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कार किंग [मधेपुरा]

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पंचमुखी चौक,मधेपुरा

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Tuesday, April 23, 2019

लोकसभा चुनाव : मधेपुरा लोकसभा क्षेत्र में इवीएम में गड़बड़ी से कुछ जगहों पर मतदान प्रभावित

कोशी लाइव:अक्की

मधेपुरा : मधेपुरा लोकसभा के सभी 1940 मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गयी. शहर के स्टेशन रोड स्थित आदर्श मध्य विद्यालय केंद्र पर राजद प्रत्याशी शरद यादव ने मतदान किया. मुरलीगंज विधानसभा के जीतापुर स्थित प्राथमिक विद्यालय रामसिंह टोला बूथ संख्या 322 पर इवीएम में खराबी आने से मतदान आधा घंटा देरी से शुरू हुआ.

आलमनगर विधानसभा के पुरैनी बूथ संख्या 104 उमवि खेरहो उत्तरी भाग में इवीएम में गड़बड़ी की वजह से मतदान आधा घंटा तक बाधित रहा. आलमनगर के उच्च विद्यालय बड़गांव मतदान केंद्र संख्या 210 पर इवीएम खराब होने से 45 मिनट विलंब से मतदान शुरू हुआ. चौसा स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय बिंद टोली लौआलगान पूर्वी स्थित मतदान केंद्र 315 व 316 पर सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों ने वोट का बहिष्कार किया. वोट डालने के लिए लोग टोलियों में लोग बूथ तक पहुंच रहे थे. 
मधेपुरा में ऐसे बढ़ा मतदान प्रतिशत 
आठ बजे : 05 प्रतिशत 
नौ बजे : 8.75 प्रतिशत 
दस बजे : 14 प्रतिशत 
11 बजे : 17.5 प्रतिशत
12 बजे : 25 प्रतिशत 
1 बजे : 30 प्रतिशत 

2 बजे : 37 प्रतिशत

शरद यादव और पप्पू यादव की उपस्थिति से स्थिति रोचक
मधेपुरा लालू यादव का मजबूत गढ़ माना जाता है. आरजेडी चीफ लालू यादव दो बार मधेपुरा सीट से लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं. मधेपुरा से 2014 में पप्पू यादव ने आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ा था और जीते थे. अब पप्पू यादव अपनी अलग पार्टी बना चुके हैं. तब शरद यादव जेडीयू के नेता थे अब वे भी आरजेडी में जा चुके हैं.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
1967 के चुनाव में मधेपुरा सीट से संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के नेता बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल ने चुनाव जीता. 1968 के उपचुनाव में भी जीत उन्हीं के हाथ लगी. 1971 के चुनाव में यहां से कांग्रेस के चौधरी राजेंद्र प्रसाद यादव ने चुनाव जीता. 1977 के चुनाव में फिर भारतीय लोक दल के टिकट पर बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल ने चुनाव जीता. 1980 के चुनाव में फिर इस सीट को चौधरी राजेंद्र प्रसाद यादव ने छीन लिया. 1984 के चुनाव में मधेपुरा सीट पर कांग्रेस के चौधरी महावीर प्रसाद यादव विजयी रहे. 1989 में जनता दल ने इस सीट से चौधरी रमेंद्र कुमार यादव रवि को उतारा और उन्होंने जीत का परचम लहराया.
इसके बाद जेपी आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले शरद यादव ने मधेपुरा को अपनी सियासी कर्मभूमि के रूप में चुना. 1991 और 1996 के चुनाव में जनता दल के टिकट पर यहां से जीतकर शरद यादव लोकसभा पहुंचे. 1998 में आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने यहां से चुनाव जीता. 1999 में फिर शरद यादव जेडीयू के टिकट पर यहां से चुनाव जीते. 2004 में फिर लालू प्रसाद यादव ने इस सीट से विजय पताका फहराई. लालू ने इस चुनाव में छपरा और मधेपुरा दो सीटों से लोकसभा का चुनाव जीता. हालांकि, मधेपुरा से उन्होंने इस्तीफा दे दिया और इसके बाद फिर उपचुनाव हुए. इस बार आरजेडी के टिकट पर राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव जीतकर लोकसभा पहुंचे. 2009 में यहां से जेडीयू के शरद यादव फिर जीतने में कामयाब रहे. लेकिन 2014 में यहां से पप्पू यादव की चुनावी किस्मत एक बार फिर खुली और वे आरजेडी के टिकट पर जीतकर लोकसभा पहुंचे. हालांकि बाद में उन्होंने आरजेडी से नाता तोड़ लिया और अपनी अलग पार्टी बना ली.
विधानसभा सीटों का समीकरण
2008 के परिसीमन के बाद मधेपुरा लोकसभा क्षेत्र में विधानसभा की 6 सीटें आती हैं- आलमनगर, बिहारीगंज, मधेपुरा, सोनबरसा, सहरसा और महिषी. 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में इन 6 सीटों में से 3 पर जेडीयू और 3 पर आरजेडी की जीत हुई थी.
2014 चुनाव का जनादेश
16वीं लोकसभा के लिए 2014 में हुए चुनाव में मधेपुरा सीट से पप्पू यादव उर्फ राजेश रंजन ने आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ा. हालांकि, बाद में पप्पू यादव आरजेडी से अलग हो गए और उन्होंने अपनी अलग पार्टी बना ली. पप्पू यादव को 368937 वोट मिले. तब जेडीयू के टिकट पर शरद यादव उनके सामने थे. शरद यादव को 312728 वोट मिले. बीजेपी के विजय कुमार सिंह 2,52,534 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे थे. इससे पहले 2009 के चुनाव में यहां से जेडीयू के टिकट पर शरद यादव जीते थे. शरद यादव को 370585 वोट मिले थे.  तब उनके सामने थे आरजेडी उम्मीदवार प्रो. रविन्द्र चरण यादव जिन्हें 192964 वोट हासिल हुए थे.

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