झारखंड: मौत का तमाशा - कोशी लाइव

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Tuesday, June 25, 2019

झारखंड: मौत का तमाशा

कोशी लाइव:अक्की
दिनेश चौधरी के कलम से

आखिर तबरेज के मौत का ज़िम्मेदारी कौन लेगा केंद्र सरकार या झारखंड सरकार या वो भीड़ जो सीधा मौत का फैसला अपने हाथ से किसी के लिए भी लिख देता हैं या सुप्रीम कोर्ट।क्योंकि जमशेदपुर से अपने गाँव जा रहे तबरेज के साथ जो हुआ वो किसी के साथ कहीं भी, कभी भी हो सकता हैं।क्या लोगों में कानून का भय इतना कम हो गया हैं कि वे बाक़ायदा ऐसी घटनाओं का वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर प्रसारित करते हैं।सुप्रीम कोर्ट ने तो मॉब लिंचिंग पर कानून भी बनाया तो क्या हुआ उस कानून का,इस से दो बात सामने आता हैं या तो केंद्र सरकार का मॉब लिंचिंग के मामले में मंशा साफ नहीं हैं या राज्य सरकार का।तबरेज गुनाह किया या नहीं किया ये मामला ही नहीं रहा मामला तो ये हैं कि उसके साथ जो हुआ वो क्या सही था,झारखंड पुलिस ने जो अपना निठल्लापन दिखाया हैं और झारखंड के मंत्री का बयान इस से तो नहीं लगता हैं कि मॉब लिंचिंग रुकेगा समाज में।हम मान भी लेते हैं एक समय के लिए तबरेज के पास चोरी का मोटरसाइकिल था तो इसलिए उसे भीड़ उसे 10 घण्टा तक बिजली के खांम्भा से बांध पीटाई करेगा,इस से बहुत कुछ साबित होता हैं कि लोगो के मन से कानून का भय कितना कम हो गया हैं।ये भीड़ उस समय कहाँ विलुप्त हो जाती हैं जब समाज में मासूम बच्चियों के साथ बलात्कार किया जाता हैं तब यही भीड़ बलात्कार करने वाले के बचाव में खड़े हो जाते हैं और कुछ पीड़ित के पक्ष से खड़े हो जाते हैं।आखिर हम सब कौन समाज का निर्माण कर रहे हैं?मॉब लिंचिंग कहीं भी होता हैं ये संकीर्ण मानसिकता के लोग इस तरह का व्यवहार दिखा रहे हैं इसलिये केंद्र और राज्य सरकार को इस भीड़ के खिलाफ कठोर कदम उठाने चाहिए,ताकि लोंगो में कानून का भय रहे।और समाज के लोंगो को भी, ऐसे लोंगो का बहिष्कार करना चाहिए जिस से सभ्य समाज का निर्माण हो।

         दिनेश चौधरी, सुरजापुर, सुपौल

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