Sushant Singh Rajput:अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मात्र दो दिन बिताकर ही सहरसा में लोगों से बना लिए थे आत्मीय संबंध - कोशी लाइव

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Sunday, June 14, 2020

Sushant Singh Rajput:अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मात्र दो दिन बिताकर ही सहरसा में लोगों से बना लिए थे आत्मीय संबंध


फिल्मों की माध्यम से लोगों को मुस्कुराहट देने की सोच रखने वाले सुशांत सिंह राजपूत के खुदकुशी की खबर पर बिहार के सहरसा में लोगों को यकीन नहीं हो रहा। कम समय में बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने वाले दिग्गज अभिनेता सहरसा आए थे। यहां दो दिनों तक रूककर उन्होंने सहरसा के लोगों के साथ आत्मीय सबंध बना लिया था।

बॉलीवुड अभिनेता बीते वर्ष 2019 में एक परिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सहरसा आए थे। यहां वे अपने भाई छातापुर के विधायक नीरज कुमार बबलू के आवास पर दो दिनों के लिये ठहरे थे। इस दौरान उन्होंने शहर की सड़कों पर बाइक से सवारी भी की। जिम में पसीने बहाए और बच्चों के साथ जमकर क्रिकेट भी खेला। यहां वे लोगों से हिलमिल गए थे।

सहरसा में लिए गए एक इंटरव्यू में सुशांत ने कहा था कि फिल्मों के माध्यम से लोगों को आसानी से हंसाया जा सकता है। बैरी जान के थियेटर से शुरूआत कर पवित्र रिक्शा टीवी सीरियल से बॉलीवुड में सफल कदम रखने वाले सुशांत सिंह ने कहा था कि छोटा शहर, बड़ा शहर नहीं होता है। सपने छोटे बड़े होते हैं और बड़े सपने देखने वाले ही बुलंदियों को छूते हैं। सुशांत ने कहा था कि वे अपने राज्य के लोगों की मदद करना चाहते हैं। लेकिन शायद यह ईश्वर को मंजूर नहीं था।

पूर्णिया जिले के मलडीहा गांव निवासी केके सिंह के बेटे सुशांत ने कुछ वर्षों में ही महेंद्र सिंह धोनी के जीवन पर बनी फिल्म के अलावा काय पो चे, शुद्ध देशी रोमांस, केदारनाथ, पीके जैसी फिल्मों से अपील पहचान बना ली था। बिना गॉडफादर के सफलता की राह पर चलने वाले सुशांत के निधन से सहरसा के लोग शोक में डूब गए हैं।



 मौत की खबर पर फफक  पड़े सुशांत के चचेरे भाई

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत द्वारा आत्महत्या किए जाने की सूचना पर उनके चचेरे भाई नीरज कुमार सिंह बबलू फफक पड़े। छातापुर के विधायक नीरज घटना के समय अपने विधानसभा क्षेत्र छातापुर के दौरे पर थे। किसी ने फोन पर उन्हें घटना की सूचना दी। उन्होंने कहा कि पूरा परिवार इस घटना से हतप्रभ है। इस पीढ़ी के पांच भाइयों में सुशांत सबसे छोटा था। शुरू से ही वह जीनियस था। स्वभाव से हंसमुख और मृदुल, पूरे परिवार ही नहीं बल्कि पूरे राज्य को उसने गौरव प्रदान किया था। एक से बढ़कर एक प्लानिंग उसने परिवार और अपने इलाके के लिए कर रखी थी। नीरज कहते हैं कि पता नहीं क्यों उसने यह कदम उठा लिया। नीरज ने बताया कि हाल ही में सुशांत अपने गांव आए हुए थे। अपनी नानी के गांव खगडिय़ा भी गए थे। बचपन की मनौती थी उसके मुंडन की, बॉलीवुड में रहते हुए उस रस्म को भी उसने बड़े ही श्रद्धा के साथ पूरा किया था। अभी उसकी खुदकशी के बारे में अधिक कुछ कहा नहीं जा सकता है।

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