मधेपुरा/बिहार:छठ 2019: उदयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ लोक आस्था का महापर्व छठ हुआ संपन्न - कोशी लाइव

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Sunday, November 3, 2019

मधेपुरा/बिहार:छठ 2019: उदयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ लोक आस्था का महापर्व छठ हुआ संपन्न

कोशी लाइव_नई सोच नई खबर।
अक्की।
मधेपुरा:ग्वालपाड़ा प्रखंड अंतर्गत सरौनी कला में मुख्य धार के तटों पर छठ पूजा का आयोजन किया गया, जिसमें शर्मा टोला कमिटी के द्वारा रातभर लाइट वो डीजे की व्यवस्था की गई.स्थानीय मुखिया प्रशासन के साथ घाटों की सुरक्षा की जायजा लेते नजर आए।शान्ति पूर्ण तरीके से आज आस्था का महापर्व छठ सम्पन्न हो गया।
बिहार:
पटना समेत पूरे बिहार में रविवार की सुबह गंगा तटों, तालाबों व घर-अपार्टमेंट की छतों पर लाखों व्रतियों द्वारा उदयमान सूर्य को अर्घ्य देते ही चार दिनों तक चलने वाले आस्था का महापर्व छठ संपन्न हो गया। वहीं बिहार के चर्चित सूर्यपीठों जैसे औरंगाबाद के देव, पटना जिले के उलार,पुण्यार्क मंदिर पंडारक में लाखों की तादाद छठ व्रती सूर्य भगवान को अर्घ्य प्रदान किया।
इससे पहले शनिवार की शाम राजधानी पटना के गंगा घाटों पर भगवान भाष्कर को पहला अर्घ्य देने के लिए लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। एनआईटी गांधी घाट, कालीघाट, दीघा, पाटीपुल, दीघा गेट नं.93, कलेक्ट्री घाट, कुर्जी, बांसघाटों पर छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही।
पारंपरिक छठ गीतों ...मारबउ रे सुगवा धनुष से ...कांच की बांस के बहंगिया बहंगी लचकत जाए... होख न सुरुज देव सहइया... बहंगी घाट पहुंचाए...से पूरा शहर और सूबा भक्तिमय हो गया। धार्मिक मान्यता है कि छठ महापर्व में नहाए-खाए से पारण तक व्रतियों पर षष्ठी माता की कृपा बरसती है।
आरोग्य की प्राप्ति,सौभाग्य व संतान के लिए व्रत
ज्योतिषाचार्य डा.राजनाथ झा के अनुसार सूर्य षष्ठी का व्रत आरोग्य की प्राप्ति,सौभाग्य व संतान के लिए रखा जाता है। स्कंद पुराण के अनुसार राजा प्रियव्रत ने भी यह व्रत रखा था। उन्हें कुष्ठ रोग हो गया था। भगवान भास्कर से इस रोग की मुक्ति के लिए उन्होंने छठ व्रत किया था। स्कंद पुराण में प्रतिहार षष्ठी के तौर पर इस व्रत की चर्चा है। वर्षकृत्यम में भी छठ की चर्चा है।

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