BIHAR:बिहार पुलिस का दारोगा समेत 3 पुलिसकर्मी किडनैप मामले में बने बिचौलिया, सस्पेंड - कोशी लाइव

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Wednesday, October 16, 2019

BIHAR:बिहार पुलिस का दारोगा समेत 3 पुलिसकर्मी किडनैप मामले में बने बिचौलिया, सस्पेंड

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बिहार पुलिस का दारोगा समेत 3 पुलिसकर्मी किडनैप मामले में बने बिचौलिया, सस्पेंड



जमुई से अपहृत अभिमन्यु मामले में बिचौलिया बने बिहार पुलिस का दारोगा सह जोगसर थानेदार समेत तीन पुलिसकर्मियों को एसएसपी ने निलंबित कर दिया। एसएसपी ने यह कार्रवाई छोटी खंजरपुर स्थित श्रीराम अपार्टमेंट में मिली सीसीटीवी फुटैज के आधार पर की है। 
दरअसल, अपहरण मामले में पुलिसकर्मियों की संदिग्ध भूमिका सामने आने पर सिटी एसपी एसके सरोज मंगलवार रात श्रीराम अपार्टमेंट पहुंचे थे। जांच के दौरान वहां पर एक फ्लैट में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में जोगसर थानेदार और तीन पुलिसकर्मी अपहरण करने के आरोपी के साथ दिखे थे।
फिरौती की राशि देने की पंचायती पुलिस के सामने हुई थी
पुलिस के समक्ष ही रविवार की शाम छह लाख रुपये फिरौती की राशि सोमवार शाम तक देने की पंचायती हुई थी लेकिन अभिमन्यु के पिता एक लाख से ज्यादा देने के लिए तैयार नहीं थे। यह खुलासा अपहृत अभिमन्यु और अपहर्ता मृत्युंजय ने किया है। छोटी खंजरपुर स्थित श्रीराम अपार्टमेंट के फ्लैट 403 में रविवार को पुलिस के आने की पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से भी होती है।
श्रीराम अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 403 में रखा गया
अपहृत अभिमन्यु ने जोगसर पुलिस को बताया कि 12 अक्टूबर (शनिवार) की शाम जमुई डीएम आवास के सामने मुकेश साह के वाहन प्रदूषण केन्द्र के कार्यालय में काम कर रहे थे। इसी दौरान इशाकचक का शशि किरण चार लोगों के साथ कार्यालय पहुंचा। चारों ने घसीटते हुए सफेद रंग की स्कार्पियों गाड़ी में बैठा लिया। रात आठ बजे छोटी खंजरपुर स्थित श्रीराम अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 403 में रखा गया। अगले दिन रविवार सुबह नौ बजे छह-सात लोग फ्लैट में आए और टार्चर करना शुरू कर दिया। शाम को पुलिस भी फ्लैट में आई थी और रुपये को लेकर बातचीत हुई। आरोपी शशि किरण ने कहा कि पुलिस के सामने अभिमन्यु से रुपये लेने का फैसला हो गया था लेकिन पुलिस को गुमराह कर अपहरण का केस करवा दिया।
फ्लैट में दो बार जोगसर थाने की पुलिस गई थी
अभिमन्यु ने कहा कि शशि द्वारा जमुई से किए गए अपहरण की जानकारी पिता किशोर मंडल और इशाकचक में रहने वाले मौसा अरुण मंडल को दी गई थी। मंगलवार को पिता और मौसा 50 हजार रुपये लेकर आए थे लेकिन शशि किरण ने छह लाख रुपये लाने को कहा। फिर बाद में एक लाख रुपये लाने की बात कही। कहा उमेश का 54 हजार, अनुप का 40 हजार और शशि का मात्र 60 हजार रुपये बकाया था। तीनों से रुपये वाहन प्रदूषण केन्द्र के लाइसेंस और इंश्योरेंश के लिए लिया गया था। फ्लैट में दो बार जोगसर थाने की पुलिस गई थी।
राइफलधारी गार्ड के साथ फ्लैट में गए थे जोगसर थाने के जमादार
पिता के साथ शशि समेत अन्य लोगों ने गाली-गलौज और मार देने की धमकी दी। इसके बाद पिता ने थाने को घटना की जानकारी दी। रविवार को शाम 6: 22 बजे जोगसर थाने के जमादार शिवशंकर दूबे राइफलधारी गार्ड के साथ फ्लैट में गए थे। सीसीटीवी फुटेज में तस्वीर कैद हो गई है। सिटी एसपी ने कहा कि बकाये रुपये के लिए आरोपियों ने आपराधिक कृत किया है। ऐसी घटना के बारे में किसी ने जानकारी नहीं दी थी। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। एसएसपी को रिपोर्ट सौपने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। 
गिरफ्तार आठ आरोपियों को भेजा गया जेल
अभिमन्यु के अपहरण मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों को जोगसर थाने की पुलिस ने मंगलवार शाम कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज दिया। अपहृत अभिमन्यु के बयान पर दर्जन भर लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। अब पुलिस फरार स्कार्पियों चालक रामजी समेत चार आरोपियों को खोज रही है। जेल गए आरोपियों में शशि किरण के अलावा उसके पिता मनोज तांती, चाचा संजय तांती, बांका जिले के बौंसी के हीरा दास, जामताड़ा के उपेन्द्र कुमार, सुल्तानगंज के उमेश कुमार, बिहपुर थाने के बभनगामा गांव के मृत्यंजय महतो और इशाकचक के निलेश कुमार शामिल हैं। बुधो तांती ओैर मुकेश कुमार को भी आरोपी बनाया गया है। दर्ज रिपोर्ट में कहा है कि सोमवार शाम छापेमारी करने गई पुलिस पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी थी।  
जोगसर पुलिस क्यों ले रही थी दिलचस्पी
छोटी खंजरपुर स्थित श्रीराम अपार्टमेंट बरारी थाना क्षेत्र में पड़ता है। घटना की बरारी थाने को जानकारी नहीं दी गई थी। जोगसर पुलिस इस मामले में रविवार से सक्रिय थी। बरारी पुलिस का कहना है कि इस मामले में जोगसर थाने की ओर से कोई जानकारी नहीं मिली थी। सोमवार शाम फायरिंग की सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी। इस मामले में वरीय अधिकारी ने भी गौर नहीं किया। यही नहीं घटना की रिपोर्ट बरारी थाने के बदले जोगसर थाने में ही दर्ज की गई है। अक्सर दो थाना के बीच सीमा पर घटना होने पर पुलिस आपस में उलझ जाती है लेकिन इस मामले में जोगसर थाने की पुलिस ने उदारता दिखाई है।  

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