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Friday, April 26, 2019

मधेपुरा:सदर अस्पताल के मरीजों का शोषण कर रहा है बिचौलिया

कोशी लाइव:अक्की

मधेपुरा। जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल पूरी तरह दलालों के गिरफ्त में है। सदर अस्पताल परिसर में बिचौलिए गिरोह पूरी तरह अपनी पैठ जमा चुका हैं। ग्रामीण इलाके के मरीजों को अस्पताल से बहका कर निजी अस्पतालों में पहुंचाकर मरीजों का जम कर शोषण किया जा रहा है। अस्पताल में बिचौलिया गिरोह सक्रिय होकर आसानी पूर्वक मरीजों को निजी क्लीनीक पहुंचा रहे हैं। इस कार्य में अस्पताल के कर्मी के साथ-साथ कई आशा कार्यकर्ता भी शामिल हैं। जो बिचौलिए गिरोह के सदस्यों के कार्य में उसकी सहायता करती है। एक ओर जहां मरीजों को शोषण हो रहा है। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य महकमा अस्पतालों को पूरी तरह सुरक्षित एवं सभी संसाधनों से लैस बताकर वाहवाही बटोर रहे हैं।
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कैसे काम करता है गिरोह
यह गिरोह अस्पताल में ग्रामीण इलाके या कम पढ़े-लिखे लोगों को निजी क्लीनिक के डॉक्टरों की प्रशंसा कर उन्हें अपने जाल में फंसा लेते हैं। उसके बाद अस्पताल के गेट पर वेलोग 24 घंटे अपना ऑटो को रखते हैं। उस ऑटो से गिरोह के दूसरे सदस्य उस मरीज को तुरंत वहां से निजी क्लीनिक में पहुंचा कर मरीजों से जरूरत से ज्यादा पैसा ऐंठ रहे हैं। जानकारी अनुसार निजी अस्पतालों में मरीजों को पहुंचाने पर प्रति मरीज दो से पांच हजार दिया जाता है।
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केस स्टडी:
-: इस माह में गम्हरिया से रेफर होकर आई एक मरीज को गेट पर ही एक आशा कार्यकर्ता ने रोक उसे अपने झांसे में फंसा लिया। साथ ही उस मरीज को निजी डॉक्टर की प्रशंसा कर उसे ऑटो से लेकर निजी अस्पताल लेकर चली गई। महिला मरीज के भाई विनोद कुमार बताया कि जबतक हमलोग अस्पताल पहुंचते तब तक मरीज को एक आशा कार्यकर्ता लेकर निजी अस्पताल चली गई। अस्पताल पहुंच कर जब हमने फोन कर अपने मरीज के संबंध में जानकारी प्राप्त किया तो पता चला कि निजी अस्पताल में लेकर चला गया है। उन्होंने बताया कि उनके पास पैसा नहीं है। निजी अस्पताल का खर्च कहां से वहन करेंगे। यह तो सिर्फ बानगी है। यह खेल अस्पताल में रोजाना होता है।
-: चौसा की रबिया देवी भी कुछ दिन पहले अस्पताल प्रसव के लिए पहुंची थी। लेकिन बिचौलिए के झांसे में आकर एक निजी क्लीनिक चली गई। जहां 35 हजार का बिल दिया गया। गरीबी के कारण जमीन बेचकर उसके पति ने अस्पताल प्रबंधन को राशि दी।
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अस्पतालों में आशा कार्यकर्ता के दलाली करने की शिकायत मिल रही है। अस्पताल मैनेजर को निर्देश दिया गया है कि दलाली प्रथा से जुड़े आशा कार्यकर्ताओं की सूची तैयार कर दें। वैसे आशा को चयनमुक्त किया जाएगा। साथ हीं बाहरी व्यक्ति अगर दलाली का कार्य कर रहे हैं तो उसकी भी जानकारी उपलब्ध कराएं। ताकि उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके।
डॉ. शैलेंद्र कुमार

सिविल सर्जन, मधेपुरा

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