बिहार:खुलासा: नौकरी और दाखिले के नाम पर करते थे ठगी, राज खुलने के डर से मैनेजर को मार डाला - कोशी लाइव

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Thursday, September 26, 2019

बिहार:खुलासा: नौकरी और दाखिले के नाम पर करते थे ठगी, राज खुलने के डर से मैनेजर को मार डाला

कोशी लाइव_नई सोच नई खबर।
अक्की।
रेलवे में नौकरी (Railway job) दिलाने तथा बीटेक व एमबीबीएस में दाखिला (Admission in B.Tech and MBBS) कराने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह में शामिल पटना, औरंगाबाद और फुलवारीशरीफ के युवकों ने भेद खुलने के डर से अपने साथी कॅरियर कंपनी के मैनेजर की हत्या (Manager murder) कर दी थी। नोएडा पुलिस (Noida police) ने बुधवार को गिरोह के औरंगाबाद निवासी नीरज कुमार उर्फ हरेंद्र सिंह, पटना के न्यू पाटलिपुत्र कॉलोनी के निखिल गौरव उर्फ समीर राय और यूपी के आजमगढ़ के गांव नहरुमपुर का धीरेंद्र कुमार शर्मा उर्फ सोनल सिंह को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया है। 
गिरोह का मास्टरमाइंड पटना के फुलवारीशरीफ निवासी एसएस मसरुल उल हक उर्फ अबसार कादरी उर्फ अनवर है। अनवर, मनेर निवासी विकास कुमार उर्फ अभिनव पांडे, शास्त्रीनगर पटना का राजेश कुर्मी उर्फ दबंग व एसकेपुरी का अभिषेक आंनद उर्फ विक्रम सिंह अभी फरार है। ये सभी नोएडा व दिल्ली में ही अलग-अलग जगहों पर फर्जी नाम व पते पर रह रहते हैं। ठगी का राज खुलने के डर व पैसे के लेनदेन को लेकर उपजे विवाद में दिल्ली की क्रेक योर करियर कंपनी के मैनेजर ऋषि उर्फ संजीव रावत की हत्या गिरोह में शामिल इन्हीं शातिरों ने ही सिर कूंचने के बाद कार से कुचल कर की थी। बीते नौ सितंबर की सुबह वाजिदपुर यमुना डूब क्षेत्र के खेत में मैनेजर का शव मिला था। उसकी पहचान मूलरूप से मेरठ निवासी ऋषि उर्फ संजीव रावत के रूप में हुई थी। 
पटना में भी की थी साथी की हत्या
आरोपियों के नोएडा, दिल्ली, पटना, चंडीगढ़ सहित देशभर में दर्जनों ऑफिस है। ठगी के पैसे के बंटवारे को लेकर आरोपियों ने पटना में अपने गिरोह के सदस्य रोशन की अगस्त 2019 में गोली मारकर हत्या कर दी थी। 
फुलवारीशरीफ का है मास्टरमाइंड
मास्टरमाइंड नीरज 2013 में बेंगलुरु से एमबीए कर चुका है, जबकि निखिल गौरव बीटेक और धीरेंद्र बीए पास हैं। गिरोह का मास्टरमाइंड बिहार पटना के फुलवारी निवासी एसएस मसरुल उल हक उर्फ अबसार कादरी उर्फ अनवर भी एमबीए पास है।पुलिस को अबसार कादरी, विकास सिंह, राजेश कुर्मी और अभिषेक आनंद की तलाश है। विकास व राजेश बीएससी व अभिषेक एमबीए है।
रेलवे में नौकरी दिलाने पर भी ठगी की
आरोपी पूर्व में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर भी करोड़ों की ठगी कर चुके है। आरोपी नीरज की धीरेंद्र, सोनल से दिल्ली में जान पहचान हुई थी। इसी दौरान आरोपियों ने रेलवे में भर्ती के नाम पर ठगी की। दिल्ली क्राइम ब्रांच ने नीरज व धीरेंद्र को गिरफ्तार किया था। आरोपी चार महीने बाद जमानत पर बाहर आ गए थे। जेल से छूटने के बाद नीरज ने मुखर्जीनगर में पीजी खोला। उसकी मुलाकात अबसार कादरी से हुई। कादरी दक्षिण भारत में एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर ठगी करता था। 
पटना से कोटा व दिल्ली तक फैला है गिरोह   
एमबीबीएस व बड़े इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला कराने के नाम पर ठगी करने वाले कई गिरोह पटना से लेकर कोटा तक सक्रिय हैं। पूर्व में भी पटना से ऐसे कई ठग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। हाल में दाखिला कराने वाले गिरोह द्वारा पैसे के बंटवारे को लेकर गांधी मैदान क्षेत्र से सारण के युवक को अगवा कर लिया गया था, जिसे 24 घंटे में बरामद कर पुलिस ने मधुबनी के दो आरोपितों को गिरफ्तार किया था।
पैसे मांगने पर वारदात को अंजाम दिया
संजीव ने ठगी के करोड़ों रुपये में से 35 लाख मांगे थे। पैसे न मिलने पर उसने गिरोह का भंडाफोड़ करने की धमकी दी थी। 8 सितंबर की रात को सेक्टर-4 ऑफिस पर आरोपितों ने संजीव को शराब पिलाकर मारपीट कर बेहोश कर दिया। नीरज, समीर, विकास, राजेश, अभिषेक मिलकर संजीव को कार में डालकर यमुना डूब स्थित सुनसान क्षेत्र में ले गए और कार से कुचलकर उसकी हत्या कर दी। 
ये सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों से एक लाख रुपये, विभिन्न मेडिकल कॉलेज से संबंधित 24 मुहर, काउंसिलिंग के लिए आने वाले अभिभावकों का विजिटिंग व एंट्री रजिस्टर, मेडिकल की नीट परीक्षा दे चुके परीक्षार्थियों के डाटा की 6 फाइल, डायरी, संजीव की कार, नीरज के पांच मोबाइल, निखिल के तीन मोबाइल, धीरेंद्र के 1200 रुपये व एक मोबाइल बरामद किया है।  

SAFTY ZONE[मधेपुरा]

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