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पंचमुखी चौक,मधेपुरा

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Sunday, April 14, 2019

पूर्णियां: घर से सब्जी लाने की बात कहकर निकला था दुकानदार, सुबह केला बगान के पास मिली लाश

कोशी लाइव:अक्की

लाइन बाजार के एक चाय दुकानदार की कप्तानपाड़ा स्थित केला बगान के समीप सड़क किनारे एक दुकान के सामने लाश मिली। सदर थाना क्षेत्र के निशीगंज निवासी राजेंद्र सहनी (55 वर्ष) शुक्रवार शाम घर से सब्जी लाने की बात कहकर निकले थे। 

मृतक की प|ी सुशीला देवी ने बताया कि उसके पति लाइन बाजार स्थित डॉ. विभा झा के क्लिनिक के सामने चाय की दुकान चलाते थे। शुक्रवार को वह दुकान बंदकर जल्दी ही घर आ गए और यह कहकर निकले कि सब्जी लेकर आते हैं। देर रात तक जब वे नहीं लौटे तो खोजबीन की। शनिवार सुबह उनके ही मोहल्ले के कुछ लोगों ने बताया कि राजेंद्र साहनी केला बगान के समीप एक दुकान के सामने सड़क किनारे गिरे पड़े हैं। प्रथम दृष्ट्या देखने से ऐसा लगता है कि उनकी मौत हो गई है। वह भागकर घटनास्थल पर पहुंची, जहां उन्हें मृत पाया। इधर, घटनास्थल के आसपास के लोगों ने भी बताया कि देखने से ऐसा लगता है कि शराब पीने से ही मौत हुई है। मृतक की प|ी सुशीला देवी ने बताया कि उनके पति आदतन शराबी थे और रोज रात में शराब पीकर घर आते थे। 

पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे परिजन को सौंप दिया। इस संबंध में पूछे जाने पर सदर थानाध्यक्ष जीतेन्द्र राणा ने बताया कि शराब पीने की बात गलत है। शव को देखने से प्रथम दृष्ट्या ऐसा लगता है कि हार्ट अटैक से मौत हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण का पता चल पाएगा। 

कप्तानपाड़ा में सड़क किनारे पड़ा था शव, लोगों ने कहा शराब पीने से हुई मौत, पुलिस बोली-हार्टअटैक से जान गई 
पूर्णिया के कप्तानपाड़ा में मौके पर जांच करती पुलिस। 

गांव में देशी शराब बनने की आ रही थी गंघ : प|ी ने बताया कि शुक्रवार को भी केला बगान के पीछे स्थित मोहल्ला और कप्तान पुल के पीछे के गांव में देसी शराब बनने की गंध आ रही थी। लोगों की मानें तो पुलिस को कई बार शराब बनने और बेचे जाने की सूचना देने पर भी कार्रवाई नहीं की जाती है। देसी शराब की भट्टी चलने के संबंध में सदर थानध्यक्ष जीतेन्द्र राणा ने बताया कि उनके थाना क्षेत्र में कहीं भी किसी भी तरह की कोई शराब की बिक्री नहीं होती है। 

बड़ा सवाल : जब शराबबंदी है तो रोज कहां शराब पीने जाता था राजेंद्र सहनी 

चाय दुकानदार राजेन्द्र सहनी की मौत शराब पीने से हुई या हार्ट अटैक से यह तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। यदि उनकी प|ी कहती है कि वे आदतन शराबी थे तो यहां सवाल उठना स्वाभाविक है कि उसे शराब कहां से मिलती थी। शराबबंदी के बाद भी राजेन्द्र कहां रोज शराब पीने जाता था। राजेन्द्र की प|ी का कहना था कि उनके पति प्रतिदिन दुकान बंद कर घर आने के बाद कप्तान पुल के पीछे गांव और केला बगान के पास देसी शराब पीने जाता था। 

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