्यम से लोन

पुलिस के अनुमान के मुताबिक भोपाल में इन एप से लोन लेने वाले लोगों की संख्या दो हजार से अधिक है। अब तक साइबर पुलिस के पास फोन पर लोन चुकाने के लिए धमकी देने की एक हजार शिकायतें आ चुकी हैं। जिन नंबरों से उपभोक्ताओं को फोन किया जा रहा है उन नंबरों को ट्रैक करने पर वे या तो बंद बता रहे हैं या फिर नंबर पर कोई आइडी न होने के कारण कॉल ट्रेस नहीं हो पा रही है। इतना ही नहीं कई उपभोक्ताओं को तो इंटरनेट कॉलिंग के जरिये फोन आ रहे हैं, अधिकांश शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्हें दक्षिण भारतीय रिकवरी एजेंट फोन कर रहे हैं।

दर्ज कराया जा सकता है मामला

नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी के साइबर क्राइम विभाग के अध्यक्ष अतुल पांडेय के अनुसार जिस उद्देश्य से आपने डेटा शेयर किया है, संबंधित एप उसी कार्य में इसका उपयोग कर सकता है। अगर वह आपके डेटा का गलत उपयोग करता है तो उसके खिलाफ तमाम सूचनाएं सार्वजनिक करने के मामले में निजता का उल्लंघन का मामला भी दर्ज किया जा सकता है।

बिना पढ़े न करें डिजिटल साइन

साइबर क्राइम ब्रांच के एएसपी रजत सकलेचा ने बताया कि जो एप अपनी एनबीएफसी (नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी) के बारे में न बताएं वे फर्जी एप होते हैं। लोन से जुड़ा कोई भी दस्तावेज बिना पढ़े डिजिटल रूप में साइन न करें। रिकवरी से जुड़े पूरे नियम अच्छे से जान लें। पार्ट पेमेंट से जुड़े नियम भी कर्ज देने वाली संस्था से अच्छे से मालूम कर लें।

एजेंटों के नाम उजागर करना जरूरी

लीड बैंक मैनेजर शैलेंद्र श्रीवास्तव के अनुसार एप संचालित करने वाली कंपनी एनबीएफसी की तरफ से तो कर्ज नहीं दे रही है इस बात की जानकारी पहले ही देना अनिवार्य है। एनबीएफसी कंपनी अपने एप पर इस बारे में ग्राहकों को बताए। बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को अपने एजेंटों के नाम बताना भी अनिवार्य है।

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