मधेपुरा:आजादी के खातिर दर-दर भटके कमलेश्वरी प्रसाद सिंह - कोशी लाइव

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Sunday, August 11, 2019

मधेपुरा:आजादी के खातिर दर-दर भटके कमलेश्वरी प्रसाद सिंह

कोशी लाइव:
आजादी के खातिर दर-दर भटके कमलेश्वरी प्रसाद सिंह ....
Iqbal Journalist
कुमारखंड(मधेपुरा)
आजादी के कमलेश्वरी प्रसाद सिंह अपने भाई सुरेन्द्र प्रसाद सिंह के साथ पांच वर्षों तक दर दर भटकते रहे|प्रखंड के सुखासन गाँव के किसान स्वर्गीय महेंद्र नारायण सिंह के घर जन्मे भारत माता के दो सपूतों ने वर्ग सात की पढ़ाई पूरी कर वर्ग आठ में वर्ष 1942 में मुरलीगंज स्थित हाई स्कुल में दाखला ही किया था कि 1942 का आन्दोलन शुरू हुआ|आन्दोलन में पढ़ाई छोड़ कर दोनों भाई मधेपुरा पहुँच गए और आन्दोलन में भाग लिया|इस दौरान अंग्रेज ऑफिसरों ने उनका नाम आन्दोलन कारियों में शामिल कर दिया|आन्दोलन में नाम आने के बाद पुलिस उनके पीछे पड़ गयी|इस भय से कुछ दिन दोनों भाई सगे सम्बन्धी और रिश्तेदारों के घर छुपते रहे लेकिन अंग्रेजी पुलिस वहां तक उनके गिरफ़्तारी के लिए पहुंची परन्तु दोनों भाई पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े|इसके बाद दोनों भाई भागकर भूटान में शरण लिया लेकिन वहां भी उन्हें रंग वेश भूषा के कारण गिरफ़्तारी का भय सताने लगा तो वहां से भाग कर नेपाल में शरण लिया|नेपाल में शरण लेने से कुछ राहत मिली परन्तु उन्हें अपना देश और अपनी मिट्टी की याद सताती रही|विदेश में रहते आजादी के सम्बन्ध में जानकारी लेते रहते थे|इस दौरान घर से दूर रहते माता सुर्जी देवी ने भी उनका हौंसला हमेशा बढ़ाया|इस सम्बन्ध में स्वतंत्रता सेनानी कमलेश्वरी प्रसाद सिंह ने बताया मै गांधी जी के विचारों से बहुत प्रभावित था|बचपन के दिनों में मैं स्कूली छात्रों को भी स्वतंत्रता आन्दोलन में भाग लेने केलिए प्रेरित करता रहता था|बड़ी मुश्किल से हमने आजादी को पाया|आजादी के बाद हमेशा डीएम द्वारा राष्ट्रीय कार्यक्रम में भाग लेने केलिए पात्र भेजते थे लेकिन कुछ वर्षों से ब्लाक से भी बुलावा नहीं आता है|

SAFTY ZONE[मधेपुरा]

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सावित्रीनंदा पब्लिक स्कूल

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