मधेपुरा: एथलेटिक्स में सफलता की गाथा लिख रही सुमन - कोशी लाइव

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Thursday, October 3, 2019

मधेपुरा: एथलेटिक्स में सफलता की गाथा लिख रही सुमन

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अक्की:
मधेपुरा। मंजिले उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है। इन शब्दों को सही मायने में सार्थक कर रही मधेपुरा की बेटी सुमन भारती। सुमन वर्ष 2008 से ही अपने गुरू शंभू कुमार के मार्गदर्शन प्राप्त कर लगातार एथलेटिक्स दौड़ प्रतियोगिता में जिला, राज्य एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता में दर्जनों मेडल जीत कर जिले का गौरव बढ़ा चुकी है। सुमन ने अब तक मंदार मैराथन, इंटरनेशनल इंद्रा मैराथन, पटना मैराथन सहित अन्य दौड़ प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
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2008 से शुरू हुआ कारवां:
सुमन भारती को स्कूल के समय से ही खेलकूद का काफी शौक था। खेलकूद के क्षेत्र में लड़कियों को आगे बढ़ना काफी चुनौतीपूर्ण था। परंतु 2008 में शिक्षक शंभू से मिलने के बाद सुमन ने तमाम चुनौतियों को पीछे छोड़ कर लगातार आगे बढ़ती गई। अपने गुरू से प्रशिक्षण प्राप्त कर इसने जिले के विभिन्न प्रतियोगिताओं में शामिल होकर लगातार अव्वल आती रही। जिलास्तरीय प्रतियोगिता में अव्वल आने के बाद सुमन को आगे बढ़ने के लिए अनगिनत अवसर प्राप्त हुए। इसके बाद इसने मंदार में आयोजित मैराथन दौड़ में वर्ष 2016 एवं 2017 में शामिल होकर दोनों बार गोल्ड जीता। पटना मैराथन दौड़ में भी सुमन ने वर्ष 2017 एवं 2018 में लगातार दो बार शामिल होकर गोल्ड एवं रजत मेडल जीत कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसके बाद सुमन यहीं नहीं रुकी बल्कि इलाहाबाद में आयोजित 42 किलोमीटर के इंटरनेशनल इंद्रा मैराथन दौड़ में भी दो बार शामिल होकर छठा व नौवां स्थान प्राप्त किया। वहीं इंटर कॉलेज स्तरीय प्रतियोगिताओं में तीन बार इंडीविडुअल एवं इसी दौरान सीतामढ़ी में आयोजित दौड़ में गोल्ड जीतकर स्टेट चैंपियन बनकर जिले का नाम रौशन किया। सुमन के सफलता का दौड़ यहीं नहीं थमा इसने कटिहार में आयोजित रेलवे मैराथन में भी वर्ष 2015 एवं 2016 में शामिल होकर गोल्ड मेडल जीता।
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जिले की छात्राओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भेजने का है सपना:
राज्य एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतियोगिताओं में शामिल होकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी सुमन के लिए ये सब इतना आसान नहीं था। सुमन ने बताया कि जीवन में कई ऐसे मोड़ आए। जब मैं लगातार असफल हो रही थी। उस समय मेरे गुरू ने मुझे असफलता के कारणों को ढूंढकर उसमें आवश्यक सुधार कर लगातार प्रयास करने को कहा। उसी का परिणाम है कि आज मैं इतनी प्रतियोगिताओं में सफल हो पाई हूं। दर्जनों गोल्ड मेडल एवं स्टेट चैंपियन बन चुकी सुमन का सपना इंटरनेशनल स्तर देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए क्षेत्र से लड़कियों को आगे भेजने का है। इसके लिए वे लगातार प्रयास कर रही है। बताते चलें कि समाज में अब भी लड़कियों को खेलकूद में आगे बढ़ाने को लेकर लोगों में कई प्रकार का संशय है। परंतु उन सभी चुनौतियों को पीछे छोड़ सुमन लगातार लड़कियों को आगे बढ़ा रही है। हाल ही मैं मधेपुरा कॉलेज में संपन्न हुई कॉलेज स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता में सुमन ने कई छात्राओं को प्रेरित कर इसमें शामिल करवाया।

SAFTY ZONE[मधेपुरा]

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सावित्रीनंदा पब्लिक स्कूल

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