Koshi Live-कोशी लाइव बिहार के जूनियर डॉक्टरों को महंगी पड़ेगी हड़ताल, नो वर्क नो पे के साथ कानूनी कार्रवाई के आदेश - Koshi Live-कोशी लाइव बिहार का नं1 ऑनलाइन न्यूज पोर्टल कोशी लाइव! विज्ञापन के लिए संपर्क करें MOB:7739152002

BREAKING

ADS

Translate

Saturday, December 26, 2020

बिहार के जूनियर डॉक्टरों को महंगी पड़ेगी हड़ताल, नो वर्क नो पे के साथ कानूनी कार्रवाई के आदेश


पटना: बिहार में जूनियर डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत है. इस बीच, चिकित्कों की हड़ताल पर नीतीश कुमार सरकार सख्त हो गई है. सरकार ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि जो डॉक्टर काम पर नहीं लौटेंगे, उन्हें स्टाइपेंड नहीं दिया जाएगा. यानी 'नो वर्क नो पे' (No Work No Pay) का आदेश जारी किया गया है.


बता दें कि आदेश स्वास्थ्य विभाग के सचिव कौशल किशोर की तरफ से आदेश जारी किया गया है. आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर जूनियर डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवा या ओपीडी बाधित करने की कोशिश की तो उन पर कानूनी कार्रवाई होगी. सरकार ने सभी मेडिकल कॉलेज को अनुसाशनिक समिति की बैठक बुलाकार कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.

वहीं, सभी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल से मरीजों की जांच का हर दिन का डिटेल्स सरकार के पास भेजने का निर्देश दिया है.
सरकार मरीजों को हर हाल में पूरी मेडिकल सुविधा देने के लिए कृतसंकल्प है.


क्या है मामला?
दरअसल, बिहार में जूनियर डॉक्टर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं. जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने के कारण अस्पतालों की ओपीडी और आपातकालीन सेवाओं पर असर पड़ रहा है. जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने भी समर्थन दिया है और मांगों को जायज बताया है.


जेडीए की प्रमुख मांग स्टाइपेंड की राशि बढ़ाने की है. जेडीए का कहना है कि प्रत्येक तीन साल के बाद स्टाइपेंड की राशि बढ़ाने का सरकार ने 2017 में भरोसा दिया था, लेकिन उस समय के बाद अब तक स्टाइपेंड की राशि में बढ़ोतरी नहीं की गई है. उन्होंने कहा कि इसको लेकर कई बार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की गई लेकिन कोई लाभ नहीं मिला. आखिरकार हमलोगों को हड़ताल पर जाना पड़ा.

Followers

MGID

Koshi Live News