सहरसा/जलस्तर में गिरावट आने के बाद भी कम नहीं हो रही लोगों की समस्या - कोशी लाइव

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Thursday, July 23, 2020

सहरसा/जलस्तर में गिरावट आने के बाद भी कम नहीं हो रही लोगों की समस्या

सहरसा। गुरुवार की सुबह से कोसी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है। इसके बावजूद तटबंध के अंदर बाढ़ प्रभावित लोगों बहुत राहत नहीं मिली है। घरों में घुसा पानी कम जरूर हुआ है, लेकिन घर आंगन में पानी का मंजर समाप्त नहीं हुआ है। सड़कों पर बह रहे बाढ़ के पानी में यातायात बहाल नहीं हो सकी है। अब भी तटबंध के भीतर बसी आबादी का जीवन नाव पर ही हिलोरें मार रहा है।

जानकारी के अनुसार, कोसी नदी के जलस्तर में गिरावट से नदी में एक से डेढ़ पानी कम जरूर हुआ है लेकिन बलान का जलस्तर ज्यों का त्यों बना हुआ है। जिन ग्रामीण सड़कों पर वाहन भर्राटे भरते थे आज उन्हीं सड़कों पर नाव परिचालन हो रहा है। लोग अब भी घरों से पलायन कर उंचे स्थान की जा रहे हैं। पश्चिमी कोसी तटबंध पर अस्थायी झोपड़ियों में विस्थापितों की रातें गुजर रहीं है। जलस्तर में गिरावट के साथ ही गांवों में कटाव का डर लोगों को सताने लगा है तो वहीं बाढ़ के समय दूषित हुए पानी से कई प्रकार के बीमारियों की आशंका क्षेत्र के लोगों को बेचैन कर रही है। वहीं उदासीनता के कारण प्रशासन के प्रति लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। इस सबंध में घोंघेपुर के मो.सत्तार,कुन्दन कुमार का कहना है कि सैंकड़ों परिवार तटबंध पर शरण लिए हुए हैं लेकिन किसी भी सरकारी मुलाजिम ने इनका हाल तक पूछना मुनासिब नहीं समझा। वहीं जलई पुनर्वास निवासी मो.फिरोज,रौटी निवासी अरविद यादव,शंकरथुआ निवासी श्रवण यादव,झाड़ा निवासी हरेराम ठाकुर,ऐना निवासी सलामत राईन सहित अन्य ने बताया कि बाढ़ के समय लोगों का पारिवारिक कार्य सहित पशुचारा तक का प्रबंध नाव के भरोसे होता है। प्रशासन द्वारा जितना नाव उपलब्ध करवाया गया है उससे तो लोगों के यातायात की जरूरत भी पूरी नहीं होती।

SAFTY ZONE[मधेपुरा]

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सावित्रीनंदा पब्लिक स्कूल

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