मधेपुरा/ मेडिकल कॉलेज के जांच रिपोर्ट में सर्वाधिक विलंब से संक्रमण फैलने की आशंका - कोशी लाइव

BREAKING

विज्ञापन

विज्ञापन

Monday, July 27, 2020

मधेपुरा/ मेडिकल कॉलेज के जांच रिपोर्ट में सर्वाधिक विलंब से संक्रमण फैलने की आशंका

मधेपुरा। जांच की धीमी रफ्तार और विलंब से आने वाली जांच कहीं जिले के लिए परेशानी का सबब न बन जाए। जांच के सैंपल देने वाले अधिकांश लोग दो तीन बाद निश्चित होकर बाजार आदि निकलते हैं और घूमते हैं। इनमे से पॉजिटिव रहने वाले व्यक्ति कोरोना कैरियर बनकर कई लोगों को संक्रमित कर देते हैं। जांच रिपोर्ट आने में लग रहा विलंब का काफी नुकसान सबों को उठाना पड़ सकता है। कई-कई लोगों को सात या आठ दिनों के बाद रिपोर्ट मिली। कई लोग आठ दिन बाद भी रिपोर्ट के इंतजार में ही हैं। रिपोर्ट आने तक ऐसे व्यक्ति लापरवाह हो जाते हैं। किसी व्यक्ति के कोरोना संक्रमित होने के बाद के 10 दिन में ही संक्रमण का फैलाव काफी अधिक होता है। इस 10 दिन के दौरान वे लोगों को संक्रमित कर सकते हैं। ऐसे संक्रमित लोगों में लक्षण हो अथवा नहीं हो।

मधेपुरा मेडिकल कॉलेज के जांच रिपोर्ट में सर्वाधिक विलंब

सर्वाधिक विलंब जन नायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज में भेजे गए सैंपल जांच की रिपोर्ट मिलने में हो रही है। मेडिकल कॉलेज में ट्रू नेट जांच होती है। अभी भी मेडिकल कॉलेज में लगभग 155 सैंपल की रिपोर्ट पेंडिग है। इस वजह से दो दिनों से वहां सैंपल नहीं भेजी जा रही है। वहीं आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल पहले दरभंगा भेजा जाता था। लेकिन अब विभाग ने आइजीआइएमएस सैंपल भेजने को कहा है।

======

नौ दिन से है रिपोर्ट का इंतजार

मधेपुरा नगर परिषद के वार्ड नंबर छह एवं 16 के दो व्यक्तियों ने कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आने की जानकारी मिलने के बाद सैंपल दिया। 19 जुलाई को सदर हॉस्पिटल में जाकर इन्होंने सैंपल दिया। सैंपल देने के पांचवे दिन मोबाइल पर सैंपल लेने एवं अलग थलग रहने का मैसेज दिया गया। लेकिन अब तक इन्हें रिपोर्ट नही मिली। रिपोर्ट के लिए लगातार हॉस्पिटल प्रबंधन से संपर्क करते रहें। सैंपल दिए अभी नौ दिन बीत चुके हैं। लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।

=======

आठ दिन बाद मिली जानकारी

कई लोगों की रिपोर्ट आठ दिन बाद मिली। आठ दिन बाद जब इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उन्हें जानकारी दी गई। इस आठ दिन में सैंपल देने वाले कहां रहे यह कोई नहीं बता सकता। इसमे अगर किसी ने लापरवाही की होगी और बाजार आदि घूमते रहे होंगे तो बस अंदाजा लगा सकते हैं कि कितने को वे संक्रमित कर चुके होंगे। वैसे भी आइसीएमआर के गाइड लाइंस के अनुसार सैंपल लेने के 10 दिन बाद तक कोई लक्षण नहीं आने अथवा परेशानी नही होने पर उन्हें निगेटिव मानकर डिस्चार्ज कर दिया जाता है।

======

कोरोना नियंत्रण कक्ष से नहीं मिलती जानकारी

कोरोना से संबंधत समस्या के समाधान एवं जानकारी के लिए जिला प्रशासन द्वारा सदर हॉस्पिटल में जिला कोविड नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। लेकिन जांच के बारे में यहां कोई जानकारी नहीं दी जाती है। 19 जुलाई को सैंपल देने वाले एक व्यक्ति ने जब अपनी रिपोर्ट के लिए नियंत्रण कक्ष में फोन किया तो बताया यह जानकारी यहां से नहीं मिल सकती है।

========

जेएनकेटी मेडिकल कॉलेज मधेपुरा में अभी भी 155 कोरोना सैंपल की जांच रिपोर्ट पेंडिग है। इसीलिए समय पर रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। इस वजह से सैंपल अभी वहां नहीं भेजा जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में ट्रू नेट जांच होती है। वहीं रैपिड टेस्ट की रिपोर्ट कुछ घंटों में ही दे दी जाती है।

डॉ. आरपी रमन

प्रभारी सिविल सर्जन, मधेपुरा

SAFTY ZONE[मधेपुरा]

SAFTY ZONE[मधेपुरा]

सावित्रीनंदा पब्लिक स्कूल

सावित्रीनंदा पब्लिक स्कूल
बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए जरूर सम्पर्क करें।

Total Pageviews