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Saturday, 29 June 2019

सुपौल:अपहरण कर युवती से दो दिनों तक गैंगरेप

कोशी लाइव:अक्की

एक युवती का अपहरण कर दो दिनों तक गैंगरेप करने करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हैरत की बात है कि केस दर्ज करने के बजाए थानाध्यक्ष ने पीड़िता से कई अंतरंग सवाल पूछकर थाना से लौटा दिया। फिलहाल पीड़िता न्याय के लिए भटक रही है। मामला थाना क्षेत्र की माधोपुर पंचायत से जुड़ा है।18 साल की इस युवती का कहना है कि रविवार की सुबह लगभग साढ़े 10 बजे गांव के ही मो. सरफराज ने फोन पर बताया कि उसकी मां मूंग खेत में बेहोश हो गई है। मां को देखने खेत जा रही थी कि रास्ते में पहले से घात लगाए मो. सरफराज और एक पूर्व जिप सदस्य के पुत्र बबलू साफी ने उसे हथियार का भय दिखाकर जबरन बाइक पर बैठा लिया और अनजान जगह ले गए। जब उसे होश आया तो पता चला कि दोनों युवकों ने उसके साथ दो दिनों तक दुष्कर्म किया है। जब वह रोने लगी तो दोनों युवकों ने मंगलवार की सुबह लगभग आठ बजे बाइक से लाकर उसे भीमपुर क्वार्टर चौक पर छोड़ दिया और फरार हो गए। वह किसी तरह अपने ननिहाल पहुंची और घटना की जानकारी दी। बुधवार को छातापुर थाना में आवेदन देने पहुंची तो थानाध्यक्ष ने आवेदन लेकर गुरुवार को आने को कहा। गुरुवार को थानाध्यक्ष के इंतजार में लगभग दो घंटे बैठने के बाद जब एसडीपीओ से मोबाइल पर शिकायत की तब थानाध्यक्ष पहुंचे। पीड़ित युवती ने आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान उसकी मां को थानाध्यक्ष ने कमरे से बाहर कर दिया और बिना किसी महिला पुलिसकर्मी के थानाघ्यक्ष ने उससे कई अनर्गल सवाल पूछे। फिर आवेदन बदलने का दबाव बनाने लगे। पीड़िता के पिता ने बताया कि पुत्री को न्याय दिलाने के लिए छातापुर थाना, महिला थाना, एसडीपीओ और एसपी से भी गुहार लगाई लेकिन उनका केस दर्ज नहीं हुआ।एसडीपीओ ने केस दर्ज कर गिरफ्तारी का दिया था आदेश : मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों के बयान ही उनकी कार्यशैली को दर्शाते हैं। वीरपुर एसडीपीओ रामानंद कौशल ने बताया कि पीड़िता से मोबाइल पर बात होने के बाद उन्होंने थानाध्यक्ष को केस दर्ज कर आरोपितों की गिरफ्तारी का आदेश दिया था। उधर, थानाध्यक्ष का कहना था कि पीड़िता उनके पास आवेदन लेकर आई ही नहीं थी। ऐसे में डीजीपी का पीड़ितों के साथ सहानुभूति से पेश आने और कानून का राज स्थापित करने का आदेश जिले में कितना प्रभावी है, समझा जा सकता है।

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