बिहार। सहरसा में स्थित इस कुएं के पानी से नहाने पर शरीर रहता निरोग - कोशी लाइव

Breaking

CAR KING[MADHEPURA]

CAR KING[MADHEPURA]
बाईपास रोड, पंचमुखी चौक(मधेपुरा)बिहार

तिवारी एजेंसी(सहरसा)

तिवारी एजेंसी(सहरसा)
छड़,सीमेंट,गिट्टी,बालू एवं हार्डवेयर की सामान के लिए संपर्क करें।

THE JABED HABIB

THE JABED HABIB
BEST HAIR AND MAKEUP SLOON

Translate

Thursday, 24 October 2019

बिहार। सहरसा में स्थित इस कुएं के पानी से नहाने पर शरीर रहता निरोग

कोशी लाइव_नई सोच नई खबर।
अक्की।

सहरसा जिला मुख्यालय से 16 किलोमीटर दूर कोसी क्षेत्र का महत्वपूर्ण धार्मिक, ऐतिहासिक और भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित सूर्य मंदिर कन्दाहा अवस्थित है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक 14 वीं सदी में मिथिला पर शासन करने वाले कर्नाटक वंश के राजा नरसिंह देव की अवधि के दौरान इस सूर्य मंदिर का निर्माण किया गया था। मान्यता है कि मंदिर परिसर स्थित कुएं के पानी से स्नान करना कुष्ठ रोगियों के लिए काफी लाभदायक है। खासकर छठ व कार्तिक पूर्णिमा दिन इस मंदिर के कुंआ के पानी से स्नान करने से शरीर व मन को काफी लाभ मिलता है। सूर्योपासना का महान पर्व छठ में इस मंदिर व स्थल का महत्व काफी बढ़ जाता है। दूरदराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सूर्य को अर्घ्य देने आते हैं। छठ के मौके पर इस मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा मेला लगाया जाता है। खासकर इस जगह चैत्री छठ भी बड़ी संख्या में मनाने के लिए दूरदराज से श्रद्धालु आते हैं जिससे चैठी छठ में भी यहां काफी भीड़ लगी रहती है।

सात घोड़े रथ पर सवार सूर्य भगवान की शानदार मूर्ति 
यहां सात घोड़े रथ पर सवार सूर्य भगवान की शानदार मूर्ति एक ग्रेनाइट स्लैब पर बनाई गई है।  काले पत्थर की कलात्मक सूर्य मूर्ति से श्रद्धालु खासे आकर्षित होते हैं।  इस मंदिर की महत्ता को देखते हुए राज्य धार्मिक न्यास द्वारा न्यास समिति का गठन किया गया। न्यास कमेटी के गठन होते ही सदियों से चली आ रही परंपरा टूट गई। न्यास के गठन के पश्चात मंदिर में पुश्तैनी रूप से पूजा अर्चना करवा रहे पूजारी की जगह अब समिति के सदस्यों द्वारा पूजा पाठ की जा रहा है। पुरातत्व विभाग से संरक्षित व न्यास कमेटी गठन के बाद भी सूर्य मंदिर कन्दाहा का समूचित विकास नहीं हो पा रहा है।
पोखर सहित आसपास की सफाई व रोशनी व्यवस्था की चल रही तैयारी छठ पर्व नजदीक आते देख स्थानीय युवा मंदिर स्थित पोखर की सफाई करने की तैयारी में है तो वहीं न्यास द्वारा रौशनी व्यवस्था की तैयारी की जा रही है।
मंदिर के आसपास की खुदाई में मिली दुर्लभ प्रतिमा
सूर्य मंदिर के आसपास जब-तब खुदाई से देवी देवताओं की दुर्लभ प्रतिमा मिली। जिसके बाद पुरात्विक महत्व को लेकर इस मंदिर को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने अपने संरक्षण में ले लिया। वर्ष 1985 में एएसआई द्वारा संरक्षित इस मंदिर की देखरेख वर्षों तक हुई। इसके लिए पुरातत्व विभाग ने इस मंदिर में कर्मी भी प्रतिनियुक्त किये थे।

Total Pageviews

Follow ME

SAFETY ZONE

SAFETY ZONE

KOSHILIVE

Only news Complete news. मधेपुरा,सहरसा,सुपौल एवं बिहार की अन्य जिलों की खबरों का संग्रह। अगर किसी भी प्रकार की न्यूज़ आपके पास है।तो आप हमें दिए गए नम्बर 9570452002 पर whatsapp द्वारा भेज सकते हैं। -----------संपादक:-स्टॉलिन अमर अक्की www.koshilive.com

Connect With us

Pages