पूर्णियां:एस०आई०ओ० प्रदेश की लचर व्यवस्था की प्रति चिंतित, व्यापक सुधार के लिए रही है हमेशा संघर्षरत - कोशी लाइव

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Friday, July 19, 2019

पूर्णियां:एस०आई०ओ० प्रदेश की लचर व्यवस्था की प्रति चिंतित, व्यापक सुधार के लिए रही है हमेशा संघर्षरत

कोशी लाइव:@जफर अहमद


विगत 7 जुलाई से शिक्षा आंदोलन चला रही है SIO

लचर शिक्षा व्यवस्था के प्रति सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाएगा, सर्वे के बाद सौंपा जाएगा मेमोरेंडम

पूर्णियाँ/बिहार:-

शिक्षा हमारा बुनियादी हक है। सरकार की अहम जिम्मेदारी है कि वह शिक्षा की बेहतर व्यवस्था करे। शिक्षा के अभाव में न तो मानव जीवन में बदलाव आ सकता है और न ही देश का समग्र विकास हो सकता है। निःसंदेह बिहार सरकार समय समय पर शिक्षा के प्रति गंभीर भी हुई है। कागजी आँकड़े हमें काफी आश्वस्त भी करते हैं परंतु ग्राउंड रिपोर्ट कुछ और ही ब्याँ करती है।
     
        स्टुडेंट्स इस्लामिक आर्गेनाइजेशन आफ इंडिया की बिहार शाखा , प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत का जायजा लेने जहाँ विभिन्न सरकारी स्कूलों का दौरा कर रही है वहीं आमजनों के बीच जाकर न सिर्फ उनकी समस्याओं को सुन रही है ब्लकि उन्हें शिक्षा के प्रति जागरूक भी कर रही है।
           विद्यालय के छात्रों और शिक्षकों से संवाद स्थापित कर उनके मन की बात को जानने का प्रयास कर रही है साथ ही उन्हें बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रेरित भी कर रही है।

प्रदेश कैंपस सचिव श्री शादमान नोमानी के नेतृत्व में बिहार  शिक्षा आंदोलन एस०आई०ओ०बिहार की एक टीम गत दिनों पूर्णियाँ के देहाती ईलाके सदबैली और सरबथना गाँव का दौरा किया।

श्री नोमानी ने बताया कि उन्हें कई ऐसे विद्यालय मिले जहाँ शिक्षा की गुणवत्ता निम्न स्तर की है। विद्यालय में उपस्कर और मूलभूत सुविधाओं की कमी साफ साफ झलक रही थी। बच्चे बोरियों पर बैठने को विवश थे।छात्रों के अनुपात में शिक्षकों की कमी भी बेहतर शिक्षा के लिए बाधक थी। मध्य विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की घोर कमी है।कई ऐसे विद्यालय हैं जहाँ एक ही विषय के कई शिक्षक हैं और उन्हीं के जिम्मे सारे विषय हैं ।भला ऐसे में बच्चों को संबंधित विषय की पढ़ाई कैसे मिल पाएगी।विभाग शिक्षकों का प्रतिनियोजन कर शिक्षकों की भरपाई करने का प्रयास तो कर रही है परंतु प्रतिनियोजित शिक्षकों के मूल विद्यालय में शिक्षक कम पड़ जा रहे हैं उन्हें इसका ख्याल नहीं रह जाता।

 प्रदेश कैंपस सचिव ने गहरी चिंता प्रकट करते हुए कहा कि एक ओर विद्यालय में शिक्षकों का घोर अभाव है वहीं दूसरी ओर टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की एक बड़ी ताअदाद बेरोजगारी का दंश झेल रही है। आखिर सरकार ध्यान क्यों नहीं देती?
    टीम के सदस्य सह प्रदेश एक्सपैंशन सचिव मो०मुनाजिर अंसारी ने बताया कि स्टुडेंट्स इस्लामिक आर्गेनाइजेशन आफ इंडिया की बिहार शाखा, शिक्षा के प्रति सरकार ,विभागीय अधिकारियों और आमजनों के इस रवैये से काफी चिंतित है और इसमें व्यापक सुधार के लिए संघर्षरत है। संगठन शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।

       टीम सदस्यों ने स्पष्ट रूप से बताया कि निश्चित रूप से आमजनों को अपने बुनियादी हक के लिए जागरूक होना होगा अन्यथा व्यवस्था में बदलाव लाना कठिन है।

मौके पर अली रजा,मो०तंजीम आदि उपस्थित रहे।

SAFTY ZONE[मधेपुरा]

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सावित्रीनंदा पब्लिक स्कूल

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