मधेपुरा:किसान सलाहकाराें को 8 माह से नहीं मिला वेतन - कोशी लाइव

BREAKING

विज्ञापन

विज्ञापन

Thursday, September 12, 2019

मधेपुरा:किसान सलाहकाराें को 8 माह से नहीं मिला वेतन

कोशी लाइव_नई सोच नई खबर।
राजेश कुमार पप्पू।
*


मधेपुरा:- कृषि विभाग की योजनाओं को धरातल पर उतारने वाले जिले भर के किसान सलाहकारों को विभागीय लापरवाही के कारण बीते 8 माह से मानदेय से वंचित होना पड़ रहा है। मानदेय नहीं मिलने से किसान सलाहकार अपने परिवारिक जीवन में आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे हैं। इस संदर्भ में जब भी जिले के संबंधित कर्मी से बात की जाती है तो आश्वासन देकर सो जाते हैं। कृषि विभाग के कार्यों के अलावा दूसरे महकमे के अधिकतर कार्यों में कृषि सलाहकारों की सहभागिता निर्धारित की जाती रही है। अपने विभाग के अलावे दूसरे विभाग के कार्यो को ये सलाहकार अंजाम तक पहुंचाते हैं। फिर भी इनको समय पर मानदेय से वंचित रखा जाता है। साल में दो से तीन बार ही मानदेय देने की प्रचलन पिछले 8 सालों से चली आ रही है।
 आए दिन किसान सलाहकार महाजन ,किराना दुकान, मेडिकल आदि में उधार ले लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं पंचायत स्तर पर काम करने के लिए जाना होता है इसके लिए गाड़ी में पेट्रोल का पैसा भी महाजन से लेकर पंचायत अपने कार्य करने के लिए जाते हैं ।मोहर्रम जैसे पर्व में भी मानदेय का भुगतान नहीं हुआ, आगे दशहरा व दीपावली भी है। रक्षा बंधन तो ऐसे ही गुजर गया।

 बताते चलें कि बच्चों की आकांक्षाओं पर भी पानी फिर रही है ।आखिर कब तक  इस तरह से चलेगा यह सोचने की बात है।
 वही किसान सलाहकार संघ के जिला सचिव कुंज बिहारी शास्त्री ने कहा कि आए दिन प्रत्येक प्रखंड से किसान सलाहकार फोन करके पूछते हैं कि कब तक हम लोगों को मानदेय मिल जाएगा, ताकि आर्थिक स्थिति से जूझ रहे स्थितियों से निपटारा पा सकें। जिला स्तर पर संपर्क करने से केवल आश्वासन ही मिलता है। कभी आवंटन नहीं आने की बात कही जाती है तो कभी एक माह दो कहकर टालमटोल किया जाता है ।इसलिए प्रत्येक माह में मानदेय भुगतान की प्रक्रिया को मजबूत करने की जरूरत है। जिससे हमारे किसान सलाहकार भाइयों का आर्थिक स्थिति से जूझना नहीं पड़े।
 जिला अध्यक्ष उमेश कुमार ने बताया कि किसान सलाहकार को सरकार के द्वारा बार बार यह कह कर प्रताड़ित की जा रही है कि प्रगतिशील किसान हैं।
 अपितु आए दिन सरकार कृषि विभाग के अलावे सहकारिता विभाग ,संख्यिकी विभाग, जनगणना ,पशु गणना ,चुनाव व कृषि समन्यवक के आईडी से काम आदि  किसान सलाहकार से काम करवाया जाता है । सरकार के गाइड लाइन अनुसार 6 घंटे ही किसान सलाहकार को कार्य करने की अनुमति है ,जबकि बारह से 15 घंटा तक किसान सलाहकार आपने पंचायत में रहकर काम करते हैं ।इसके बावजूद भी समय पर मानदेय नहीं मिलने से किसान सलाहकारों के घर में रोजी रोटी की भी परेशानी हो गया है ।पर्व त्योहार का तो बात ही नहीं है क्या कहा जाए।
 इसलिए अभिलंब मानदेय भुगतान की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए बात कही गई।

*कुंज बिहारी शास्त्री*
जिला सचिव
किसान सलाहकार संघ, मधेपुरा

SAFTY ZONE[मधेपुरा]

SAFTY ZONE[मधेपुरा]

Total Pageviews