BIHAR:ट्रक ने स्कूटी सवार बाप-बेटे को मारा धक्का, सेहरा बंधने से पहले उठी इंजीनियर बेटे की अर्थी, 25 को होना था विवाह - कोशी लाइव

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Saturday, February 15, 2020

BIHAR:ट्रक ने स्कूटी सवार बाप-बेटे को मारा धक्का, सेहरा बंधने से पहले उठी इंजीनियर बेटे की अर्थी, 25 को होना था विवाह




फुलवारी शरीफ : राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ-खगौल मुख्य मार्ग पर शनिवार की सुबह एक बेलगाम रफ्तार ट्रक ने स्कूटी सवार बाप-बेटे को जोरदार धक्का मार दिया. इस हादसे में स्कूटी चला रहे बेटे की मौत घटनास्थल पर ही हो गयी, जबकि पिता बाल-बाल बच गये. हादसे में पिता को पैर में मामूली चोटें लगी हैं. वहीं, स्कूटी को भी ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है.




मृत अभिषेक उर्फ मुकेश कुमार चेन्नई के मदुरै में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था. दो दिन पहले ही शादी को लेकर घर पहुंचा था. इसी माह 25 फरवरी को उसकी शादी गाजियाबाद की विभाषा से होना तय था. इंजीनियर अभिषेक उर्फ मुकेश की शादी गाजियाबाद यूपी के गोविंदपुरम सेक्टर एच-193 निवासी सुबीर पाठक और शीला पाठक की पुत्री विभाषा से तय हुआ था. हादसे में इंजीनियर मुकेश की मौत की खबर गाजियाबाद पहुंची, तो वहां भी कोहराम मच गया और बिटिया की शादी के अरमान धरे रह गये.




आज शनिवार को घर मे कथा होने वाली थी. कथा के लिए सामान लाने वह सुबह अपने पिता रमेश यादव के साथ निकला था. वापसी में घर से चंद कदम दूर मुख्य मार्ग पर वह हादसे का शिकार हो गया. इंजीनियर मुकेश की शादी को लेकर रिश्तेदारों से भरे घर में अभिषेक की मौत की खबर से कोहराम मच गया. हादसे के वक्त मौजूद पिता रमेश बेटे को मृत देख पागल-से हो गये, जबकि मां द्रौपदी देवी बेटे की मौत की खबर सुनकर पछाड़ खाकर बेहोश हो गयीं. मृत अभिषेक के भाई और दो बहनों का रो-रो कर बुरा हाल है. घटना की खबर सुनकर परिवार समेत पूरे मोहल्ले में मातम पसर गया. घर में शादी के मंगल गीत गूंज रहे थे, अब यहां लोगों के करुण क्रंदन सुनायी दे रहे हैं.



फुलवारी शरीफ के चुनौती कुआं के मूल निवासी स्व दुःखन राय के बड़े पुत्र रमेश कुमार यादव अपने परिवार के साथ फुलवारी शरीफ के नालंदा बिस्कुट फैक्टरी के सामने गली में मकान बना कर रहते हैं. गली के मोड़ पर ही रमेश की सीमेंट-गिट्टी-बालू-छड़ की दुकान भी है. रमेश यादव के इंजीनियर बेटे अभिषेक उर्फ मुकेश कुमार की इसी माह 25 तारीख को शादी तय थी. 23 फरवरी को ट्रेन से बरात फुलवारी से यूपी के चंदन नगर हुगली जानेवाली थी. शादी को लेकर परिवार में तैयारियां जोरों पर थीं. घर में विवाह के मंगल गीत-संगीत का कार्यक्रम जारी था. विवाह के शुभ अवसर पर शनिवार की शाम को घर में सत्यनारायण भगवान का कथा का आयोजन किया गया था. इसी कथा को लेकर रमेश यादव अपने पुत्र इंजीनियर मुकेश के साथ स्कूटी से शनिवार की सुबह पूजा-पाठ का सामान लेने निकले थे.

प्रत्यक्ष दर्शियों ने बताया कि बाप-बेटे जैसे ही गली के मोड़ के नजदीक पहुंचे ही थे कि फुलवारी से खगौल की ओर तेज रफ्तार से जा रहे ट्रक ने धक्का मार दिया. धक्का लगते ही इंजीनियर मुकेश दूसरी तरफ गिरा और ट्रक का चक्का उसकी छाती और सिर को कुचलते हुए खगौल की ओर भाग निकला. वहीं, हादसे में स्कूटी के पीछे बैठे पिता रमेश दूसरी तरफ गिर गये. उन्हें पैर में चोटें आयी हैं, हालांकि उनकी जान बाल-बाल जान बच गयी. हादसे के बाद उनकी स्कूटी में पूजा का सामान था. चंद फर्लांग की दूरी पर स्थित घर में जैसे ही हादसे में इंजीनियर बेटे की मौत की खबर मिली, तो परिवार में कोहराम मच गया. रोती-बिलखती मां द्रौपदी देवी दौड़ी-दौड़ी घटनास्थल पर पहुंची और इंजीनियर बेटे को खून से लथपथ देख कर पछाड़ खाकर बेहोश हो गयी. वहीं, आसपास मौजूद लोग दौड़े और इंजीनियर मुकेश को आनन-फानन पारस हॉस्पिटल ले गये. लेकिन, उसकी मौत तो हो चुकी थी. चुनौती कुआं मोहल्ले से लेकर बिस्कुट फैक्टरी तक के मोहल्ले वालों का पारस अस्पताल में भीड़ लग गयी.



इधर, घर पर परिवार और मोहल्ले की महिलाओं में चीत्कार मचा रहा. मृतक के चाचा सुरेश ने बताया कि दो दिन पहले ही शादी को लेकर चेन्नई से लौटा था. वहीं, उसका मंझला भाई आशीष भी बेंगलुरु में इंजीनियर है, जो भाई की मौत की खबर सुनकर पटना के लिए रवाना हो गया है, जबकि तीसरा सबसे छोटा भाई शनि कुमार दरभंगा मेडिकल में पढ़ाई करता है. शनि भी बड़े भाई की शादी के लिए घर पर ही था. मृतक की दो बहनों नीतू और नीलू का भी रोते-रोते बुरा हाल था.

दुर्घटना की खबर पर पहुंची फुलवारी थाने की पुलिस हादसे को अंजाम देकर भाग निकेलने वाले ट्रक और उसके चालक का पता लगाने में जुट गयी. पुलिस ने मृतक के शव को पारस हॉस्पिटल से पोस्टमार्टम के लिए दूसरे अस्पताल ले गयी, जहां से पोस्टमार्टम बाद शव फुलवारी पहुंचा. इंजीनियर बेटे का शव घर पहुंचते ही पूरे मोहल्ले में चीत्कार का माहौल हो गया.

सेहरा बंधने से पहले निकली अर्थी

जिस घर से आठ दिन बाद 23 फरवरी को सेहरा बांध कर बरात निकलनेवाली थी, उस घर से इंजीनियर मुकेश की अर्थी निकलता देख मोहल्ले के लोगों की आंखें भी नम हो गयीं. बड़े बेटे की शादी और घर मे बहू लाने के सपने देख रहे मां-बाप और परिवार में करुण चीत्कार से मौजूद लोगों का कलेजा दहल रहा था. नाते-रिश्तेदार के लोग शादी और पूजा में शामिल होने आये थे, वे लोग दूल्हा बनने से पहले ही इंजीनियर मुकेश की अर्थी को कंधा देते फफक पड़े।


SAFTY ZONE[मधेपुरा]

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