GOOD NEWS/मधेपुरा:अस्पताल में रहकर की कोरोना पीड़ित पिता की सेवा, सूचना मिलते ही कोलकाता से बाइक से आ गया था पुत्र katihar news - कोशी लाइव

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Thursday, July 30, 2020

GOOD NEWS/मधेपुरा:अस्पताल में रहकर की कोरोना पीड़ित पिता की सेवा, सूचना मिलते ही कोलकाता से बाइक से आ गया था पुत्र katihar news




मधेपुरा, । कोरोना संक्रमण के डर से कई जगह मानवीय संवेदना को तार-तार किए जाने संबंधी समाचार आए दिन मिलती है। लेकिन कटिहार के बारसोई के एक पुत्र की कहानी अलग है। कोरोना पीड़ित पिता की सेवा के लिए पुत्र ने कोरोना जैसे बीमारी के खतरे से भी लोहा लिया। कटिहार के ही एक कोरोना पॉजिटिव की मौत के बाद अपनों ने अंतिम संस्कार तक से इंकार कर दिया। वहीं दूसरे मामले में कटिहार जिले के ही मनिहारी के एक पुत्र ने पिता की सेवा के लिए कोरोना मरीजों के बीच रहना स्वीकार किया। कोरोना पीड़ित पिता की सेवा के लिए पुत्र खुद कोरोना आइसोलेशन वार्ड में अन्य मरीजों के बीच एक हफ्ते तक रहकर सेवा कर मिशाल पेश किया। आखिरकार पुत्र के सेवा से पिता ने कोरोना से जंग जीत ली। पिता-पुत्र कटिहार जिले के मनिहारी प्रखंड के बौलिया पंचायत के हैं। पिता विजय कुमार शाह के कोरोना पॉजिटिव निकलने पर पुत्र कुणाल किशोर एक हफ्ते तक जेकेटी मेडिकल कॉलेज में रहे। खुद कोरोना संक्रमण का खतरा उठाते हुए भी पुत्र कुणाल लगातार सेवा में लगे रहे। पुत्र की लगातार सेवा एवं मेडिकल कॉलेज में चली दवाई के बाद गुरुवार को पिता कोरोना मुक्त हो गए। इसके बाद मेडिकल कॉलेज से डिस्चार्ज कर दिया गया। पुत्र कुणाल किशोर ने बताया कि आइसोलेशन वार्ड में रहने के दौरान बचाव के तमाम तरह के साधन इस्तेमाल किए। फिर भी अब घर जाने के बाद कोरोना का जांच करा लेंगे।

पिता को थी चलने फिरने में दिक्कत

दरअसल पिता को पूर्व से कुछ बीमारियां थी। इसके चलते उन्हें चलने फिरने और उठने बैठने में दिक्कत थी। इस वजह से मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने के दो दिन तक कुछ खा पी नहीं पाए। यहीं पर अपने एक परिचित से पुत्र को जब यह पता चला तो उसने खुद पिता की सेवा के लिए आइसोलेशन वार्ड में साथ रहने का निर्णय लिया। इसके लिए इन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से अनुमति ली। मेडिकल कॉलेज में पिता की देख रेख करने के लिए साथ में ऑक्सिमिटर, बीपी मापने वाला मशीन आदि साथ ले गए। समय समय पर खाना खिलाने से लेकर दवाई खिलाने एवं अन्य दैनिक क्रियाओं में सहायता किया।



कोलकाता से बाइक से आया था पुत्र

मनिहारी के उप प्रमुख विजय शाह को जब परेशानी होने लगी तो 12 जुलाई को इनका पुत्र कोलकाता से बाइक से ही चले आए। पुत्र कुणाल किशोर ने बताया कि ट्रेन की सुविधा थी नहीं और यहां पिता के पास कोई थे नहीं। इसीलिए जल्दी आने के लिए बाइक का सहारा लिया। यहां आने के बाद 14 जुलाई को कोरोना जांच के लिए सैंपल दिए। इस बीच परेशानी बढ़ने पर पटना निजी नर्सिंग होम भी ले गए। 19 जुलाई को कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी मिली। 20 को मनिहारी पीएचसी ले गए। जहां से उसी रात मधेपुरा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया।

SAFTY ZONE[मधेपुरा]

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सावित्रीनंदा पब्लिक स्कूल

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