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Monday, December 28, 2020

बिहार के तीन सौ से अधिक मुखिया नहीं लड़ पाएंगे पंचायत चुनाव

कोशी लाइव डेस्क:

पटना, राज्य ब्यूरो । बिहार में नए नगर निकायों के गठन (creation of new urban bodies in Bihar) के कारण त्रिस्तरीय पंचायतों (Thre tier panchayat)  का भूगोल बदल जाएगा। तीन सौ से अधिक मुखिया इस बार पंचायत चुनाव (Panchayat Election)  लडऩे से वंचित हो जाएंगे।

 सरकार ने 103 नये नगर पंचायतों (Nagar Panchayat)  के गठन को मंजूरी दी है। इस पहल के कारण दो सौ से अधिक पंचायत नगर पंचायत क्षेत्र में तब्दील हो जाएंगे। इसी तरह आठ नए नगर परिषद (Municipality) के सृजन के साथ ही 32 नगर पंचायतों को अपग्रेड कर नगर परिषद (Municipality) बना दिया गया है। ऐसे में सीधे तौर पर 60 पंचायत नये नगर परिषद क्षेत्र में चले जाएंगे। इसके अलावा 32 नगर पंचायत को अपग्रेड नगर परिषद बनाने के कारण  40 से अधिक पंचायतें नहीं रहेंगी। यही नहीं, पांच नये नगर निगम (Municipal Corporation) बनने के कारण भी 20 से 50 पंचायतों का अस्तित्व (existence) समाप्त हो जाएगा।

नगर निकायों चुनावों में किस्मत आजमाने का नया विकल्प

बता दें कि इस पहल के बाद त्रिस्तरीय पंचायतों के दस हजार से अधिक जनप्रतिनिधियों (people's represantatives)  की छुट्टी तय हो गई है। मुखिया (Mukhhiya), सरपंच (sarpanch), पंचायत समिति सदस्य (Panchayat Samiti memners) , वार्ड सदस्य (ward members) , वार्ड पंच का क्षेत्र नगर निकायों में समाहित हो जाएगी। बिहार नगर पालिका संशोधन अधिनियम-2020 (Bihar NagarPalika Amendment ACt-2020) के कारण तीन से अधिक पंचायतों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। हालांकि इसके जनप्रतिनिधियों को नगर निकायों चुनावों में किस्मत आजमाने का नया विकल्प मिलेगा।

चुनाव लड़ने से ऐसे वंचित रह जाएंगे दरअसल, पंचायती राज कानून के तहत औसतन सात हजार की आबादी पर एक पंचायत का गठन होता है। प्रति पंचायत में औसतन 32 से 35 जन प्रतिनिधि होते हैं। इस तरह तीन सौ पंचायतों के करीब दस हजार जनप्रतिनिधि 2021 का पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।

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Shivesh Mishra

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