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Sunday, December 27, 2020

Good News सहरसा-मानसी और पूर्णिया रेललाइन का होगा दोहरीकरण, रेल मंत्रालय ने दी हरी झंडी

कोशी लाइव डेस्क:

सहरसा और पूर्णिया प्रमंडल के रेलवे यात्रियों के लिए खुशखबरी! रेल मंत्रालय ने सहरसा-मानसी और सहरसा-पूर्णिया कोर्ट रेलखंडों के सिंगल लाइन से दोहरीकरण की मंजूरी दे दी है। रेल मंत्रालय ने प्रोजेक्ट को मंजूरी देते हुए नेशनल रेल प्लान 2021 में शामिल कर लिया है। फेज वाइज रेलखंडों का दोहरीकरण कार्य करने की योजना बनाई गई है। 

दोहरीकरण कार्य की शुरुआत सहरसा से
दोहरीकरण कार्य की शुरुआत सहरसा तरफ से सहरसा-सिमरी बख्तियारपुर (17.15 किमी) में होगा। उसके बाद फनगो सिमरी बख्तियारपुर-फनगो हॉल्ट (11.58 किमी) और फनगो हॉल्ट-मानसी(14.13 किमी) किमी में दोहरीकरण किया जाएगा। सहरसा-मानसी के बीच कुल 42.86 किमी की दूरी में नॉर्मल सिंग्नलिंग सुविधा के साथ दोहरीकरण कार्य वर्ष 2031 तक पूरा करने की योजना बनाई गई है। इस रेलखंड पर टिकास सिंग्नलिंग की सुविधा वर्ष 2051 तक बहाल करने की योजना बनाई गई है। इसमें बागमती और कोसी नदी पर फनगो हॉल्ट-बदला घाट के बीच दोहरीकरण कार्य करना मुश्किलों से भरा होगा।

ट्रेनों के विलंब परिचालन की समस्या दूर होगी
वहीं सहरसा-पूर्णिया कोर्ट(96.02 किमी) रेलखंड पर नॉर्मल सिंग्नलिंग के साथ वर्ष 2051 तक दोहरीकरण कार्य पूरा करने की योजना तैयार की गई है। इसमें सहरसा-मधेपुरा(20.93 किमी) रेलखंड से दोहरीकरण कार्य की शुरुआत होगी। पूर्णिया कोर्ट-बनमनखी(32.07 किमी) और बनमनखी-मधेपुरा(43.02 किमी) में भी दोहरीकरण कार्य होगा। कोसी की लाइफलाइन कही जाने वाली रेलखंडों का दोहरीकरण होने से ट्रेनों के विलंब परिचालन की समस्या दूर होगी।  हॉल्ट और बिना ठहराव वाले स्टेशनों पर ट्रेनों को रोककर सहरसा रेल यार्ड खाली होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ट्रेनों की संख्या बढ़ने की संभावना बनेगी। बाढ़ बरसात के समय में नदी के दवाब से अगर एक ट्रैक पर खतरा बना तो परिचालन जारी रहने का दूसरा रेललाइन विकल्प बनेगा।

सुपौल-सहरसा रेलखंड का भी होगा दोहरीकरण
सहरसा-सुपौल(27.86 किमी)  रेलखंड का भी दोहरीकरण होगा। नवीनतम टिकास सिंग्नलिंग सुविधा के साथ वर्ष 2051 तक दोहरीकरण कार्य पूरा करने की योजना बनाई गई है। वहीं सुपौल-नरपतगंज रेलखंड में भी टिकास सिंग्नलिंग सुविधा के साथ वर्ष 2051 तक दोहरीकरण पूरा करने की योजना  है।

खगड़िया, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर व मुंगेर की लाइनें भी
खगड़िया, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और मुंगेर की कई रेललाइनों का भी दोहरीकरण किया जाएगा। सकरी-मधुबनी (17.22 किमी) और मधुबनी-जयनगर (31.65 किमी) रेलखंड के दोहरीकरण को मंजूरी देते हुए वर्ष 2031 तक नॉर्मल सिंग्नलिंग सुविधा के साथ पूरा करने की योजना बनाई गई है। दरभंगा-सकरी(19.89 किमी) को वर्ष 2026 तक नॉर्मल सिंग्नलिंग और 2051 तक टिकास सिंग्नलिंग के साथ दोहरीकरण की योजना है। हसनपुर रोड-समस्तीपुर(46.04 किमी) और हसनपुर रोड-खगड़िया(40.73 किमी) रेलखंडों को नॉर्मल सिंग्नलिंग सुविधा के साथ वर्ष 2041 तक दोहरीकरण करने की योजना है। साहेबपुर कमाल-सबदलपुर (4.71किमी) और मुंगेर-सबदलपुर(5.78 किमी) को नॉर्मल सिंग्नलिंग के साथ वर्ष 2041 तक पूरा करने की योजना है। वहीं दिनकर ग्राम सिमरिया-बरौनी(5.62) किमी रेलखंड पर टिकास सिंग्नलिंग के साथ वर्ष 2041 में तीसरी और 2051 में चौथी लाइन बनाने की योजना है।

रेल मंत्रालय  ने पूर्व मध्य रेल की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को नेशनल रेल प्लान 2021 में शामिल किया है। कौन सी प्रोजेक्ट कब तक पूरी होगी उसकी प्लानिंग की गई है। - राजेश कुमार, सीपीआरओ, ईसीआर

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