सहरसा:ड्राइविंग लाइसेंस बनाने को लेकर सोशल मीडिया पर फैली अफवाह, आम आदमी परेशान। - कोशी लाइव

BREAKING

रितिका CCTV

रितिका CCTV
सेल एंड सर्विस

विज्ञापन

विज्ञापन

Thursday, September 12, 2019

सहरसा:ड्राइविंग लाइसेंस बनाने को लेकर सोशल मीडिया पर फैली अफवाह, आम आदमी परेशान।

कोशी लाइव_नई सोच नई खबर।
अक्की।
रितेश updates:

व्हाट्सएप फेसबुक पर वायरल मैसेज को पढ़कर आज सहरसा स्टेडियम खेल प्रांगण में सैकड़ों लोग ड्राइवरी लाइसेंस बनाने सारे कागजात को लेकर  पहुंचे लेकिन यह अफवाह थी मौके पर पहुंचे जन अधिकार छात्र परिषद के जिला अध्यक्ष नरेश निराला ने सभी साथियों को लेकर डीटीओ ऑफिस पहुंचा डीटीओ चेंबर में नहीं थे वहीं छात्र जिला अध्यक्ष नरेश  निराला ने पत्रकार को संबोधित करते हुए कहा कि आम आदमी को ड्राइवरी लाइसेंस बनाने में काफी परेशानी एवं मोटी रकम 9000 से 10000 तक दलाल को देना पड़ता है और बिना दलाल का ड्राइविंग लाइसेंस बनता ही नहीं है. सरकारी नियम के अनुसार एक बार ₹790 का रसीद और दूसरा 2345 रुपया का रसीद कटता बाकी सारा पैसा डीटीओ और दलाल के  पैकेट में जाता है जनता के परेशानी से प्रशासन को कोई लेना देना नहीं है अगर ड्राइवरी लाइसेंस की समस्या को शिविर लगाकर नहीं सुना गया तो आगे आंदोलन करने को बाध्य रहेंगे मौके पर उपस्थित राहुल भगत अंकित भारद्वाज इंजीनियर निरंजन  किसन  झलेंद्र यादव सुभाष परवेज दिलखुश प्रणाम बिट्टू संतोष कुंदन टुनटुन मुकेश अमित विक्रम रुपेश शमशाद खान पप्पू सत्यनारायण राम भावेश संकेत तपेश्वरी यादव कुमावत विजय भगत फुलेश्वर अभिनंदन भूषण प्रभात सैकड़ों लोग लाइसेंस बनाने के लिए उपस्थित हुए।.....
.......






सहरसा:लोगों का कहना है डीटीओ ऑफिस में कर्मचारियों के काम करने का तरीका बहुत ही खराब है, कभी ऑफिस में रहते हैं कभी नही रहते हैं, लोगों ने बताया वह बहुत दूर दूर से पैदल चलकर आते हैं लेकिन उसे यहाँ से निराश हो कर वापस जाना पड़ता है।

इसी बीच व्हाट्सएप पर एक मैसेज वायरल कर दिया गया।
जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई, व्हाट्सएप मैसेज में कहा गया था, की 12-09-2019 को मात्र सरकारी खर्च पर ड्राईविंग लाइसेंस बनाया जाएगा स्टेडियम में।जिससे काफी संख्या में आम आदमी पहुँचे लेकिन वहाँ इस तरह का कोई भी कायर्क्रम नही था।जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई।


नये परिवहन कानून का असर जिले में दिखने लगा है। अबतक यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले चालक ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर अन्य सभी जरूरी कागजत को दुरुस्त करने में जुट गये हैं।
खासकर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए सुबह से ही कलेक्ट्रेट परिसर स्थित डीटीओ कार्यालय में लंबी लाइन लग जाती है। लंबी लाइन के कारण घंटों तक खड़े-खड़े कई आवेदकों के पांव थक जाते हैं और कतार नहीं छूटे इसलिए थक कर नीचे बैठ जाते हैं। एक सितंबर से नये कानून लागू होने के साथ ही पुलिस व परिवहन व यातायात विभाग द्वारा जगह-जगह चेकिंग कर भारी भरकम चालान काटने से बिना लाइसेंस बाइक चलाने वाले में अब लाइसेंस बनवाने की होड़ शुरू हो गई है।
जिले में अबतक सैकड़ों लोग लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर चुके हैं। इनमें से लगभग ढाई सौ लोगों को लर्निंग लाइसेंस दिया गया है। डीटीओ ऑफिस के कर्मी के मुताबिक विगत चार दिनों से लाइसेंस के लिए अचानक भीड़ उमड़ने लगी है।
लर्निंग लाइसेंस के लिए तिथिवार आवेदन : डीटीओ ऑफिस से मिली जानकारी अनुसार 7 सितंबर को 65, 8 सितंबर को 75, 9 सितंबर को 129 एवं 11 सितंबर को 141 लोगों ने लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन जमा किये है।
लर्निंग में 790 व फाइनल लाइसेंस के लिए 23 सौ : दो पहिया व चार पहिया गाड़ी के लिए लर्निंग लाइसेंस में 790 रुपए तथा फाइनल लाइसेंस के लिए 23 सौ रुपये तथा सिर्फ दो पहिया वाहन के लिए लर्निंग लाइसेंस में 420 रुपये व फाइनल लाइसेंस के लिए 1351 रुपए फीस जमा करना पड़ता है।

SAFTY ZONE[मधेपुरा]

SAFTY ZONE[मधेपुरा]

सावित्रीनंदा पब्लिक स्कूल

सावित्रीनंदा पब्लिक स्कूल
बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए जरूर सम्पर्क करें।

Total Pageviews