SAHARSA: पूरे जिले में प्रशासन के चौक चौबंद व्यवस्था के बीच मुहर्रम शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। - कोशी लाइव

BREAKING

रितिका CCTV

रितिका CCTV
सेल एंड सर्विस

विज्ञापन

विज्ञापन

Wednesday, September 11, 2019

SAHARSA: पूरे जिले में प्रशासन के चौक चौबंद व्यवस्था के बीच मुहर्रम शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ।

कोशी लाइव_नई सोच नई खबर.

RITESH HUNNY*
 

सहरसा :- पूरे जिले में प्रशासन के चौक चौबंद व्यवस्था के बीच मुहर्रम शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। मुहर्रम को लेकर जिलेभर में प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट थी। पूरे शहर में प्रशासन लगातार गस्ती करते नजर आए। मुहर्रम को लेकर सुबह से ही सदर एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी, सदर थानाध्यक्ष राजमणि, यातयात प्रभारी नागेन्द्र राम सहित एसआई एस• के• पाल लगातार विधि व्यवस्था पर नजर रखे हुए गस्ती कर रहे थे। हसन हुसैन की शहादत के मौके पर अखाडे के साथ तिरंगा भी जुलूस में शामिल रहा। मुहर्रम के नवमी तिथि को निकाले गये सतबरवा के जुलूस में तिरंगा भी लोगों का आकर्षण का केंद्र रहा। मुस्लिम धर्मालंबियो के द्वारा या हसन या हुसैन की सदा के बीच जुलूस निकला गया। इसमें सबसे खास बात यह रही कि लोग शान से भारत का तिरंगा झंडा भी लहराते दिखे। मौके पर गुड्डू हयात ने कहा कि "मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना" तिरंगा इस देश का धर्म और मजहब दोनों है। हम सब इस देश की मिट्टी से बने हैं। इधर मुहर्रम की जुलूस में जाबेद चाँद, ताबिस मैहर, शाहरुख मैहर, मो० सादिक  समेत सैकडों लोग शामिल थे। बाजे-गाजे और परंपरागत हथियार से लोगों ने कई जगह पर गोल बनाकर खेल-तमाशा का करतब भी दिखाया। मुहर्रम को लेकर अलीनगर से जुलूस निकाला गया जो शहर के विभिन्न मार्गों मीर टोला, महावीर चौक, दहलान चौक होते हुए इनबारा में जाकर खत्म हुआ। मुहर्रम को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। मुहर्रम के अवसर पर मीर टोला मस्जिद, अलीनगर में भव्य मेला का आयोजन किया गया। युवा नेता उमर हयात गुड्डू ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को मुहर्रम की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज शहादत और कुर्बानी को याद करने का दिन है। आज ही इस्‍लामी कैलेंडर का पहला महीना है और इसी से इस्‍लाम धर्म के नए साल की शुरुआत होती है। लेकिन इस महीने की एक से 10 वें मुहर्रम तक हजरत इमाम हुसैन की याद में मुस्लिम मातम मनाते हैं। यह दिन पूरी दुनिया को मानवता का संदेश देने के साथ ही हर बुराई से बचने और अच्छाई को अपनाने का संदेश देता है। मान्‍यता के अनुसार इस महीने की 10 तारीख को इमाम हुसैन की शहादत हुई थी, जिसके चलते इस दिन को रोज-ए-आशुरा कहते हैं। मुहर्रम का यह सबसे अहम दिन माना गया है। इस दिन जुलूस निकालकर हुसैन की शहादत को याद किया जाता है। 10वें मुहर्रम पर रोजा रखने की भी परंपरा है। तजिया जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया।

SAFTY ZONE[मधेपुरा]

SAFTY ZONE[मधेपुरा]

सावित्रीनंदा पब्लिक स्कूल

सावित्रीनंदा पब्लिक स्कूल
बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए जरूर सम्पर्क करें।

Total Pageviews