मधेपुरा/जिले में भारी बारिश का अलर्ट, अधिकारियों व कर्मियों की छुट्टी पर रोक - कोशी लाइव

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Wednesday, June 24, 2020

मधेपुरा/जिले में भारी बारिश का अलर्ट, अधिकारियों व कर्मियों की छुट्टी पर रोक


मधेपुरा। मौसम विभाग ने मधेपुरा सहित अन्य जिलों में अधिक वर्षा होने की संभावना जाहिर की है। उसके बाद अधिकारी पूरी तैयारी में जुट गए हैं। जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला ने बुधवार को सभी अनुमंडल और प्रखंड क्षेत्र के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिग की। वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से जिलाधिकारी ने सभी विभाग के अधिकारियों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में 27 से 29 जून तक अधिक वर्षापात होंने की संभावना जताई गई है। इससे व्यापक पैमाने पर क्षति पहुंचने का अंदेशा है। इसलिए सतर्कता जरूरी है। जिलाधिकारी ने साफ तौर पर कहा कि इस हालत में किसी भी अधिकारी और कर्मचारी की छुट्टी स्वीकृत नहीं किया जाएगा। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के छुट्टी को रद कर दिया गया है। वीडियो कांफ्रेंसिग के बाद उदाकिशुनगंज के एसडीएम एसजेड हसन ने बताया कि डीएम के निर्देश पर काम शुरू कर दिया गया है। सभी प्रखंड के अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि अधिक वर्षापात को लेकर प्रत्येक पंचायत में टीम गठित किया गया है। टीम में शामिल अधिकारी व कर्मी आपात स्थिति से निपटने के लिए काम करेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक वर्षा होने की संभावना को देखते हुए तुरंत नाव की व्यवस्था के इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। रिहायशी इलाकों में वर्षा के कारण जलजमाव होने पर जेसीबी मशीन के जरिए जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए सभी बीडीओ, सीओ और थानाध्यक्ष को विशेष रूप से निर्देशित किया गया है। जल निकासी को लेकर संभावित वर्षा होने की तिथि से दो दिन पहले से इंतजाम शुरू करने को कहा गया है। यह कहा गया कि जिस जगहों पर जल जमाव का पूर्व का इतिहास रहा है। वहां पहले से तैयारी करें। सड़क विभाग के अधिकारियों से कहा गया कि जल जमाव की स्थिति बनने से पहले अपने कर्मियों को कार्य में लगाएं। विद्युत विभाग के अधिकारियों से कहा गया कि तार के स्पर्श में आने वाले पेड़ों की छंटनी करा लें। इस कार्य में मानव बल को लगाया जाए। सिचाई विभाग के अधिकारियों से कहा गया कि बांध की मजबूती कार्य करा लें। बांध निगरानी सुनिश्चित कराने और स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। जल जमाव सरकारी या रैयती जमीन पर हो, पानी निकालने की व्यवस्था होने चाहिए। डूबने वाले इलाके की पहचान कर लोगों के लिए ऊंचे स्थान चिन्हित करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जरूरी रूप से अलर्ट पर रखा गया है। सभी एमवाइसी से कहा गया कि वह जीवन रक्षक दवाई की पूर्ति सुनिश्चित कर लें। ताकि आपदा की स्थिति में मरीजों का उपचार हो सके, उन्हें दवाईया दिया जा सके। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी नहीं होना चाहिए। उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र के नीचले हिस्से के तीन जगहों पर एसडीआरएफ टीम की तैनाती की गई है। एसडीएम ने बताया कि रतवारा थाना क्षेत्र के सोनामुखी के अलावा चौसा के फुलौत, ग्वालपाड़ा के अरार ओपी क्षेत्र में एसडीआरएफ टीम की तैनाती की गई है। एसडीएम ने बताया कि संभावित तिथि से पहले और आगे तक भी वर्षा हो सकता है। इसलिए संभावित तिथि को ही मान कर काम नहीं करना है। बल्कि पहले और बाद के दिनों में भी सतर्कता बरतने की जरूरत है। अधिकारी ने आमजनों से भी वर्षापात को लेकर सतर्कता बरतने की अपील की।

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इन जिलों को किया गया अलर्ट

हैवी रैन (अधिक वर्षापात) को लेकर मौसम विभाग ने 24 से 26 जून तक राज्य के किशनगंज, अररिया, कटिहार, पूर्णिया, सुपौल, मधुबनी, सीतामढी, दरभंगा, और 27 से 29 जून तक दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, समस्तीपुर, गोपालगंज, सीवान, मुजफ्फरपुर जिले में अलर्ट जारी किया है। उसके बाद प्रशासनिक कवायद शुरू हो गई है।

SAFTY ZONE[मधेपुरा]

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