मधेपुरा:अस्पताल से एम्बुलेंस नहीं मिली तो बच्चे को ऑटो में दिया जन्म, गर्दन फंसने से हुई मौत - कोशी लाइव

BREAKING

विज्ञापन

विज्ञापन

Friday, November 22, 2019

मधेपुरा:अस्पताल से एम्बुलेंस नहीं मिली तो बच्चे को ऑटो में दिया जन्म, गर्दन फंसने से हुई मौत

कोशी लाइव_नई सोच नई खबर।

मधेपुरा. बिहार के मधेपुरा (Madhepura) में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है. एम्बुलेंस कर्मी (Ambulance) की मनमानी के कारण समय पर प्रसूता को एम्बुलेंस नहीं मिल सका जिससे नवजात की मौत हो गयी. मामला सदर अस्पताल (Sadar Hospital) मधेपुरा का है जहां मुरलीगंज थाना क्षेत्र के पोखराम निवासी अमित यादव की पत्नी प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी.आनन-फानन में ऑटों से उसे मुरहो पीएचसी लाया गया जहां से उसे सदर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया, लेकिन वहां भी उसे एम्बुलेंस नहीं दी गई.
रास्ते में ही बच्ची ने दिया जन्म
प्रसूता को ऑटो से ही मधेपुरा सदर अस्पताल लाया गया जहां रास्ते में ही डिलीवरी हो गई और बच्चे की ऑटों में ही मौत हो गई. मृतक बच्ची की दादी शांति देवी और आशा किरण देवी की मानें तो मुरहो पीएचसी में एम्बुलेंस मांगने पर एम्बुलेंसकर्मी ने उन्हें टाल दिया और ऑटो से ही प्रसूता को ले जाने को कहा. रास्ते में नेहालपट्टी के पास बच्ची का जन्म हुआ, लेकिन गर्दन फंसी रह गयी जबतक उसे अस्पताल लाया गया तब तक बच्ची की मौत हो चुकी थी.
अस्पताल प्रबंधन ने कही कार्रवाई की बात
एम्बुलेंसकर्मी की यह लापरवाही कोई नई नहीं है. अस्पताल में इलाज करने आए भेलवा गांव निवासी नीरज कुमार ने बताया कि बीती रात उसकी बहन को भी प्रसव पीड़ा हुई. उसने एम्बुलेंस के लिए कई बार कॉल किया रात 8 बजे से 12 बजे तक एम्बुलेंस नहीं आयी अंत में बहन की डिलीवरी घर पर ही हुई. किस्मत से मां और बच्चा दोनों ठीक है. एम्बुलेंस कर्मियों की मनमानी को सदर अस्पताल प्रबंधक नवनीत चंद्रा भी सही नहीं मानते है और उन्होंने इस मामले में जांच कर कार्रवाई की बात कही.

SAFTY ZONE[मधेपुरा]

SAFTY ZONE[मधेपुरा]

सावित्रीनंदा पब्लिक स्कूल

सावित्रीनंदा पब्लिक स्कूल
बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए जरूर सम्पर्क करें।

Total Pageviews