बिहार पुलिस: बिहार के सभी थाने चार कैटेगरी में बांटे जाएंगे - कोशी लाइव

 कोशी लाइव

नई सोच नई खबर

Breaking

तिवारी एजेंसी(सहरसा)

तिवारी एजेंसी(सहरसा)
छड़,सीमेंट,गिट्टी,बालू एवं हार्डवेयर की सामान के लिए संपर्क करें।

THE JABED HABIB

THE JABED HABIB
BEST HAIR AND MAKEUP SLOON

Translate

Monday, 4 November 2019

बिहार पुलिस: बिहार के सभी थाने चार कैटेगरी में बांटे जाएंगे

कोशी लाइव_नई सोच नई खबर।
अक्की।
बिहार के तमाम थानों की पहचान सिर्फ उनके नाम से नहीं होगी। थानों की अब कैटेगरी भी होगी। पुलिस मुख्यालय ने इस पर काम शुरू कर दिया है। आने वाले समय में बिहार के सभी थानों को चार कैटेगरी में बांटा जाएगा। ये कैटेगरी ‘ए’ से लेकर ‘डी’ तक की होगी। कई पैमानों पर परखने के बाद थानों को अलग-अलग श्रेणी दी जाएगी। 
अतिसंवेदनशील से लेकर सामान्य तक : पुलिस मुख्यालय थानों को जिन चार कैटेगरी में बांटने पर काम कर रहा है, वे अतिसंवेदनशील से लेकर सामान्य तक के बीच में हैं। थानों को अतिसंवेदनशील, संवेदनशील, नक्सल और सामान्य कैटेगरी में रखा जाएगा। कौन सा थाना किस कैटेगरी में पड़ेगा, इसका फॉर्मूला बना लिया गया है। अपराध समेत कई बिंदुओं पर इसकी जांच-पड़ताल की जाएगी। थानों की भौगोलिक स्थिति का भी ख्याल रखा जाएगा।
पुलिस बल का प्रबंधन है मकसद 
थानों को चार कैटेगरी में बांटने का मकसद जरूरत के मुताबिक पुलिस बल उपलब्ध कराना है। यदि नक्सल और आपराधिक लिहाज से कोई थाना अतिसंवेदनशील है तो वहां हथियारबंद जवान ज्यादा होंगे। इसी तरह कानून-व्यवस्था की समस्या जहां ज्यादा होती है, वहां भीड़ से निपटने के ख्याल से लाठी पार्टी ज्यादा रखी जाएंगी। 
इलाका शहरी, अर्धशहरी या ग्रामीण 
थानों को चार कैटेगरी में बांटे जाने के दौरान यह भी देखा जाएगा कि उसका इलाका शहरी क्षेत्र में पड़ता है या ग्रामीण। बहुत सारे थाना ऐसे भी हैं जो अर्धशहरी क्षेत्र में आते हैं। वहीं कई थाना ऐसे हैं जिनका इलाका शहर ङ्म ग्रामीण दोनों में है।
इस आधार पर तय होगी कैटेगरी
अधिकारियों के मुताबिक कानून-व्यवस्था के हालात, अपराध की स्थिति, नक्सल या नॉन नक्सल और सांप्रदायिक घटनाओं को इसका आधार बनाया गया है। थानावार देखा जाएगा कि कहां इस तरह की घटनाएं ज्यादा होती हैं। यदि किसी थाने में अक्सर कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होती है और सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं भी तो उसे अतिसंवेदनशील थाने की कैटेगरी में रखा जाएगा। ज्यादा अपराध वाले क्षेत्र भी अतिसंवेदनशील या संवेदनशील की श्रेणी में आएंगे। वहीं ऐसे थाना क्षेत्र जहां नक्सल गतिविधियां हैं, उन्हें नक्सल कैटेगरी में शामिल किया जाएगा। वैसे थाना जहां अपराध और बाकी घटनाएं कम होती हैं, उनकी श्रेणी सामान्य की होगी।

Total Pageviews

Follow ME

SAFETY ZONE

SAFETY ZONE

कोशी लाइव

यहाँ आप कोशी क्षेत्र के आसपास सभी जिलों मधेपुरा, सहरसा,सुपौल।तथा अपने प्रखंड ओर पंचायत की सटीक खबरें पढ़ सकते हैं। अगर किसी भी प्रकार की न्यूज़ आपके पास है।तो आप हमें दिए गए नम्बर 9570452002 पर whatsapp द्वारा भेज सकते हैं। -----------संपादक:-स्टॉलिन अमर अक्की www.koshilive.com

Connect With us

Pages