एक नजर:कश्मीरी पंडितों की घर वापसी हो - कोशी लाइव

BREAKING

विज्ञापन

विज्ञापन

Monday, January 20, 2020

एक नजर:कश्मीरी पंडितों की घर वापसी हो

कोशी लाइव_नई सोच नई खबर।

19 जनवरी 1990 को 3 लाख कश्मीरी पंडितों के साथ जिस तरह से शर्मसार करने वाली घटना घटित हुई वो निःसंदेह निदनीय है ।खेद की बात है कि केवल इस घटना पर 19 जनवरी को ही याद आती है ।जो निःसंदेह मानव होना शर्म की बात है की अन्याय के खिलाफ आवाज तक नहीं उठा सकते ।आज ही के दिन 1990 को अलसंख्यक कश्मीरी पंडितों को बहुसंख्यक मुस्लिम समुदाय और आतंकियों ने जबरन बहु बेटियों के साथ जबरन निर्मम गैंगरेप कर हत्या कर दी गई ।वही कश्मीरी पंडितों को सरेआम गोली मार दी गई ।हजारों घर , शिक्षण संस्थान , मंदिरों , दुकानों और फैक्ट्रियों को जलाकर राख कर दिया गया ।कई तरह के शर्मसार करने वाले खुले तौर पर नारे लगाए गए ।समाचार पत्र , टेलीविजन , फ़ॉर पर पंडितों घाटी छोड़ जाने की धमकी दी गई ।पाकिस्तानी तत्कालीन प्रधानमंत्री ने उकसाने वाले बयान कश्मीरी चेनल पर दिखाए गए ।जब कि वहाँ बहुसंख्यक के वजह से अधीन सरकार और प्रशासन इस तरह की वारदात घटित होने से रोक नहीं पाए और ना ही कुछ बोल पाए ।सब मौन थे ।अफसोस कि बात है 30 साल बाद भी इस ख़ौफ़नाक मंजर पर कोई भी बुद्धिजीवी , पत्रकार , एंकर को इसपर बोलना मुनासिब नहीं समझते है ।सरकार को हो कि वे जल्द से जल्द देश और विदेश में रह रहे विस्थापित कश्मीरी पंडितों को सुव्यवस्थित घर , रोजगार और उसकी जमीन को लौटना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए ।और इस शर्मसार ख़ौफ़नाक मंजर पर सभी बुद्धिजीवी , पत्रकार , नेता  ,एंकर कुछ बोलना तक मुनासिब नहीं समझते ।आज कश्मीर से धारा 370 का हट जाने के बाद कश्मीरी पंडितों को घर वापसी की आस लगी हुई है ।
मनकेश्वर महाराज "भट्ट"
मधेपुरा , बिहार
         ( ✍️... लेखक साहित्यकार , शिक्षक हैं )

(कश्मीरी पंडितों की साल 1880 की तस्वीर)

SAFTY ZONE[मधेपुरा]

SAFTY ZONE[मधेपुरा]

Total Pageviews