सुपौल:विकाश नही तो वोट नही का ऐलान एक सप्ताह पहले करने के बाद भी गांव वालों के दर्द सुनने नही पहुंचे अधिकारी, लोगों में गुस्सा - कोशी लाइव

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Saturday, April 6, 2019

सुपौल:विकाश नही तो वोट नही का ऐलान एक सप्ताह पहले करने के बाद भी गांव वालों के दर्द सुनने नही पहुंचे अधिकारी, लोगों में गुस्सा

कोशी लाइव:
छातापुर। सुपौल।संतोष कुमार भगत

मधुबनी पंचायत के ब्राह्मण टोला के लोगों द्वारा अपने पंचायत में विकाश की मांग को लेकर  बीते सप्ताह विकाश नही तो वोट नही का नारा बुलंद किया गया। जिसकी जानकारी सभी जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी को होने के बाबजूद कोई अधिकारी के द्वारा लोगों से जाकर उनकी दर्द को नही सुना गया। जिसको लेकर लोगों में काफी गुस्सा है। लोगों ने कहा कि मतदान कोलेकर जागरूकता अभियान अधिकारी चला रहे है। लेकिन उनलोगों द्वारा मतदान का बहिष्कार करने का ऐलान एक सप्ताह पहले ही करके गांव के लोग अपने पंचायत की विकाश की बाट जोह रहे है। लेकिन उन लोगों के दर्द को सुन्नेबवाला कोई नही है। गांव के लोगों ने कहा कि उनका गांव आज भी विकाश मामलें में काफी पीछे है। सड़क पुल पुलिया आदि बुनियादी सुख सुविधाओं से वंचित है। लोगों का कहना है कि आज आजादी के 72 साल बीत जाने के बाद भी उनके पंचायत की सड़कों की स्थिति जर्जर है। लोगों ने बताया कि बार बार शिकायत के बाबजूद स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी आज तक ध्यान नही दिये है। लोगों ने कहा कि उनके गांव में 1 हजार से अधिक की आबादी ब्राह्मण और दलित लोगों की है। लेकिन उनसभी लोगों के पंचायत के दर्द को सुनने वाला कोई नही है। लोगों ने कहा कि आज हर जगह विकाश की गंगा बह रही है। लेकिन उनलोगों का गांव आज भी विकाश की रौशनी से वंचित है। स्थानीय योगी प्रसाद, माया कुमार, रोनी कुमार,  कमलाकांत झा, ललित नारायण मिश्र, संजय कुमार झा, पार्वती देवी, सुबोध झा, बेबी देवी, उदय कांत झा, लाल झा, अर्जुन झा, विजय झा, प्रमोद झा, शिवानंद झा, अरविंद झा, इंदर पासवान, ललित कुमार, जोगी झा, संतोष कुमार आदि ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की उपेक्षापूर्ण नीति के कारण 16 साल पहले बने ईंट सोलिंग जर्जर सड़क से वे लोग आवागमन करने के लिये मजबूर है। लोगों ने कहा कि उनकी गांव की सड़क की जर्जर स्थिति को लेकर उनके गांव में कोई शादी का रिश्ता तक लेकर नही आना चाहते है। लोगों ने बताया कि सड़क समेत पुल पुलिया के भी उनके पंचायत में घोर अभाव है। लोगों ने कहा कि 3 पंच वर्षीय कार्यकाल में उनके पंचायत के मुखिया और पसंसभी उनलोगों की  समस्याओं के समाधान को लेकर कोई सराहनीय पहल नही किया। जबकि सांसद और बिधायक तो उनलोगों को केवल कोरा आश्वासन देने का कार्य किया। लोगों ने बताया की उनके गांव के लोग साल 2003 में बनी जर्जर ईंट सोलिंग सड़क से आवागमन करते है। लोगों ने बताया कि उनके पंचायत में साल 2008 में आयी बाढ़ ने भी भीषण तबाही मचाई थी। इसके बाद उनके गांव की बदहाल सड़क की मरम्मति को लेकर कोई अधिकारी अबतक ध्यान नही दिया। लोगों ने बताया कि नहरों की साफ सफाई भी उनके पंचायत में भगवान भरोसे ही है। जिसके कारण कभी नहरों की साफ सफाई नही होती है। किसानों को इसके कारण पटवन की भारी समस्या हर साल होती है। लोगों ने कहा कि स्वच्छ पानी की भी गांव में दिक्कत है। इन सभी समस्याओं के बाबजूद लोगों के द्वारा लिए गये निर्णय के मुद्दे पर कोई अधिकारी अबतक पहल करने नही आये है। लोगों ने कहा कि मतदान केंद्र की विधि व्यवस्था को देखने के लिये भी अब तक कोई अधिकारी नही पहुंचे है। लोगों ने कहा कि अधिकारी केवल झूठे तौर पर मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए संकल्पित होने की बात करते है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की उपेक्षा को लेकर उनलोगों को अपने पंचायत में विकाश होने के मुद्दे पर चिंता होने लगी है। लोगों ने बताया कि वैसे अपने पंचायत की समस्याओं को लेकर स्थानीय ग्रामीण एकजुट होकर अपने गांव की विकाश की मांग को लेकर विकाश नही तो वोट नही का नारा लगाकर निर्णय पर अडिग बने हुये है। लोगों ने कहा कि इसबार उनलोगों को कोरा आश्वासन नही बल्कि अपने गांव में पक्की सड़क समेत सभी बुनियादी सुविधा चाहिये, इसके बाद ही कुछ पहल की बात बनेगी।

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