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Monday, December 28, 2020

BIHAR NEWS:कोरोना काल में सूख गई प्रेम की धारा!, मात्र 16 प्रेमी युगल ने ही शादी का कराया निबंधन


भागलपुर/कोशी लाइव। कोरोना काल में प्रेम की धारा सूख गई! कम से कम निबंधन विभाग के आंकड़े यही गवाही दे रहे हैं। इस साल 16 प्रेमी युगल ने ही शादी के लिए निबंधन कराया है। हालांकि 60 लोगों ने शादी के बाद निबंधन कराया है। कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन का असर शादी-विवाह पर तो पड़ा ही है। प्रेमी युगल भी इस वर्ष शादी में पिछड़ गए। पिछले वर्ष 27 प्रेमी युगल ने शादी पूर्व निबंधन कराया था। लेकिन इस बार मात्र 16 युगल ने ही शादी के लिए निबंधन कराया। वहीं पिछली बार 121 लोगों ने शादी के लिए निबंधन कराया था। लेकिन इस बार इससे आधे लोगों ने भी निबंधन नहीं कराया। अभी तक मात्र 60 लोगों का ही निबंधन हो पाया है। इधर, जिले में इस वर्ष मात्र 25 दिव्यांगों की शादी हो पाई है। जिसके खाते में सरकारी नियमानुसार, एक लाख रुपये भेज दी गई है।

निबंधन के लिए चाहिए यह कागजात

शादीशुदा लोगों की उम्र 21 वर्ष से अधिक होना चाहिए। जबकि लड़की की उम्र 18 वर्ष व लड़के की उम्र 21 वर्ष होना चाहिए। आवासीय पहचान पत्र, पहचान पत्र, जन्मतिथि के लिए मैट्रिक का प्रमाणपत्र, शपथ पत्र, तीन फोटो, तीन कॉपी में आवेदन देना पड़ता है। आवेदन जमा करने के एक माह बाद शादी का निबंधन हो जाता है।

शादी के दो साल के अंदर दिव्यांगों को आवेदन करना आवश्यक

दिव्यांग की शादी के बाद एक लाख रुपये सरकार के स्तर से दिया जाता है। अगर पति-पत्नी दोनों ही दिव्यांग हैं तो एक-एक लाख रुपये दोनों को मिलेगा। इसके लिए घर का वेरीफिकेशन, शादी का प्रमाणपत्र, दिव्यांगता प्रमाणपत्र चाहिए। शादी के दो साल के अंदर आवेदन करना आवश्यक है। शादी के दो साल के बाद राशि नहीं मिलेगी। राशि पति-पत्नी के ज्वाइंट खाते में जाएगी। जिसे तीन साल तक नहीं निकाला जा सकेगा। इस वर्ष 25 दिव्यांगों की शादी हुई है। पिछले वर्ष मात्र 11 दिव्यांगों की शादी हुई थी।

एक हजार शादियां होती हैं प्रतिवर्ष

जिले में एक हजार के करीब हर वर्ष शादी होती है। लेकिन कोरोना की वजह से इस वर्ष ढाई सौ के करीब शादियां हुईं। विवाह भवन, होटल की तुलना में मंदिरों में ज्यादा शादियां हुईं। बूढ़ानाथ मंदिर में ही सौ से अधिक शादियां हुई हैं।

कोरोना के कारण इस वर्ष कम निबंधन हुआ है। अगर कोरोना का असर नहीं रहता तो, इस वर्ष निबंधन का आंकड़ा बढ़ा हुआ रहता। अभी समय है, आंकड़ा बढ़ सकता है। - गौतम कुमार, जिला निबंधन पदाधिकारी

पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 14 दिव्यांगों की अधिक शादियां हुई हैं। दिव्यांगों को मिलने वाली राशि को तीन वर्षों के लिए फिक्स कर दिया जाता है। - मनोज कुमार पांडेय, प्रभारी जिला दिव्यांग सशक्तिकरण कोषांग

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